राजस्थान के मौसम में बड़ा उलटफेर, कोटा-अलवर में बादल दिखाएंगे तेवर, अजमेर समेत 19 जिलों में अलर्ट

जयपुर. राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं, लेकिन 24 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है. आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान के अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर और टोंक में मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट है.
हालांकि पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर नहीं रहेगा. पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों में अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. सीमावर्ती इलाकों में अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिमी हवाएं प्रभावी हैं. इन मौसमी परिस्थितियों के कारण पूर्वी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है. प्रदेश में रविवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राज्य में औसत आर्द्रता 30 से 70 प्रतिशत के बीच रही. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में तापमान 36 से 39 डिग्री के बीच रहने की संभावना है.
24 अगस्त को राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है
24 अगस्त को इन इलाकों में बारिश का अनुमान
जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है
19 जिलों में आंधी-बिजली का अलर्ट
पूर्वी राजस्थान के अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर और टोंक में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा राज्य के कुछ अन्य जिलों में भी स्थानीय स्तर पर बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है. ऐसे में खुले इलाकों और पेड़ों के नीचे रहने से बचने की सलाह दी गई है.
अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा और डीग समेत 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.
25 से 27 अगस्त तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के मुताबिक 25 से 27 अगस्त के बीच कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. वहीं पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का अनुमान है. पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में इस दौरान मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा. नागौर, जोधपुर, बीकानेर और आसपास के इलाकों में शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है.
25 से 27 अगस्त के बीच कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के पूर्वी हिस्सों में बारिश हो सकती है.
• 24 अगस्त को राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है, लेकिन पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर नहीं रहेगा.
• जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है.
• बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है.
• अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा और डीग समेत 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.
• अलर्ट वाले जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
• उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है.
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों में अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है.
• मानसून ट्रफ अमृतसर, पटियाला, बरेली, वाराणसी और जमशेदपुर होते हुए कम दबाव क्षेत्र तक पहुंच रहा है.
• पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों में अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है.
• 25 से 27 अगस्त के बीच कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के पूर्वी हिस्सों में बारिश हो सकती है.
• रविवार को राजस्थान में सबसे अधिक 38.7 डिग्री सेल्सियस तापमान श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया.
मानसून ट्रफ और कम दबाव का असर
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. मानसून ट्रफ अमृतसर, पटियाला, बरेली, वाराणसी, डाल्टनगंज और जमशेदपुर होते हुए इसी कम दबाव क्षेत्र के केंद्र तक पहुंच रहा है और आगे मध्य-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर फैला है. पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर हरियाणा के आसपास चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय हैं. हालांकि राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव अधिक होने से मानसून कमजोर बना हुआ है. ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का असर मुख्य रूप से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान तक सीमित रहने की संभावना है.
अलर्ट वाले जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
24 अगस्त को राजस्थान में किन इलाकों में बारिश होने की संभावना है?
24 अगस्त को राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना ज्यादा है. आईएमडी के अनुसार जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. इसके अलावा बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है. उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में दोपहर और शाम के समय खंड वर्षा हो सकती है. हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की भी संभावना बनी हुई है.
राजस्थान के किन जिलों में आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है?
पूर्वी राजस्थान के अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर और टोंक में मौसम खराब होने की चेतावनी है. इन जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात हो सकता है. साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी है.
राजस्थान में मानसून कमजोर क्यों माना जा रहा है?
राजस्थान में फिलहाल मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं. आईएमडी के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिमी हवाएं प्रभावी हैं. इसके चलते पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है. हालांकि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और मानसून ट्रफ भी सक्रिय है. इन सिस्टम के कारण पूर्वी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में एक समान तेज बारिश की संभावना नहीं है.
25 से 27 अगस्त के बीच राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा?
25 से 27 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान में हल्की मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. आईएमडी के अनुसार कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश होने का अनुमान है. दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है. बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की भी संभावना जताई गई है.
राजस्थान में सबसे अधिक तापमान कहां दर्ज किया गया?
राजस्थान में रविवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया. यहां तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा. शाम 5:30 बजे तक प्रदेश में औसत आर्द्रता 30 से 70 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. मौसम में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण कई पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर बना रह सकता है.



