कल राजस्थान में कहां बरसेंगे बादल? जानें आपके जिले में बारिश होगी या नहीं

Rajasthan Weather Tomorrow. राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और आने वाले चार से पांच दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश वाले रहने वाले हैं. आईएमडी ने कल यानी सोमवार को राजस्थान के 38 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. आईएमडी और जयपुर मौसम केंद्र के ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन लगातार पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके प्रभाव से राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां और तेज होंगी. विशेष रूप से 6 से 9 जुलाई के बीच पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है.
आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है. यह सिस्टम अगले 24 घंटों में उत्तर ओडिशा तट पार कर उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा. इसके साथ सक्रिय मानसूनी ट्रफ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़, उत्तर ओडिशा होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. इसी वजह से राजस्थान में नमी की आपूर्ति लगातार बनी रहेगी और बारिश का दौर तेज होगा.
राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और आने वाले चार से पांच दिन प्रदेश के कई जिलों भारी बारिश के आसार
इन संभागों में अगले 5-7 दिन सक्रिय रहेगा मानसून
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले 5 से 7 दिन तक मानसून सक्रिय रहेगा. इस दौरान अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज होने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि 6 से 9 जुलाई के दौरान दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी और कहीं-कहीं अतिभारी बारिश हो सकती है.
सोमवार को राजस्थान के 38 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट
इन जिलों में भारी और अतिभारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, चित्तौड़गढ़, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, झालावाड़, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं उदयपुर, सलूम्बर और सिरोही जिलों में अलग-अलग स्थानों पर अतिभारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
पश्चिमी राजस्थान में भी बढ़ेगी बारिश
अब तक अपेक्षाकृत कम बारिश वाले पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून रफ्तार पकड़ेगा. जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई जिलों में आगामी दिनों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 7 और 8 जुलाई को बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, पाली, नागौर, जोधपुर, चूरू और डीडवाना-कुचामन सहित कई जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
6 से 9 जुलाई तक जयपुर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर संभाग में मानसून सक्रिय रहेगा
राजस्थान के 38 जिलों में आईएमडी का अलर्ट
• सोमवार को राजस्थान के 38 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट.
• 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना.
• बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन मानसून को करेगा और मजबूत.
• 6 से 9 जुलाई तक भारी से अतिभारी बारिश के आसार.
• जयपुर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर संभाग में मानसून रहेगा सक्रिय.
• उदयपुर, सलूम्बर और सिरोही में अतिभारी बारिश की चेतावनी.
• पश्चिमी राजस्थान में 7-8 जुलाई को बारिश बढ़ने की संभावना.
• मानसूनी ट्रफ राजस्थान से होकर सक्रिय बनी हुई है.
• किसानों को मौसम देखकर कृषि कार्य करने की सलाह.
• जलभराव, वज्रपात और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील.
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना बनी हुई है
मानसून आगे बढ़ने के लिए अनुकूल है परिस्थितियां
आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनूं, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले तीन दिनों में मानसून के राजस्थान के शेष हिस्सों सहित गुजरात, हरियाणा और पंजाब के बाकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. मौसम विभाग ने लोगों को भारी बारिश, जलभराव, वज्रपात और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से सतर्क रहने की सलाह दी है. किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की अपील की गई है. आने वाले दिनों में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरे शबाब पर रहने की संभावना है.
राजस्थान में भारी बारिश का मुख्य कारण क्या है
राजस्थान में बारिश बढ़ने का मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन और सक्रिय मानसूनी ट्रफ है. यह सिस्टम लगातार नमी राजस्थान की ओर भेज रहा है. इसी वजह से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यह प्रभाव जारी रहेगा, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है.
किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की संभावना है
मौसम विभाग ने उदयपुर, सलूम्बर और सिरोही में अतिभारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और कई अन्य जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है.
पश्चिमी राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा
पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है. मौसम विभाग के अनुसार बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, पाली, नागौर, जोधपुर, चूरू और डीडवाना-कुचामन सहित कई जिलों में 7 और 8 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
मौसम विभाग ने लोगों को क्या सलाह दी है
आईएमडी ने लोगों से भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है. मेघगर्जन और वज्रपात के समय खुले स्थानों पर न रुकने और सुरक्षित भवनों में शरण लेने को कहा गया है. किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बुवाई, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है.
अगले कुछ दिनों में मानसून की स्थिति कैसी रहेगी
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान के शेष हिस्सों में भी आगे बढ़ेगा. जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में अगले 5 से 7 दिन तक मानसून सक्रिय रहेगा. इससे अधिकांश जिलों में नियमित बारिश होने की संभावना है. प्रदेश में तापमान में गिरावट आएगी और उमस से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.



