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बच्चों की ताकत को दोगुना करेगी ये 5 मछलियां – हिंदी

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बच्चों की ताकत को दोगुना करेगी ये 5 मछलियां

 

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अक्सर माता-पिता गले में कांटा फंसने के डर से बच्चों को मछली खिलाने से कतराते हैं. लेकिन रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार सही चुनाव और सावधानी से पकाई गई मछली बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए सबसे पौष्टिक आहार है. इसमें मौजूद प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन डी और बी12 मांसपेशियों, हड्डियों, आंखों और दिमाग को मजबूत बनाते हैं. बच्चों के लिए 5 सबसे सुरक्षित और कम कांटों वाली मछलियां के बारे में डॉ. इकबाल ने बताया है. इसमें पहला नाम है सैल्मन का है. सैल्मन ओमेगा-3 से भरपूर है जो याददाश्त और आंखों के लिए बेहतरीन है. इसका मांस मुलायम होता है और कांटे बहुत कम होते हैं. इसी तरह बासा मछली है. यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत, बेहद नरम और कम कांटों वाली होती है. इसके फिश फिंगर्स आसानी से बनते हैं. तीसरी है तिलापिया. इसमें बारीक कांटे नहीं होते और बड़े कांटे आसानी से निकल जाते हैं. यह बच्चों के लिए सुरक्षित है.चौथी मछली है कॉड. यह आसानी से पचने वाली इस सफेद मछली में प्रोटीन अधिक और फैट कम होता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाती है. पांचवी मछली है सोल फिश. पहली बार मछली खा रहे बच्चों के लिए बेस्ट है. इसमें मर्करी (पारा) का स्तर भी कम होता है. हालांकि बच्चों को हमेशा ताजी और अच्छी तरह पकी मछली ही दें. एक साल से छोटे बच्चों को बिना डॉक्टरी सलाह के मछली न खिलाएं. यदि परिवार में किसी को फूड एलर्जी है, तो शुरुआत करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें.

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