2 बड़े बॉलीवुड सुपरस्टार | 90s में हिला डाली दी थी खान्स की गद्दी | दोनों का जलवा आज भी है बॉक्स ऑफिस पर बरकरार

Last Updated:August 18, 2026, 12:28 IST
90 के दशक में जब खान तिकड़ी (शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान) बॉलीवुड में अपना दबदबा बना रही थी, तब दो ऐसे एक्टर सामने आए जिन्होंने अकेले ही खान्स की गद्दी हिला डाली. हम बात कर रहे हैं एक्शन और एक्टिंग के बेताज बादशाहों की- अजय देवगन और अक्षय कुमार. ये दोनों सुपरस्टार, जिन्होंने 90 के दशक में अपनी अग्रेसिव इमेज, किलर स्टंट और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी, 35 साल बाद भी बॉक्स ऑफिस पर अपना जादू चलाते हैं. तो आइए, इन दो लेजेंड्स के सफर और उनके बॉक्स ऑफिस राज की पूरी कहानी जानते हैं.
नई दिल्ली. जब 90 के दशक की शुरुआत में दर्शक रोमांटिक फिल्मों में खान्स का दबदबा देख रहे थे, तब अजय देवगन ने ‘फूल और कांटे’ से और अक्षय कुमार ने ‘सौगंध’ से साल 1991 में डेब्यू किया. अजय देवगन का एंट्री स्टंट, जिसमें वे दो चलती मोटरसाइकिलों पर बैठे थे, आज भी बॉलीवुड के इतिहास के सबसे आइकॉनिक सीन में से एक माना जाता है. दूसरी ओर, अक्षय कुमार ने अपनी मार्शल आर्ट की काबिलियत और बिना बॉडी डबल के खतरनाक स्टंट करने की काबिलियत से लोगों के बीच पॉपुलर होते चले गए. 90 के दशक में ‘मोहरा’, ‘दिलवाले’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘सुहाग’ और ‘जख्म’ जैसी फिल्मों से दोनों एक्टर्स ने साबित कर दिया कि वे बॉक्स ऑफिस पर सफलता के लिए अनजान नहीं थे.
अजय देवगन की सबसे बड़ी ताकत उनकी शांत और गंभीर एक्टिंग रही है. उन्होंने 90 के दशक में खुद को एक एक्शन हीरो के तौर पर स्थापित किया और बार-बार अपनी वर्सेटिलिटी दिखाई है. चाहे वह ‘जख्म’ और ‘द लेजेंड ऑफ भगत सिंह’ के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतना हो या ‘गोलमाल’ फ्रैंचाइजी के साथ कॉमेडी का किंग बनना हो… अजय देवगन ने हर जॉनर में महारत हासिल की है. जब 2011 में रोहित शेट्टी की ‘सिंघम’ रिलीज हुई, तो अजय देवगन के ‘बाजीराव सिंघम’ अवतार ने थिएटर को स्टेडियम में बदल दिया. इसके बाद, ‘दृश्यम’ सीरीज और ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ जैसी ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने साबित कर दिया कि 50 की उम्र पार करने के बाद भी अजय का स्टारडम और बॉक्स ऑफिस पर पकड़ उतनी ही मजबूत है जितनी 90 के दशक में थी.
अक्षय कुमार का फिल्मी करियर डिसिप्लिन, कड़ी मेहनत और कंसिस्टेंसी की मिसाल है. 90 के दशक में ‘खिलाड़ी’ सीरीज से मशहूर हुए अक्षय ने 2000 के दशक में ‘हेरा फेरी’, ‘वेलकम’ और ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्मों से कॉमेडी की फील्ड में एक नया इतिहास रचा. अक्षय कुमार को बॉलीवुड की ‘हिट मशीन’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनमें हर साल तीन से चार फिल्में देने की काबिलियत है. चाहे सोशल मैसेज वाली फिल्में हों (‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘पैडमैन’) या देशभक्ति वाली फिल्में (‘केसरी’ और ‘एयरलिफ्ट’) अक्षय कुमार ने हमेशा बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की है. हर उम्र के दर्शक आज भी उनकी एनर्जी, टाइमिंग और स्वैग के दीवाने हैं.
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90 के दशक के कई बड़े स्टार्स भले ही गायब हो गए हों, लेकिन अजय देवगन और अक्षय कुमार का करिश्मा दशकों बाद भी कम नहीं हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह है समय के हिसाब से ढलने की उनकी काबिलियत. दोनों एक्टर्स ने कभी खुद को टाइपकास्ट नहीं होने दिया. अजय देवगन ने एक्शन, कॉमेडी, जबरदस्त ड्रामा और थ्रिलर के बीच एकदम सही बैलेंस बनाया है. अक्षय कुमार ने एक्शन से कॉमेडी, फिर सोशल-पैट्रियोटिक ड्रामा में जाकर लगातार एक बड़ा ऑडियंस बेस बनाए रखा है.
यही वजह है कि नई पीढ़ी के युवा एक्टर्स के आने के बाद भी, मेकर्स अभी भी बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग के मामले में इन दोनों स्टार्स पर सबसे बड़ा दांव लगाते हैं. आज भी जब बॉलीवुड में बड़े बदलाव हो रहे हैं और बड़े स्टार्स की फिल्में थिएटर में आने के लिए स्ट्रगल कर रही हैं, ऐसे में अजय देवगन और अक्षय कुमार बॉक्स ऑफिस के दो सबसे मजबूत पिलर बने हुए हैं.
चाहे वह ‘दृश्यम 2’ की 200 करोड़ से ज्यादा की कमाई हो, ‘शैतान’ का बंपर कलेक्शन हो या अक्षय कुमार का बड़े बजट की फिल्मों का क्रेज हो… इन दोनों लेजेंड्स ने साबित कर दिया है कि असली स्टारडम उम्र से कहीं ज्यादा होता है. 90 के दशक में खान्स के दबदबे को चुनौती देते हुए, ये दोनों स्टार्स आज भी बॉलीवुड के सबसे खास और भरोसेमंद पिलर बने हुए हैं.
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August 18, 2026, 12:28 IST



