खेतों में लहलहानी थी फसल… लेकिन फैल गया ‘ब्लैक गोल्ड’, पाइपलाइन लीकेज ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी

Last Updated:July 05, 2026, 18:56 IST
Ground Report: जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक हरी-भरी फसल लहलहा रही थी, वहां अब ‘ब्लैक गोल्ड’ (कच्चे तेल) के फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण खेतों में तेल फैल गया, जिससे खड़ी फसल प्रभावित होने लगी और किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है. प्रभावित किसानों का कहना है कि खेती उनकी आजीविका का मुख्य आधार है और इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. कई खेतों में मिट्टी और फसल दोनों प्रभावित हुए हैं, जिससे आगामी उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से लीकेज को तत्काल रोकने, प्रभावित क्षेत्र की सफाई कराने और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है.
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बाड़मेर. मानसून की पहली बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के खेतों में पानी की जगह कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) फैल गया है. बाड़मेर के भाग्यम वेलपेड 12 के पास पाइपलाइन लीकेज के बाद कई बीघा कृषि भूमि प्रभावित हो गई है जहां किसान बुवाई की तैयारी में जुटे थे वहां अब मिट्टी तेल से सनी हुई है.
जिस समय किसान मानसून की पहली बारिश का इंतजार कर खेतों में खरीफ फसल की तैयारियों में जुटे हैं उसी समय कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के रिसाव ने उनकी उम्मीदों पर बड़ा झटका लगा दिया है. जिले के तेल उत्पादन क्षेत्र में भूमिगत पाइपलाइन में लीकेज होने से क्रूड ऑयल कई किसानों के खेतों में फैल गया है. देखते ही देखते उपजाऊ मिट्टी काले तेल की परत से ढक गई और खेतों में तेज गंध फैल गई है.
खरीफ फसल की बुआई की थी तैयारीलोकल18 की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुँची तो सबसे पहले नजर खेतों में फैले उस काले तेल पर पड़ी जिसने मिट्टी का रंग ही बदल दिया है. कहीं तेल मेड़ों तक पहुंच चुका है तो कहीं जमीन में रिसकर मिट्टी को पूरी तरह भिगो चुका है. जिन खेतों में कुछ दिनों बाद बाजरा, मूंग, ग्वार और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई होनी थी वहां अब किसान चिंता में डूबे हुए हैं.
2009 में जमीन अवाप्त,बार बार हो रहा क्रूड ऑयल रिसावबोथिया जागीर निवासी किसान ताराराम मेघवाल के मुताबिक वे कई दिनों से मानसून का इंतजार कर रहे थे. खेत तैयार कर दिए गए है और बारिश के साथ ही बुवाई शुरू करने की योजना है लेकिन पाइपलाइन लीकेज ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया है.उन्होंने कहा कि 2009 में जमीन अवाप्त होने के बाद लगातार क्रूड ऑयल लीकेज की समस्या आ रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए.
महज रिसाव रोकना पर्याप्त नहींवहीं किसान दमाराम मेघवाल के मुताबिक यह पहली बार नहीं है जब पाइपलाइन से तेल का रिसाव हुआ हो. उनका कहना है कि समय-समय पर इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. उनका कहना है कि सिर्फ रिसाव रोक देना पर्याप्त नहीं है बल्कि पाइपलाइन की नियमित जांच और स्थायी समाधान भी जरूरी है.
About the AuthorJagriti Dubey
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