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मानसून में खतरे की घंटी! राजस्थान के 370 जर्जर स्कूल भवनों पर मंडराया संकट, कार्रवाई अब भी फाइलों में

Last Updated:July 09, 2026, 15:11 IST

Rajasthan school news: राजस्थान में मानसून के बीच 370 जर्जर और नकारा सरकारी स्कूल भवनों के कारण बच्चों की सुरक्षा खतरे में है. नए सत्र में ही तीन स्कूल भवन गिरने के बाद शिक्षा विभाग पर सवाल उठ रहे हैं. शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने कलेक्टर्स को पत्र लिखकर स्कूलों की ऑडिट पूरी करने और छात्रों को अन्य भवनों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, अतिरिक्त शिक्षा निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा ने जर्जर परिसरों की बैरिकेडिंग और छतों की सफाई के आदेश जारी किए हैं.

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मानसून में खतरे की घंटी! राजस्थान के 370 जर्जर स्कूल भवनों पर मंडराया संकटZoomराजस्थान: 370 जर्जर स्कूल भवनों पर बड़ा खुलासा, नए सत्र में 3 इमारतें भी ढहीं

Bikaner: राजस्थान में मानसून की दस्तक के साथ ही सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल इमारतों ने वहाँ पढ़ने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. प्रदेश में करीब 370 सरकारी स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर और नकारा घोषित हो चुके हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इन्हें ढहाने (ध्वस्त करने) की अनुमति से जुड़ी फाइलें अभी भी शिक्षा विभाग और प्रशासनिक दफ्तरों में बंद हैं.

शिक्षा विभाग के अधिकारी भले ही सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सचेत होने का दावा कर रहे हों और समय-समय पर निर्देश जारी करने की बात कह रहे हों, ताकि जर्जर भवनों से कोई जनहानि न हो और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. प्रदेश में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही तीन अलग-अलग स्कूल भवनों के गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसने विभाग की कार्यशैली और दावों की पोल खोलकर रख दी है.

कलेक्टर्स को पत्र: सुरक्षा प्रमाण पत्रों का काम अटकाशिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों को लेकर दिशा-निर्देश तो स्कूल खुलने से पहले ही जारी कर दिए थे, लेकिन अभी भी कई स्कूल पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. विभाग ने कागजों में तो इन्हें जर्जर मान लिया है, लेकिन पीडब्लूडी (सार्वजनिक निर्माण विभाग) से भवनों के सुरक्षा प्रमाण पत्र (Safety Certificates) मिलने की धीमी रफ्तार के कारण इन्हें ढहाने के अंतिम आदेश जारी नहीं हो पा रहे हैं.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स को एक विशेष पत्र भेजा है. इस पत्र के जरिए उन्होंने सभी जिलों में स्कूलों की सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) का काम जल्द से जल्द पूरा करवाने का आग्रह किया है. साथ ही, उच्च स्तर से यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूलों के भवन अत्यधिक जर्जर हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से अन्य सुरक्षित सरकारी भवनों या कमरों में शिफ्ट किया जाए.

छतों की सफाई और बैरिकेडिंग के निर्देशअतिरिक्त शिक्षा निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा ने बताया कि मानसून के मद्देनजर सभी जिला और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को विशेष हिदायत दी गई है. उन्होंने कहा कि:

“सभी शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जर्जर घोषित हो चुके स्कूल भवनों और कमरों के चारों तरफ तुरंत बैरिकेडिंग करवाएं ताकि बच्चे उनके पास न जाएं. इसके साथ ही, चालू स्कूल परिसरों के पास पानी जमा नहीं होने देने और मानसून की बारिश से पहले स्कूलों की छतों को पूरी तरह साफ रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सीलन या पानी टपकने से कोई नया खतरा पैदा न हो.” — शैलेन्द्र देवड़ा, अतिरिक्त शिक्षा निदेशक

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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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