राजस्थान में मानसून मचाएगा तांडव, कोटा-बूंदी सहित 6 जिलों में ऑरेज अलर्ट, 50 Kmph तक दौड़ेंगी हवाएं

जयपुर. राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और उसका रौद्र रूप भी देखने को मिल रहा है. राजस्थान के कई हिस्सों में आज भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि मानसून ट्रफ राजस्थान के बीकानेर से होकर इस सिस्टम के केंद्र तक पहुंच रही है. इसके प्रभाव से दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहने की संभावना है. कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश की भी आशंका जताई गई है.
बारिश के दौरान मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. आईएमडी के अनुसार पिछले 24 घंटे में राज्य में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. प्रदेश में अधिकतम तापमान बीकानेर में 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं 10 अगस्त की देर शाम तक राज्य में औसत आर्द्रता 50 से 100 प्रतिशत के बीच रही. मौसम तंत्रों के सक्रिय होने के कारण आज पूर्वी राजस्थान के साथ पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश के आसार हैं.
पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहने की संभावना है
बीकानेर से गुजर रही मानसून ट्रफ
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार मानसून ट्रफ फिलहाल बीकानेर, मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र, दतिया, डेहरी, बांकोरा और दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है. यह समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है. उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश में बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है. इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है. पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर ट्रफ के रूप में बना हुआ है.
बीकानेर से मानसून ट्रफ गुजर रही है, जिसका असर राजस्थान के कई हिस्सों में दिखाई देगा.
आज इन इलाकों में भारी बारिश
11 अगस्त यानी आज पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. बारां, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और कोटा में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.बारां, भीलवाड़ा बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा
कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट है
आज इन इलाकों में येलो अलर्ट जारी
उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और आसपास के इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं. अजमेर, भीलवाड़ा और टोंक में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं. जयपुर, दौसा, करौली, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, सिरोही और अन्य जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का येलो अलर्ट है.
उदयपुर, अजमेर और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है.
पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश के आसार
पश्चिमी राजस्थान में बारिश का असर पूर्वी हिस्से के मुकाबले कम रहेगा, लेकिन बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. बालोतरा, चूरू, जालोर, जोधपुर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है. कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है.
राजस्थान के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ सकता है
• राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और 11 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
• बीकानेर से मानसून ट्रफ गुजर रही है, जिसका असर राजस्थान के कई हिस्सों में दिखाई देगा.
• मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ेगी.
• कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट है.
• उदयपुर, अजमेर और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है.
12 और 13 अगस्त से राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आएगी.
• कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
• कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है.
• 12 और 13 अगस्त से राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आएगी.
• 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान और 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में मानसून कमजोर होगा.
• बीकानेर में प्रदेश का अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
12-13 अगस्त से घटेगा बारिश का जोर
आईएमडी के अनुसार 12 और 13 अगस्त से भारी बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने लगेगी. हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां तेजी से कमजोर होने की संभावना है, जबकि 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में भी मानसून कमजोर पड़ने लगेगा. इसके बाद आगामी एक सप्ताह प्रदेश में कमजोर मानसूनी परिस्थितियां रहने की संभावना जताई गई है.
14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान और 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में मानसून कमजोर होगा
राजस्थान में 11 अगस्त को मौसम कैसा रहेगा?
11 अगस्त को राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा. पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहने की संभावना है. कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश का अनुमान है. जयपुर, भरतपुर समेत कई जिलों में भी बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाएं चल सकती हैं. पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं.
राजस्थान में बारिश का सिस्टम क्यों मजबूत हुआ है?
राजस्थान में बारिश के पीछे कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं. उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. वहीं मानसून ट्रफ बीकानेर से होकर इसी सिस्टम तक पहुंच रही है और आगे बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है. इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राजस्थान के आसपास ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर मौजूद है. इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बारिश बढ़ी है.
किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
11 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की सबसे ज्यादा संभावना है. कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. उदयपुर और अजमेर संभाग में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश का अनुमान है. इसके अलावा कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.
राजस्थान में मानसून कब कमजोर पड़ने लगेगा?
आईएमडी के अनुसार राजस्थान में बारिश का जोर 12 और 13 अगस्त से धीरे-धीरे कम होने लगेगा. हालांकि इस दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में मानसूनी गतिविधियों में तेजी से कमी आने की संभावना है. वहीं 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में भी बारिश कमजोर पड़ सकती है. इसके बाद आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में कमजोर मानसूनी परिस्थितियां रहने का अनुमान है. यानी भारी बारिश का दौर फिलहाल ज्यादा लंबा नहीं रहेगा.
राजस्थान में तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर क्या चेतावनी है?
11 अगस्त को बारिश के साथ कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है. वहीं कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जैसे क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह है.



