बैंक मैसेज देखते ही उड़े होश! VDO के खाते से उड़ गए 2.11 लाख रुपये, साइबर ठगों ने ऐसे बनाया शिकार

Last Updated:July 02, 2026, 11:19 IST
Kota VDO Cyber Fraud Case: कोटा के सांगोद में ग्राम विकास अधिकारी दिनेश मीणा ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का शिकार हो गए. साइबर ठगों ने उनके खाते से 2.11 लाख रुपये उड़ा दिए, लेकिन इस बड़ी ठगी का खुलासा तब हुआ जब उन्होंने सिर्फ 500 रुपये का भुगतान किया. बैंक मैसेज में बैलेंस कम दिखने पर उन्होंने खाते की जांच की, जिसमें कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए. शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर क्राइम सेल हरकत में आ गई. जांच एजेंसियां बैंक खातों, ट्रांजैक्शन आईडी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध बैंक लेन-देन की स्थिति में तुरंत बैंक, साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
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कोटा के सांगोद में ग्राम विकास अधिकारी दिनेश मीणा ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का शिकार हो गए
कोटा. राजस्थान के कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ग्राम विकास अधिकारी ही साइबर ठगों का शिकार हो गए. वीडीओ दिनेश मीणा साइबर ठगों का शिकार हुए हैं. शातिर बदमाशों ने उनके बैंक खाते से 2 लाख 11 हजार रुपये पार कर दिए. हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी धोखाधड़ी की जानकारी पीड़ित को तब हुई, जब उन्होंने महज 500 रुपये का एक सामान्य ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किया.
बपावर खुर्द निवासी ग्राम विकास अधिकारी दिनेश मीणा ने अपने बैंक खाते से 500 रुपये का भुगतान किया था. ट्रांजैक्शन पूरा होने के बाद उनके मोबाइल फोन पर बैंक की ओर से मैसेज आया. मैसेज में खाते की शेष राशि अपेक्षा से काफी कम दिखाई दी. यह देखकर उन्हें संदेह हुआ. इसके बाद उन्होंने तुरंत अपने बैंक खाते और बैंक स्टेटमेंट की जांच की. जांच करने पर सामने आया कि अज्ञात साइबर ठगों ने उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 2 लाख 11 हजार रुपये निकाल लिए थे.
खाते से बड़ी रकम गायब होने से वीडीओ के उड़े होश
खाते से इतनी बड़ी रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही ग्राम विकास अधिकारी के होश उड़ गए. उन्होंने बिना देर किए बैंक अधिकारियों से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी ली. इसके बाद दिनेश मीणा ने स्थानीय पुलिस और साइबर क्राइम सेल को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन डिटेल्स के आधार पर उन खातों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई.
ट्रांजैक्शन आईडी और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं
पुलिस के द्वारा संबंधित ट्रांजैक्शन आईडी और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके. पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत मिलने से रकम को होल्ड कराने और आरोपियों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए किसी भी संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलते ही तुरंत बैंक, साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय पुलिस को सूचना देनी चाहिए. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और साइबर ठगों की तलाश की जा रही है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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