मजहब की दीवारें पड़ी छोटी, 40 साल से बाबा श्याम की सेवा कर रहे अमानत अली, बोले- ईश्वर और अल्लाह एक हैं

होमताजा खबरधर्म
40 साल से बाबा श्याम की सेवा कर रहे अमानत अली, बोले- ईश्वर और अल्लाह एक हैं
Last Updated:August 16, 2026, 08:50 IST
Baba Shyam devotee Amanat Ali: सीकर के खाटूश्याम जी मंदिर में आस्था और इंसानियत की ऐसी मिसाल देखने को मिलती है, जो मजहब की सीमाओं से परे है. खाटू कस्बे के रहने वाले अमानत अली पिछले करीब 40 वर्षों से बाबा श्याम के दरबार में सेवा कर रहे हैं. वह रोज सुबह करीब 4:30 बजे मंदिर पहुंचकर साफ-सफाई, सीढ़ियां धोने और श्रद्धालुओं की मदद जैसे काम करते हैं. अमानत अली भजन गायक भी हैं और बाबा श्याम के भजनों के जरिए उनकी महिमा का गुणगान करते हैं. उनका कहना है कि ईश्वर और अल्लाह में कोई भेद नहीं है और सच्ची श्रद्धा के सामने मजहब की दीवारें छोटी पड़ जाती है.
ख़बरें फटाफट
सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित बाबा श्याम का दरबार आस्था और श्रद्धा का ऐसा केंद्र है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं. बाबा श्याम को लेकर भक्तों में गहरी आस्था है. लेकिन इस दरबार की सबसे खास बात यह है कि यहां भक्ति मजहब की सीमाओं से परे नजर आती है. इसका जीवंत उदाहरण हैं खाटू कस्बे के रहने वाले अमानत अली, जो पिछले करीब 40 वर्षों से बाबा श्याम के मंदिर में नियमित रूप से सेवा कर रहे हैं.
अमानत अली बताते हैं कि उनका खाटूश्याम जी मंदिर से रिश्ता आज का नहीं, बल्कि बचपन से है. उनका कहना है कि जब से उन्होंने होश संभाला, तब से बाबा श्याम के दरबार में आते रहे हैं. अब उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी दिनचर्या नहीं बदली है. वह रोज सुबह करीब 4:30 बजे मंदिर पहुंच जाते हैं और देर रात तक सेवा में जुटे रहते हैं. मंदिर पहुंचकर अमानत अली साफ-सफाई से लेकर सीढ़ियां धोने तक का काम करते हैं. उनके लिए यह महज काम नहीं, बल्कि बाबा श्याम की सेवा है.
भजनों के जरिए बाबा श्याम की महिमा का करते हैं गुणगान
मंदिर में आने वाले किसी श्रद्धालु को परेशानी होती है तो वह उसकी मदद करने के लिए भी आगे आ जाते हैं. अमानत अली की पहचान केवल मंदिर में सेवा करने वाले भक्त की ही नहीं है. वह भजन गायक भी हैं और बाबा श्याम के भजनों के जरिए उनकी महिमा का गुणगान करते हैं. उनके गाए भजनों को यूट्यूब पर भी बड़ी संख्या में लोग सुनते हैं. खाटूश्याम जी और देश क कोने-कोने में होने वाले कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में भी वह शामिल होते हैं और अपनी आवाज के जरिए बाबा की भक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाते हैं.
ईश्वर और अल्लाह में कोई भेद नहीं है
अमानत अली का कहना है कि धर्म की कोई सीमा नहीं होती है. हिंदू-मुस्लिम केवल मजहब है बाकी भगवान और अल्लाह तो एक हैं. ईश्वर और अल्लाह में कोई भेद नहीं है. अमानत अली ने बताया कि वे बाबा श्याम की भक्ति को हिंदू-मुस्लिम राजनीति से दूर रखते है. उनका मानना है कि सच्ची श्रद्धा के आगे मजहब की दीवारें छोटी पड़ जाती है और इंसानियत व भक्ति सबसे बड़ी पहचान बन जाती है. उनका कहना है कि श्री श्याम मंदिर कमेटी और प्रबंधन टीम भी उनका सपोर्ट करती है. आपको बता दें कि अमानत अली बाबा श्याम के गर्भ ग्रह के पास और सामने स्थित गोपीनाथ जी मंदिर के आसपास ही रहते हैं. वे मंदिर के आसपास होने वाली गंदगी को उठाकर कचरा पात्र में डालते हैं.
बाबा ने कई बार दिखाया चमत्कार
अमानत अली ने बताया कि बाबा ने कई बार उन्हें चमत्कार दिखाया है. जब भी बाबा श्याम को सच्चे दिल से याद करते हैं और कोई मनोकामना मांगते हैं तो वह कुछ ही दिनों में पूरी हो जाती है. उन्होंने बताया कि वह बचपन से बाबा श्याम के भजन गा रहे हैं. एकादशी या बड़े धार्मिक आयोजनों पर जाकर वे अब शाम की भक्ति का गुणगान करते हैं. उनका कहना है कि बाबा श्याम कलयुग के अवतार हैं. उनके दरबार में पहुंचकर जो भी भक्त मनोकामना मांगता है वह जरूर पूरी होती है. इस दरबार में मजहब की कोई दीवार नहीं है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
और पढ़ेंLocation :
Sikar,Rajasthan
First Published :
August 16, 2026, 08:50 IST



