राजस्थान में आखिर कब होंगे पंचायत चुनाव…? निर्वाचन आयोग ने चिट्ठी लिखकर किया साफ…कम से कम 90 दिन चाहिए

Last Updated:July 08, 2026, 11:35 IST
Rajasthan Panchayat Chunav Update : राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव का अब 31 जुलाई तक हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है। इसकी वजह है समय का अभाव। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज विभाग को लिखे पत्र में साफ किया है कि पंचायत और नगर निकाय चुनाव करवाने के लिए कम से कम 90 दिन की आवश्यकता होती है। वहीं इस मामले में भाजपा ने कहा है कि पार्टी स्तर पर तैयारी पूरी है। वह आज भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं.राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव 4 और निकाय चुनाव 2 चरण में करवाने की मंशा जताई है.
Rajasthan Panchayat Chunav Latest Update : राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव कब होंगे यह सवाल अभी अनुत्तरित बना हुआ. ये चुनाव कोर्ट की ओर से दी गई मियाद 31 जुलाई तक तो होना असंभव है. क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज विभाग को लिखे पत्र में अपना रुख साफ कर दिया है. आयोग का कहना है कि पंचायत और नगर निकाय चुनाव करवाने के लिए कम से कम 90 दिन की आवश्यकता है. राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि चुनाव की यह आदर्श स्थिति भी तब बनती है जब राज्य सरकार अपने स्तर पर या ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और महिला वर्ग के लिए आरक्षण का निर्धारण कर देगी. आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ सकेगा. वहीं चुनाव नहीं करवाने की मंशा के विपक्ष के आरोपों से घिरी सत्तारुढ़ भाजपा का कहना है कि पार्टी स्तर पर तैयारी पूरी है. बीजेपी आज भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं.
राजस्थान में पंचायत राज और निकाय के चुनावों को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज विभाग को पत्र लिखकर चुनाव करवाने के लिए 90 दिन की तैयारी का समय मांगा है. निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव चार चरणों में और निकाय चुनाव दो चरणों में करवाने की बात कही है. निर्वाचन आयोग ने अपनी चिट्ठी में यह भी लिखा है कि हाईकोर्ट में समय बढ़ाने के लिए अर्जी लगाने का काम सरकार का रहेगा. सरकार निर्वाचन आयोग को अनुसूचित जाति जनजाति ओबीसी और महिला आरक्षण तय करके पूरी जानकारी भेजें. इसके बाद ही शहरी और ग्रामीण निकाय चुनाव करवा पाना संभव होगा.
कोर्ट ने 31 जुलाई तक निकाय और पंचायत चुनाव करवाने के निर्देशराजस्थान हाई कोर्ट ने बीते 22 मई को एक आदेश दिया था. उसमें कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक निकाय और पंचायत चुनाव करवाने के निर्देश दिए थे. लेकिन अभी तक इन चुनावों को लेकर ओबीसी आरक्षण का निर्धारण नहीं हो सका है. सरकार को ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है. माना जा रहा है कि ओबीसी आयोग के आरक्षण संबंधी रिपोर्ट 14 अगस्त तक आएगी. उसके बाद सरकार को भी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कम से कम 31 अगस्त तक का समय लगेगा. आरक्षण की अंतिम सूचना के बाद ही चुनाव कार्यक्रम घोषित हो पाएगा.
पंचायत चुनाव में 50 और निकाय चुनाव में 40 दिन लगेंगेइस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा है कि बढ़ी हुई पंचायतों और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए पंचायत चुनाव चार चरणों में करवाए जाने प्रस्तावित है. नगर निकाय चुनाव को दो चरणों में करवा लिया जाएगा. आयोग के मुताबिक पंचायत चुनाव प्रक्रिया में करीब 50 दिन लगेंगे. निकाय को चुनाव दो चरणों में कराने पर करीब 40 दिन लगेंगे. यानी आरक्षण तय होने के बाद भी चुनाव में करीब 90 दिन लगेंगे. पहले पंचायत चुनाव होंगे या निकाय यह फैसला आयोग बाद में हालात को देखकर करेगा.
निर्वाचन आयोग का निर्णय हम सबको स्वीकार्य हैवहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का कहना है कि पहली बात तो यह है कि चुनाव के मामले में निर्वाचन आयोग का निर्णय हम सबको स्वीकार्य है. जहां तक ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की बात है तो निर्वाचन आयोग प्राप्त कर रहा है. कांग्रेस ओबीसी को भड़काने का काम करती है तो वह कामयाब नहीं होगी. कोई भड़काने की स्थिति बनेगी भी नहीं. आयोग की रिपोर्ट आ जाएगी तो उसके बाद निर्वाचन आयोग जो भी निर्देश देगा हम पालन करेंगे. पार्टी स्तर पर हमारी तैयारी पूरी है. हम तो आज भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं. अब यदि कांग्रेस यदि टालने के लिए बहाने बनाएगी तो भले ही बनाए.
हार का डर भाजपा को नहीं बल्कि कांग्रेस को सता रहा है. भाजपा की सरकार बनने के बाद अभी तक 71 चुनाव हुए हैं. उनमें से 62 चुनाव भाजपा ने जीते हैं. कांग्रेस किस आधार पर हमें हार का डर बता रही हैं समझ में नहीं आया. जितने भी उपचुनाव हुए हैं वे चाहे स्थानीय निकाय के हों पंचायतों के हों या फिर जिला परिषदों के उनमें ज्यादातर भाजपा ने जीते हैं. विधानसभा में भी उपचुनाव में पहले सात में से कांग्रेस एक जीती है. अब वे क्या ताल ठोक रहे हैं? मदन राठौड़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
सरकार तीन बार ओबीसी आयोग का कार्यकाल बढ़ा चुकी हैसरकार को अभी तक ओबीसी कमिशन की रिपोर्ट भी नहीं मिली है. सरकार तीन बार ओबीसी आयोग का कार्यकाल बढ़ा चुकी है. वहीं पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन नहीं होने पर अवमानना के लिए भी पिटीशन दायर कर दी है. अब हाईकोर्ट में सरकार का क्या जवाब आता है और वह वह आगे पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर क्या निर्देश देता है यह देखने वाली बात होगी.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan



