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कीर्ति सेनन ने करवाई एग फ्रीजिंग, पेट फूलकर हो गया था कुप्पा, फर्टिलिटी एक्सपर्ट से जानें क्या-क्या होती हैं दिक्कतें

Last Updated:July 08, 2026, 17:07 IST

Kriti Sanon eggs freezing: बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने हाल ही के एक इंटरव्यू में साफागोई से कहा है कि उन्होंने एग फ्रीजिंग करवाई है. एग फ्रीजिंग आजकल युवा महिलाओं में नया ट्रेंड है लेकिन उन्हें एग फ्रीजिंग के बाद पेट फूलने की शिकायत होने लगी. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एग फ्रीजिंग करने से सेहत में इस तरह की दिक्कतें होती हैं. इसके लिए हमने बिड़ला फर्टिलिटी सेंटर की डॉ. मुस्कान छाबड़ा से बात की.
कीर्ति सेनन ने करवाई एग फ्रीजिंग, पेट फूलकर हो गया था कुप्पा, क्यों Zoomडॉ. मुस्कान छाबड़ा.

दिलकश अदाकारा कृति सेनन 35 साल की हो चुकी हैं. शादी नहीं की है और फिलहाल शादी करने का इरादा भी नहीं है. लेकिन उन्होंने इससे पहले समझदारी दिखा दी है. कृति सेनन ने अपना बोल्ड स्टेटमेंट देते हुआ बताया है कि उन्होंने 5 साल पहले ही अपनी एग्स फ्रीजिंग करा चुकी हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर जल्दी बच्चा नहीं चाहती तो महिला को समय पर एग्स फ्रीजिंग करवा लेनी चाहिए ताकि बाद में प्रेग्नेंसी की जटिलताओं से बचा जा सके. इसी कारण आजकल बड़ी-बड़ी सेलीब्रिटी 25 से 30 साल की उम्र में ही एग फ्रीजिंग करा लेती हैं. लेकिन कृति सेनन ने एक और बात कही जिसपर ध्यान देने की जरूरत है. कृति सेनन ने कहा कि एग्स फ्रीजिंग के बाद कुछ दिनों तक उन्हें कई परेशानियों से जूझना पड़ा. इस बीच पेट फूल जाता था. ब्लॉटिंग की समस्या हो जाती थी. ऐसे में जो लोग एग्स फ्रीजिंग कराने की सोच रही हैं उनके लिए यह जानना जरूरी है कि एग्स फ्रीजिंग के बाद किस-किस तरह की परेशानियों को झेलना पड़ सकता है और इससे बचने के क्या उपाय है. इसी बात को जानने के लिए हमने बिड़ला फर्टिलिटी सेंटर की डॉ. मुस्कान छाबड़ा से बात की.

10-12 दिनों तक दिए जाते हैं इंजेक्शनबिड़ला फर्टिलिटी सेंटर की फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. मुस्कान छाबड़ा बताती हैं कि आज के समय में करियर या मेडिकल कारणों से युवा महिलाओं में एग्स फ्रीजिंग काफी पॉपुलर हो रही है. इसे मेडिकल टर्म में उसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन कहा जाता है. महिला का शरीर एक जैविक घड़ी के हिसाब से चलता है. हर महीने महिलाओं को पीरियड के दौर से गुजरना पड़ता है और इस प्रक्रिया में दिमाग से लेकर गर्भाशय तक कई तरह के हार्मोन और अन्य जैविक चीजों की हलचलें रहती हैं. पीरियड के बाद कुछ दिनों तक कई तरह के हार्मोन रिलीज होते हैं ताकि महिला की ओवरी में हर महीने एक अंडा बन सके. इस अंडे का जब स्पर्म के साथ फर्टिलाइजेशन होता है तो प्रेग्नेंसी होती है. अगर प्रेग्नेंसी नहीं होती तो यह सारे ब्लड टूटकर पीरियड के दिनों में बाहर निकल आता है. यह सामान्य प्रक्रिया है. जब कोई महिला एग्स फ्रीजिंग कराती है तो प्रशिक्षित डॉक्टर महिला को करीब 10-12 दिनों तक हार्मोनल इंजेक्शन देते हैं. ये हार्मोनल इंजेक्शन इसलिए दिए जाते हैं कि ताकि एक साथ 10 से 15 अंडे बन सकें. चूंकि हम इस प्रक्रिया में कई इंजेक्शन देते हैं और इससे शरीर के नेचुरल हार्मोन में उतार-चढ़ाव होता है, इसलिए स्वाभाविक है कि थोड़ी-बहुत जटिलताएं आए लेकिन ऐसी दिक्कतें नहीं होती कि यह चिंता वाली बात हो. इसमें कुछ मामूली दिक्कतें आती हैं. अगर योग्य और प्रशिक्षित फर्टिलिटी एक्सपर्ट से एग फ्रीजिंग का प्रोसेस करवाया जाए तो इन दिक्कतों का जोखिम भी बहुत कम हो जाता है.

क्या-क्या दिक्कतें आती हैंडॉ. मुस्कान छाबड़ा ने बताया कि वास्तव में जब इंजेक्शन दिए जाते हैं तो कई हार्मोन्स ब्रेन से रिलीज होते हैं. यही हार्मोन हमारे मूड को भी नियंत्रण करते हैं. इसलिए जब शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर अचानक कई गुना बढ़ता है तो शरीर का नेचुरल हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाता है. इस कारण एग्स फ्रीज कराने वाली महिलाओं को अत्यधिक मूड स्विंग्स, अचानक गुस्सा, उदासी, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, स्तनों में भारीपन या दर्द और थकान जैसे हल्के लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है. बढ़े हुए हार्मोन्स के कारण शरीर की कोशिकाएं पानी को होल्ड करने लगती हैं. इससे ओवरी का आकार बढ़ने लगता है जो पेट के निचले हिस्से के अंगों पर दबाव डालने लगता है. ऐसी स्थिति में महिलाओं को पेट में बहुत ज्यादा गैस, कड़ापन और ब्लोटिंग महसूस होती है. कई महिलाओं का वजन भी अस्थायी रूप से बढ़ सकता है. इन स्थितियों में कुछ-कुछ वहीं परेशानियां होती है जो प्रीमैंस्ट्रुअल सिंड्रोम में होती है. हालांकि ये लक्षण इतने हल्के होते हैं कि इससे बहुत ज्यादा घबराने की बात नहीं है. आमतौर पर यदि सुयोग्य डॉक्टरों से एग्स निकलवाया जाता है तो इन लक्षणों के भी कम चांस होते हैं.

डॉक्टर का योग्य होना जरूरीडॉ. मुस्कान छाबड़ा कहती हैं कि किसी महिला को एग फ्रीजिंग के बाद कितनी तरह की दिक्कतें होंगी यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस डॉक्टर से यह पूरा प्रोसेस करवा रहे हैं. अगर डॉक्टर सही से प्रशिक्षित नहीं है तो एग फ्रीजिंग में भी दिक्कतें आ सकती हैं और इससे ज्यादा शरीर में कंप्लीकेशन हो सकते हैं. डॉ. मुस्कान छाबड़ा ने बताया कि अगर सही तरीके से एग फ्रीजिंग नहीं हुई है तो इससे पेट में पानी भी भर सकता है, यहां तक कि ओवरी का साइज बड़ा हो सकता है जिसके कारण बाद में प्रेग्नेंसी में भी दिक्कत आ सकती है. अगर ओवरी में सूई को सही तरीके से नहीं घुसाया गया या सूई को सही तरीके से साफ नहीं किया गया तो इससे ओवरी में इंफेक्शन भी हो सकता है. इससे ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है. इसलिए सुयोग्य डॉक्टरों का चुनाव करें. ऐसे डॉक्टर से एग फ्रीजिंग करवाएं जिन्हें फर्टिलिटी से संबंधित हायर डिग्री हो और वे पहले से इस काम में अनुभवी हो.

एक बार में कितने अंडे फ्रीज करवा सकते हैंडॉ. मुस्कान छाबड़ा के मुताबिक उसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन में हमारी कोशिश होती है कि 10 से 15 अंडे का प्रोडक्शन ओवरी में हो. अगर इतने अंडे बन जाते हैं तो हम इसे सूई के माध्यम से एक छोटे से सर्जिकल प्रोसेस के माध्यम से निकाल कर फ्रीज कर देते हैं.

इन अंडों से कितने दिनों तक बच्चे की संभावना होती हैआमतौर पर इन अंडों को 10 साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है. अंडे निकालने के तुरंत बाद भ्रूण वैज्ञानिक 1 से 3 अंडों को बेहद पतली क्रायोटॉप स्ट्रॉ के अंदर रखते हैं. इसके बाद कई सारी स्ट्रॉ को एक साथ मिलाकर एक बेलनाकार कंटेनर गोब्लेट में रखा जाता है. इस कंटेनर को मेटल की पट्टी लगाकर लॉक कर दिया जाता है. और माइनस 196 डिग्री तापमान पर रख दिया जाता है. अगर यह एक बार खुल गया तो उसी समय सारा प्रोसेस करना पड़ता है.

क्या एक बार फ्रीज किए गए अंडे से कई बार प्रेग्नेंट हुआ जा सकताडॉ. मुस्कान छाबड़ा कहती हैं कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि महिला ने किस उम्र में एग्स फ्रीजिंग करवाई है और एग्स कितने हेल्दी हैं. इसके लिए कई कंडीशन होती है. यह बात पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि एक बार के एग्स फ्रीजिंग से कितने बच्चे होंगे. यह उसी समय पता चलेगा जब अंडे को खोला जाएगा और फिर गर्भाशय में डाला जाएगा. यह बेहद जटिल प्रक्रिया है. इसलिए कुछ भी कहना संभव नहीं है.

कितनी उम्र तक एग्स फ्रीजिंग का समय हैएग्स फ्रीजिंग के लिए 20 से 30 साल की उम्र सही मानी जाती है. न तो कम उम्र और न ही ज्यादा उम्र इसके लिए ठीक है. 20 से 30 के बीच की उम्र को सबसे आदर्श माना जाता है.

About the AuthorLakshmi Narayan

18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें

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