National

अंतरिक्ष से होगी सुरक्षित वापसी, ISRO ने गगनयान मिशन पर पार किया बड़ा पड़ाव

होमताजा खबरदेश

अंतरिक्ष से होगी सुरक्षित वापसी, ISRO ने गगनयान मिशन पर पार किया बड़ा पड़ाव

Last Updated:July 09, 2026, 21:23 IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश के पहले मिशन गगनयान की तैयारी में एक और बड़ी सफलता हासिल की है. इसरो ने पांचवां इंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयर-ड्रॉप टेस्ट (IMAT-05) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है.अंतरिक्ष से होगी सुरक्षित वापसी, ISRO ने गगनयान मिशन पर पार किया बड़ा पड़ावZoomइंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयर-ड्रॉप टेस्ट (IMAT-05) ट्रायल सफल रहा है.

नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश के पहले मिशन गगनयान की तैयारी में एक और बड़ी सफलता हासिल की है. इसरो ने पांचवां इंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयर-ड्रॉप टेस्ट (IMAT-05) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस ट्रायल के जरिए गगनयान के क्रू मॉड्यूल की गति कम करने और उसे सुरक्षित वापस लाने वाले रिकवरी सिस्टम की क्षमता को परखा गया है. यानी अब गगनयान से सुरक्षित वापसी हो सकेगी.

यह ट्रायल मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADRDE) में किया गया. इसके लिए भारतीय वायुसेना के IL-76 विमान से गगनयान के पूरे डिसेलरेशन सिस्टम से लैस एक मास सिम्युलेटर को 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से गिराया गया. परीक्षण के दौरान साइंटिस्‍ट ने पूरे रिकवरी प्रोसेस पर लगातार नजर रखी.

इस ट्रायल में पैराशूट सिस्टम के सभी फेज की जांच की गई. सबसे पहले दो एपेक्स कवर सेपरेशन पैराशूट ने सुरक्षा कवर को अलग किया. इसके बाद दो ड्रोग पैराशूट खुले, जिन्होंने नीचे उतर रहे मॉड्यूल को स्थिर किया. तय योजना के अनुसार ड्रोग पैराशूट अलग होने के बाद तीन पायलट पैराशूट सक्रिय हुए, जिन्होंने तीन मुख्य पैराशूटों को बाहर निकाला. अंत में तीनों मुख्य पैराशूट पूरी तरह खुल गए और मॉड्यूल की गति को सुरक्षित स्तर तक कम कर दिया. इसरो के अनुसार पूरा क्रम प्‍लान के अनुसार सफल रहा.

गगनयान मिशन में यह पैराशूट तकनीक सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा तकनीकों में से एक है. अंतरिक्ष से लौटते समय यही सिस्टम क्रू मॉड्यूल की रफ्तार कम करता है, जिससे समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग हो सके और अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.

इसरो पिछले कुछ समय से गगनयान मिशन के विभिन्न सिस्टमों का लगातार ट्रायल कर रहा है. इनमें क्रू एस्केप सिस्टम, प्रोपल्शन मॉड्यूल और रिकवरी सिस्टम शामिल हैं. IMAT-05 की सफलता से गगनयान मिशन की तैयारियों को नई मजबूती मिली है. हर सफल ट्रायल के साथ भारत अपने पहले स्वदेशी मानव अंतरिक्ष मिशन के और करीब पहुंच रहा है. यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.

About the AuthorSharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

New Delhi,Delhi

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj