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वीरेंद्र सहवाग ने खूब कोशिश कर ली नहीं टूट पाया ये रिकॉर्ड, अब तो वैभव सूर्यवंशी से ही उम्मीद है

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सहवाग ने खूब कोशिश कर ली नहीं टूट पाया ये रिकॉर्ड, अब तो वैभव से ही उम्मीद है

Last Updated:August 10, 2026, 11:35 IST

Vaibhav Sooryavanshi can Break Brian Lara Recrod: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी हर मैच में एक न एक रिकॉर्ड बनाते हैं या फिर तोड़ते हैं. हालांकि, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का करियर अभी शुरू ही हुआ है. ऐसे में उनके पास अनगिनत रिकॉर्ड बनाने के मौके हैं, लेकिन एक रिकॉर्ड ऐसा है जिसे पिछले 22 साल से कोई नहीं तोड़ सका और फिलहाल उसके टूटने की संभावना भी नहीं दिख रही है, लेकिन वैभव उसे शायद तोड़ सकते हैं.Amazon Prime DayTop Deals Insideसहवाग ने खूब कोशिश कर ली नहीं टूट पाया ये रिकॉर्ड, अब तो वैभव से ही उम्मीद हैZoomभारतीय क्रिकेट टीम के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने पूरी दुनिया में अपनी विस्फोटक बैटिंग से धूम मचा रखी है. महज 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले वैभव को देखकर हर कोई हैरान है. वैभव ने अभी टीम इंडिया के लिए सिर्फ टी20 में डेब्यू किया है, लेकिन उनके टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में भी डेब्यू की बात होने लगी है. वैभव जल्द ही दलीप ट्रॉफी में एक्शन में नजर आएंगे. दलीप ट्रॉफी लाल गेंद से खेली जाने वाली घरेलू प्रतियोगिता है. खुद वैभव ने भी अपनी इच्छा जाहिर की है कि वह भारतीय टीम के लिए टेस्ट की जर्सी पहनना चाहते हैं.

हालांकि, वैभव के लिए टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करना आसान नहीं होगा. वैभव अभी लिमिटेड ओवरों के जिस भी टूर्नामेंट में उतर रहे हैं उसमें वो कोई न कोई रिकॉर्ड बनाते हैं या फिर तोड़ते हैं. ऐसे में टेस्ट क्रिकेट में अगर वैभव को खेलने का मौका मिलता है उनके निशाने पर वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ब्रायन लारा का वो रिकॉर्ड होगा जो पिछले 22 साल से अटूट है. उस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए वीरेंद्र सहवाग ने कई बार कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली, लेकिन वैभव में वो प्रतिभा है कि वह लारा के टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं.

क्या है टेस्ट क्रिकेट में ब्रायन लारा सबसे बड़ा रिकॉर्ड.

मॉर्डन डे क्रिकेट के टी20 फॉर्मेट में बल्लेबाजों ने शतक जड़ना आम बना दिया है, लेकिन उसके विपरीत टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो इस फॉर्मेट में रन से ज्यादा बल्लेबाज का धैर्य और संयम मायने रखता है कि वह क्रीज कितनी देर खड़ा रहा. टेस्ट में टी20 के जैसे हर गेंद पर चौके और छक्के देखने को नहीं मिलते. यही कारण है कि टेस्ट में सिर्फ शतक नहीं, दोहरा और तिहरा शतक लगता है, लेकिन लाल गेंद के इस फॉर्मेट में वेस्टइंडीज के दिग्गज ब्रायन लारा ने 400 रन के ऐतिहासिक आंकड़े को छूने का अद्भुत कारनामा किया है.

ब्रायन लारा ने ये कारनामा साल 2004 में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ किया था. इस मैच में लारा ने 582 गेंद का सामना करते हुए नाबाद 400 रनों की पारी खेली थी. अपनी इस पारी में उन्होंने 43 चौके और 4 छक्के लगाए थे. ब्रायन लारा के इस ऐतिहासिक पारी से वेस्टइंडीज ने 751 रन बनाए थे. ऐसे में अब देखना ये होगा कि अगर वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए टेस्ट फॉर्मेट में खेलने का मौका मिलता है तो क्या वह लारा जैसे विस्फोटक अप्रोच के साथ धैर्य और संयम दिखा पाएंगे. अगर वैभव ऐसा करने में सफल होते हैं तो फिर निश्चित रूप से वह टेस्ट में 400 रन के व्यक्तिगत स्कोर के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे.

About the AuthorJitendra Kumar

जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…

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New Delhi,Delhi

First Published :

August 10, 2026, 11:35 IST

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