महिला आयोग का बड़ा एक्शन, पुलिस की लापरवाही पर सवाल; फेक वीडियो पर होगी कार्रवाई

Last Updated:July 08, 2026, 14:59 IST
Ganganagar Rape Case: श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. SIT ने 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिले में अवैध छात्रावासों को 15 दिन में बंद करने को कहा गया है. पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक वीडियो को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी है कि इन्हें शेयर करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पीड़िता के पुनर्वास के भी निर्देश दिए गए हैं.
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श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामला: आयोग के कड़े निर्देश और भ्रामक वीडियो पर कार्रवाई
Ganganagar: श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और तस्करी के गंभीर प्रकरण ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस मामले में अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त कदम उठाए हैं. आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. आयोग ने मामले में स्पष्ट रूप से लापरवाही और निगरानी व्यवस्था में कमी पर गहरी नाराजगी जताई है.
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इन आरोपियों में होटल संचालक, मैनेजर और अन्य लोग शामिल हैं. आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो आरोपी अभी भी फरार हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए. साथ ही, स्थानीय पुलिस की जवाबदेही तय करने और उनकी लापरवाही के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं. जांच को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया है.
प्रशासन को कड़े निर्देश: अवैध संस्थानों पर प्रहारआयोग ने जिले भर में चल रहे बिना पंजीकरण वाले और अवैध छात्रावासों की पहचान करने के लिए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित की है. इन संस्थानों को सुरक्षित तरीके से बंद करने के आदेश दिए गए हैं. इसके अलावा, जिला प्रशासन और बाल कल्याण समिति (CWC) को पीड़िता की सुरक्षा, देखभाल और उसके पुनर्वास हेतु सभी आवश्यक सरकारी सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. मामले की प्रगति पर जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) सौंपनी होगी.
भ्रामक वीडियो पर पुलिस का सख्त संदेशइस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक वीडियो वायरल हो रहे हैं. श्रीगंगानगर पुलिस ने इन सभी वीडियो को पूरी तरह से भ्रामक और फर्जी बताया है. पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड न करें. आयोग ने भी निर्देश दिए हैं कि पीड़िता से संबंधित किसी भी वीडियो या आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया से तुरंत हटाया जाए. साथ ही, ऐसी सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Ganganagar,Ganganagar,Rajasthan



