Real Mummy Curse : ममी के कटे हुए सिर से निकला श्राप! ऑनलाइन खरीद रहे शौकीन, जो डिलिवरी करने आए वो भी नहीं बचे

कायरो: इजिप्ट की प्राचीन ममीज और उनके साथ जुड़े भयानक श्राप की कहानियां फिल्मों या रहस्यमयी किताबों में जरूर सुनी होंगी. ये कहानिया आज इंटरनेट दौर में सच साबित हो रही है. लोग सोशल मीडिया नीलामी और ऑनलाइन वेबसाइट से मौत का सामान ऑर्डर कर रहे हैं. हाल ही में हुई एक चौंकाने वाली स्टडी में ये खौफनाक बात सामने आई है. ऑनलाइन नीलामी साइटों पर बिकने वाले ममीफाइड इंसानी शरीर और जानवरों के अवशेषों के साथ ऐसा कुछ ट्रांस्फर हो रहा है, जो पार्सल पहुंचाने आए डिलीवरी बॉयज के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है.
इंसानी कटे सिर, हाथ और पैर खुलेआम बिक रहे
स्टाफोर्डशायर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की अनोखी स्टडी अंतर्राष्ट्रीय जर्नल ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कल्चरल प्रॉपर्टी’ में प्रकाशित हुई है. इस शोध ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर खुलेआम बिक रहे प्राचीन इंसानी शरीर के हिस्सों में छिपे बायोहाज़र्ड यानी जैविक खतरे की पूरी पोल खोलकर रख दी है.
शोधकर्ताओं ने इंटरनेट के काले बाजार में मौजूद 128 ऐसे ऑनलाइन पोस्ट और ऑक्शन लिस्टिंग्स का बहुत गहराई से विश्लेषण किया, जहां ममीकृत अवशेष धड़ल्ले से बेचे जा रहे थे. इस जांच में जो भयानक बातें सामने आईं, वो किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती हैं. इस स्टडी में पाया गया कि कटे हुए इंसानी हाथ और पैर सबसे ज्यादा ऑनलाइन बेचे जा रहे हैं.
इंसानी खोपड़ियां और कटे सिर: लगभग आधे से ज़्यादा लिस्टिंग्स में इंसान के कटे हुए सिर शामिल थे, जो अलग-अलग स्थितियों में सुखाकर या केमिकल लगाकर रखे गए थे.
बिना ग्लव्स के धड़ल्ले से हैंडलिंग: सबसे हैरान और डराने वाली बात ये रही कि बेचने वाले तस्कर बिना किसी ग्लव्स या सुरक्षा मानकों के इन इंसानी अवशेषों को अपने नंगे हाथों से छू रहे थे और फोटो खिंचवाकर ऑनलाइन पोस्ट कर रहे थे.
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि भले ही किसी अवशेष पर फंगस या सड़न बाहर से साफ नजर न आ रही हो, फिर भी सूक्ष्म जीवाणु उसके अंदर गहराई में मौजूद हो सकते हैं. यानी देखने में बिल्कुल ठीक-ठाक लगने वाला इंसानी अवशेष भी घर में रखा एक ऐसा साइलेंट किलर साबित हो सकता है जो धीरे-धीरे हवा में ज़हर घोलता है.
डाकियों और कूरियर वालों की जिदगी भी दांव पर
स्टडी में ये भी पाया गया कि इन इंसानी अवशेषों को बेचने वाले लोग डाकिया, कूरियर सेवाओं और अंतर्राष्ट्रीय पोस्टल नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं. ममीकृत बॉडी पार्ट्स को बिना किसी सुरक्षित, सीलबंद या स्पेशल बायोलॉजिकल पैकिंग के साधारण पार्सल की तरह देश-विदेश में भेजा जा रहा है.
शोध की प्रमुख लेखक और स्टाफोर्डशायर यूनिवर्सिटी में ह्यूमन बायोआर्कियोलॉजी की प्रोफेसर डॉ कर्स्टी स्क्वायर्स ने बताया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में सांस्कृतिक धरोहरों और ममीकृत अवशेषों की तस्करी बहुत तेजी से बढ़ी है. इन्हें सही तरीके से न रखने और पैकिंग की भारी खराबी के कारण इनके अंदर खतरनाक फंगस पनपने लगता है. बेचने वाले लोग सिर्फ मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि जब इन पार्सल को सामान्य कूरियर से भेजा जाता है तो अनजाने में इसे उठाने वाले कस्टम अधिकारियों, पोस्टल कर्मचारियों और कूरियर बॉयज़ की सुरक्षा भी भारी खतरे में पड़ जाती है. वो बिना यह जाने कि डिब्बे के अंदर क्या है, मौत का सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे हैं.
जब शोध के लिए खोला गया मकबरा
ममी से निकलने वाले फंगस के बीजाणु कितने जहरीले और जानलेवा हो सकते हैं, इसका इतिहास में एक बेहद दर्दनाक उदाहरण दर्ज है.
किंग कैसिमिर IV का मकबरा: 1970 के दशक में पोलैंड के क्राकोव में राजा कैसिमिर IV जेगियेलन के मकबरे को शोध के लिए खोला गया था. उस समय मक़बरे में प्रवेश करने और उसके संरक्षण कार्य में लगे 12 महान वैज्ञानिकों में से 10 की मौत हो गई थी. वे सभी एस्परजिलस नाम के बेहद खतरनाक फंगस के बीजाणुओं को सांस के जरिए शरीर के अंदर खींचने के शिकार हुए थे.
तुतनखामुन की ममी और लार्ड कार्नारवॉन: माना जाता है कि मशहूर मिस्र के राजा तुतनखामुन के मकबरे की खोज करने वाले लॉर्ड कार्नारवॉन की रहस्यमयी मौत भी इसी एस्परजिलस फंगस के भयानक इन्फेक्शन की वजह से ही हुई थी.
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये फंगल स्पोर्स सैकड़ों-हजारों सालों तक डॉर्मेंट अवस्था में जमीन के नीचे या हवा बंद डिब्बों में जीवित रह सकते हैं. जैसे ही ममी या अवशेषों को छेड़ा जाता है, ये हवा में तेजी से फैल जाते हैं और इंसान के फेफड़ों में घुसकर सीधे मौत का कारण बनते हैं. इसके अलावा, प्राचीन काल में शवों को खराब होने से बचाने के लिए आर्सेनिक, पारा और लेड जैसे जहरीले रसायनों का इस्तेमाल होता था, जो आज भी इन अवशेषों में वैसे के वैसे मौजूद रहते हैं.
ऑनलाइन बाजार पर कड़े नियम और निगरानी की मांग
इस बड़ी रिसर्च टीम में विल्नियस यूनिवर्सिटी, सालेन्टो यूनिवर्सिटी, मेसिना यूनिवर्सिटी और एडिलेड यूनिवर्सिटी के अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक शामिल थे. इन सभी एक्सपर्ट्स ने एक सुर में ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया कंपनियों, कूरियर एजेंसियों और अंतर्राष्ट्रीय कस्टम अधिकारियों से सख्त से सख्त नियम बनाने की पुरज़ोर अपील की है.
डॉ स्क्वायर्स ने कहा कि जब तक इस अवैध और बिना नियम वाले खतरनाक बाजार पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आम जनता को भी खुद बहुत सतर्क रहना होगा. अगर किसी को भी इंटरनेट या सोशल मीडिया पर इंसानी या ममीकृत अवशेषों की ऐसी संदेहास्पद बिक्री दिखती है, तो तुरंत सुरक्षा अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए.



