‘खाना बनाओ, सिलाई-कढ़ाई करो’, बयान पर मचा बवाल तो प्रीति जिंटा ने दी सफाई, कहा- बिना फिल्म देखे राय बनाना गलत

नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा अपकमिंग पीरियड ड्रामा ‘बंटवारा 1947’ फिल्म से 8 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं. अब उन्होंने फिल्म में अपने किरदार को लेकर दिए बयान पर चुप्पी तोड़ी है. फिल्म में 1947 के दौर की महिला का किरदार निभाने को लेकर हुई आलोचनाओं का जवाब देते हुए प्रीति ने कहा कि उनकी बातों को गलत संदर्भ में पेश किया गया है. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि फिल्म में महिलाओं के चित्रण को लेकर कोई राय बनाने से पहले वे फिल्म जरूर देखें.
दरअसल, हाल ही में प्रीति जिंटा ने फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में अपने किरदार के दैनिक कामकाज जैसे खाना बनाना, सफाई करना और सिलाई-कढ़ाई करने को लेकर बात की थी. राजकुमार संतोषी के साथ अपनी बातचीत का उन्होंने जो ब्योरा दिया, उसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.
प्रीति जिंटा ने आर्टिकल पर जताया ऐतराज
न्यूज18 इंग्लिश के मुताबिक, इस बीच द प्रिंट ने एक ओपिनियन पीस प्रकाशित किया, जिसका शीर्षक था- डियर राजकुमार संतोषी, 1947 से पहले की भारतीय महिलाएं सिर्फ पत्नियां, मांएं या विद्रोही नहीं थीं. इस आर्टिकल का कड़ा जवाब देते हुए प्रीति जिंटा ने लिखा, ‘मुझे लगता है कि शूटिंग के मेरे अनुभव पर आपकी यह राय पूरी तरह से गलत संदर्भ में ली गई है.’
जल्दबाजी में राय बनाना बिलकुल गलत है
सवाल उठाते हुए प्रीति ने कहा, ‘मैं इस बात से हैरान हूं कि हर कोई बिना पूरी बात और संदर्भ समझे किसी भी बयान पर प्रतिक्रिया देने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाता है? यह एक फिल्म है जो एक विशेष परिवार की कहानी पर आधारित है, इसमें पूरे समाज को लेकर कोई एक राय थोपने की कोशिश नहीं की गई है.’ अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एक्ट्रेस ने लिखा, ‘फिल्म देखे बिना ही निर्देशक या फिल्म के बारे में इस तरह के नतीजे पर पहुंचना न सिर्फ गलत है, बल्कि सरासर अन्याय भी है. पत्रकारिता को जिम्मेदार और निष्पक्ष होना चाहिए.’
प्रीति जिंटा के किस बयान पर शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब प्रीति जिंटा ने स्क्रीन को दिए एक इंटरव्यू में पीरियड ड्रामा फिल्मों में काम करने को लेकर बात की. उन्होंने कहा था, ‘मैं लंबे समय से किसी पीरियड फिल्म में काम करने के लिए बेताब थी. उस दौर के कपड़े, रहन-सहन और खान-पान हमेशा से मुझे आकर्षित करते रहे हैं.’ सेट पर निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए प्रीति ने बताया कि वह अक्सर उनसे पूछती थीं कि अलग-अलग सीन में उनके किरदार को क्या करना है.
‘बंटवारा 1947’ में कैसा है प्रीति जिंटा का रोल?
प्रीति के मुताबिक, राजकुमार संतोषी निर्देश बेहद साधारण होता था कि प्रीति, आप खाना बनाओ. वहीं किसी अगले सीन में उन्हें सफाई करने को कहा जाता, तो कहीं सिलाई-कढ़ाई करने के लिए कहा जाता था. जब प्रीति ने इस पर सवाल किया, तो निर्देशक ने 1947 के दौर की महिलाओं की स्थिति समझाते हुए कहा कि उस दौर में आपके पास एक ही करियर का विकल्प हो सकता है-स्वतंत्रता सेनानी बनने का. इसके अलावा कोई दूसरा करियर नहीं था. आपका परिवार, आपके पति, बच्चे और आपका घर ही आपका करियर है.
इस दिन रिलीज होगी ‘बंटवारा 1947’
बताते चलें कि ‘बंटवारा 1947’ राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी है. इस पीरियड ड्रामा फिल्म में वह एक बार फिर सनी देओल के साथ नजर आएंगी. इसमें शबाना आजमी भी अहम किरदार में दिखेंगी. वहीं, इसका निर्माण आमिर खान कर रहे हैं, जो इससे पहले सुपरहिट फिल्म ‘दिल चाहता है’ में प्रीति के साथ स्क्रीन शेयर कर चुके हैं. ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है.



