1983 वर्ल्ड कप के वो गुमनाम हीरो, जिनकी फील्डिंग से कांपते थे बल्लेबाज, हर 11 अगस्त को याद आता उनका ट्रेडमॉर्क छक्का

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1983 वर्ल्ड कप के वो गुमनाम हीरो, जिनकी फील्डिंग से कांपते थे बल्लेबाज
Last Updated:August 11, 2026, 06:01 IST
yashpal sharma birthday special: भारतीय क्रिकेट इतिहास में जब भी 1983 के विश्व कप की बात होती है, तो कपिल देव की पारी या मदन लाल की गेंदबाजी का जिक्र सबसे पहले आता है लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के पीछे पंजाब के एक ऐसे खिलाड़ी का हाथ था, जिसकी फुर्ती के आगे दुनिया के महानतम बल्लेबाज भी क्रीज छोड़ने से कतराते थे. वह नाम था यशपाल शर्मा.यशपाल शर्मा 1983 वर्ल्ड जीत के हीरो, फील्डिंग से भी दिया था कई अहम योगदान
नई दिल्ली. क्रिकेट खेल में एक कहावत सदियों से चली आ रही है और मजे की बात ये है कि खेल के बदलते स्वरूप के साथ इस बात को और बल मिलता चला गया. कहते है कि बल्लेबाजी में फॉर्म जा सकता है, गेंदबाजी मे दिन खराब हो सकता है पर फील्डिंग एक ऐसी चीज है जो आपके हाथ में है और इसमें कोई बहाना नहीं चल सकता. 1983 वर्लड कप की जीत में एक बात की चर्चा बहुत कम होती है वो थी भारतीय टीम के जाबांज फील्डर्स जिनकी कहानी इतिहास के पन्नों में कही दब गई.
भारतीय क्रिकेट इतिहास में जब भी 1983 के विश्व कप की बात होती है, तो कपिल देव की पारी या मदन लाल की गेंदबाजी का जिक्र सबसे पहले आता है लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के पीछे पंजाब के एक ऐसे खिलाड़ी का हाथ था, जिसकी फुर्ती के आगे दुनिया के महानतम बल्लेबाज भी क्रीज छोड़ने से कतराते थे. वह नाम था यशपाल शर्मा.
स्क्वायर लेग से कवर तक: फील्डिंग के ‘सुपरमैन’
यशपाल शर्मा मैदान पर चीते जैसी रफ्तार के लिए जाने जाते थे. 1983 के वर्ल्ड कप में उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा उनकी कड़क फील्डिंग की चर्चा रही. वे स्क्वायर लेग से लेकर कवर तक पूरे मैदान को अकेले संभाल लेते थे. रनआउट के उस्ताद: बल्लेबाजों के पास उनकी चुस्ती के कारण सिंगल चुराने का कोई मौका नहीं होता था.अपनी बेहतरीन थ्रोइंग और डाइविंग से उन्होंने कई अहम मौकों पर बल्लेबाजों को रनआउट कर मैच भारत की झोली में डाला. 1983 के सेमीफाइनल मैच में एलन लैंब जो सेट थे और 29 रन बनाकर खेल रहे थे उनको स्क्वायर लेग से डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट कर मैच का नक्शा बदल दिया था.
बॉब विलिस पर वो यादगार छक्का
बल्लेबाजी में यशपाल शर्मा के नाम कई बेहतरीन पारियां दर्ज हैं, लेकिन इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाज बॉब विलिस के खिलाफ लगाया गया उनका एक छक्का क्रिकेट इतिहास में अमर हो गया. उन्होंने क्रीज से बाहर निकलकर बॉब विलिस की तेज गेंद को स्क्वायर लेग के ऊपर से बाउंड्री के पार भेज दिया था. यह शॉट आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में बसा है और हर साल उनके जन्मदिन पर इस ऐतिहासिक छक्के के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं. इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में उनकी 61 रनों की पारी ने ही भारत के फाइनल का रास्ता साफ किया था. यशपाल शर्मा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन 1983 की वो ऐतिहासिक जीत और मैदान पर उनकी जांबाजी हमेशा भारतीय क्रिकेट फैंस को प्रेरित करती रहेगी.
About the AuthorRajeev MishraAssociate editor
राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 11, 2026, 06:01 IST



