Venezuela Earthquake Survivor Miracle: 55 घंटे लड़ता रहा जिंदगी की जंग टूटी पसलियां पर हौसला नहीं आंखों के सामने देखा प्रलय फिर चमत्कार

Last Updated:July 05, 2026, 15:05 IST
Venezuela Earthquake Miracle: वेनेजुएला में आए भूकंप के बाद रेस्क्यू अभियान अब भी चल रहा है. इस दौरान एक शख्स को मलबे के अंदर से पूरे 7 दिन और 2 घंटे के बाद निकाला गया. हैरानी की बात ये थी वो अब भी जिंदा था और चमत्कार के इंतजार में था, जो उसने अपनी आंखों से देखा.
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55 घंटे बाद मलबे ने निकली ज़िंदगी. (रॉयटर्स)
दक्षिणी अमेरिकी देश वेनेजुएला पहले ही राजनैतिक झंझावतों से गुजर रहा है कि यहां पर आए भूकंप ने मानो इसके हौसले ही तोड़ दिए. राजधानी कराकस से लेकर देश के कई हिस्सों में अब भी मलबों के बीच जिंदगी की तलाश की जा रही है. भूकंप के एक हफ्ते के अंदर ही वेनेजुएला सरकार के मुताबिक भूकंप में मरने वालों कि संख्या बढ़कर 2954 हो गई है. करीब 16000 लोग बेघर हो चुके है और राहत शिविरों में रह रहे हैं. वहीं कुछ लोग अभी तक लापता बताए जा रहे है और उनकी संख्या 41000 से ज्यादा बताई जा रही है.
राहत और बचाव कार्यों में लगभग 30000 सरकारी कर्मचारियों के साथ 3281 अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू वर्कर्स भी जुटे है. राहत के लिए बनाए गए फील्ड अस्पताल में अब तक 400 मरीजों का इलाज किया जा चुका है. इस अस्पताल में लगभग 30 सर्जरी भी हो जा चुकी हैं. अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर पीटर होल्ज ने बताया कि शुरुआत में अधिकतर मरीज भूकंप में लगी चोटों के कारण आए थे. अब आगे उनके इलाज और सर्जरी के बाद की देखभाल की जा रही है.
55 घंटे जिंदगी की जंग लड़कर जीता जुआन
वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप में एक शख्स 55 घंटे तक फंसा रहा. उसने पहले अपनी आंखों के आगे प्रलय देखा, जो सबकुछ बर्बाद कर देने में लगा था और फिर चमत्कार ऐसा कि उसे बचाने के लिए मानो फरिश्ते आए. जुआन जापाटा नाम के इस शख्स ने बताया कि वह रात का खाना खाकर नहाने जा रहे थे, तभी तेज झटकों ने उन्हें एक कोने से दूसरे कोने में फेंक दिया था. जब उनकी आंख खुली तब वह अपने पांचवें मंजिल के फ्लैट में नहीं बल्कि मलबे के नीचे दबे हुए थे. दो घंटे और सात दिन बाद नागरिक बचाव कर्मी उन तक पहुंच पाए और उन्हें जिंदा बाहर निकाला गया. फिलहालजुआन जापाटा को पहले ला गुआइरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी कई पसलियां टूट गईं है और शरीर पर गहरे घाव है. उन्होंने कहां कि उनका घर और सारी संपत्ति खत्म हो गयी, लेकिन वह खुद बच गए यही बहुत बड़ी बात है. भूकंप में उनका फोन और पहचान पत्र भी खो गया है, जिससे वह अमेरिका में रहने वाली बेटी और कनाडा में रहने वाली बहन से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं.
लाचारी, बेबसी और त्रासदी
भूकंप के बाद सरकार की राहत व्यवस्था पर सवाल उठे रहे हैं. कई स्थानीय लोगों और वॉलंटियर्स का कहना है कि शुरुआती दिनों में राहत सामग्री, दवाईया और भारी मशीनें समय पर नहीं पहुंची. हालांकि सरकारों ने इन आरोपों को खारिज किया है. कई इलाकों में आम नागरिक और बचाव दल अभी भी फंसे हुए लोगों कि तलाश कर रहा है. बच गए लोग भी अपनों का इंतजार कर रहे हैं. कई परिवार परिजनों कि तलाश में राहत टीम के साथ अभी भी लगे है.
About the AuthorPrateeti Pandey
में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें
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