कभी था साधारण गांव, आज है डीडवाना की सबसे VVIP पंचायत, जानें कैसे बदली मंडा बासनी की तकदीर

Last Updated:June 30, 2026, 12:17 IST
Didwana VVIP Village: डीडवाना जिला बनने के बाद मंडा बासनी ग्राम पंचायत की पहचान पूरी तरह बदल गई है. जिला प्रशासन के अधिकांश प्रमुख कार्यालय, जैसे कलेक्टर कार्यालय, मिनी सचिवालय और सिविल लाइंस इसी पंचायत क्षेत्र में विकसित हो रहे हैं. आने वाले समय में करीब 15 नए सरकारी कार्यालय भी यहीं संचालित होंगे. प्रशासनिक गतिविधियों के तेजी से बढ़ने के कारण लोग अब मंडा बासनी को जिले की सबसे वीवीआईपी ग्राम पंचायत कहने लगे हैं. बेहतर सड़क संपर्क, तेजी से हो रहे विकास और बढ़ती सरकारी मौजूदगी ने इस पंचायत को डीडवाना के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल कर दिया है.
डीडवाना जिला बनने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस ग्राम पंचायत की हो रही है, वह है मंडा बासनी. कभी सामान्य ग्रामीण पंचायत के रूप में पहचान रखने वाला यह इलाका आज प्रशासनिक गतिविधियों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है. हालात ऐसे हैं कि लोग मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि जिला मुख्यालय कहीं और नहीं, बल्कि मंडा बासनी ही है. इस पंचायत की बढ़ती अहमियत ने इसे पूरे जिले की सबसे वीवीआईपी ग्राम पंचायत बना दिया है.
मंडा बासनी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जिला प्रशासन का अधिकांश ढांचा इसी पंचायत की जमीन पर विकसित हो रहा है. कलेक्टर कार्यालय, मिनी सचिवालय, सिविल लाइंस सहित कई प्रमुख सरकारी संस्थानों के लिए यहीं भूमि आवंटित की गई है. आने वाले समय में करीब 15 नए सरकारी कार्यालय भी इसी क्षेत्र में संचालित होंगे, जिससे पंचायत का महत्व और अधिक बढ़ जाएगा.
प्रशासनिक विस्तार के साथ मंडा बासनी की पहचान भी पूरी तरह बदल गई है. पहले जो पंचायत जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में मानी जाती थी, अब उसकी दूरी मुख्यालय से लगभग शून्य किलोमीटर रह गई है. सरकारी कार्यालयों, अधिकारियों की आवाजाही और लगातार हो रहे विकास कार्यों ने इस इलाके को नई पहचान और नई रफ्तार दे दी है.
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धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी मंडा बासनी की अपनी अलग पहचान है. यहां स्थित ऐतिहासिक नागोरिया मठ के बालाजी मंदिर का हाल ही में भव्य स्वरूप में पुनर्निर्माण किया गया है. मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. वहीं इंडोलाव पशु प्रदर्शनी मेला क्षेत्र की पुरानी परंपरा को आज भी जीवंत बनाए हुए है, जहां पशुपालक और किसान बड़ी संख्या में भाग लेते हैं.
एक दौर ऐसा भी था जब इंडोलाव क्षेत्र के मजबूत और मेहनती बैलों की मांग दूर-दराज के जिलों तक रहती थी. खेती-किसानी की रीढ़ माने जाने वाले इन बैलों ने इस क्षेत्र को अलग पहचान दिलाई. आज भले ही आधुनिक कृषि उपकरणों का दौर हो, लेकिन पशुपालन और कृषि की समृद्ध परंपरा अब भी यहां के लोगों की जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है.
भौगोलिक दृष्टि से भी मंडा बासनी बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है. यह पंचायत नागौर रोड, लाडनूं रोड और डीडवाना रेलवे स्टेशन रोड जैसे प्रमुख मार्गों से घिरी हुई है. शानदार सड़क संपर्क के कारण यहां पहुंचना आसान है, जिससे प्रशासनिक कार्यों के साथ व्यापार, आवागमन और विकास गतिविधियों को भी लगातार गति मिल रही है.
मंडा बासनी ग्राम पंचायत में मंडा बासनी, अमरपुरा, गरदेजया बासनी, राहड़ों की ढाणी और इंडोलाव की ढाणी जैसे गांव शामिल हैं. यहां के अधिकांश परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं. किसान मौसम के अनुसार फसलें उगाते हैं, जबकि भेड़-बकरी पालन भी बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका का मजबूत आधार है. प्रशासनिक विकास और पारंपरिक ग्रामीण जीवन का यह अनूठा संगम मंडा बासनी को डीडवाना की सबसे खास पंचायत बना रहा है.
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