नोएडा में स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़ने से हड़कंप, क्या आपको भी महसूस हो रहे हैं ये लक्षण?

Last Updated:August 24, 2026, 17:32 IST
Swine Flu Noida : नोएडा में स्वाइन फ्लू तेजी से पैर पसार रहा है. यहां अब तक स्वाइन फ्लू के 15 मामले सामने आए हैं. आईसीयू के 20 बेड तैयार हैं. लोकल 18 से नोएडा के सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी बताते हैं कि फिलहाल स्थिति सामान्य है. मरीजों में अधिक गंभीर लक्षण नहीं हैं. घबराने के बजाय बचाव के उपाय अपनाएं. इसके लिए हैंड और रेस्पिरेटरी हाइजीन बेहद जरूरी है. हाथों को नियमित रूप से साफ रखें. जिन सतहों को बार-बार छुआ जाता है, उन्हें छूने के बाद हाथ जरूर साफ करें.
नोएडा. दिल्ली से सटे नोएडा में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 15 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें कुछ मरीज जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं. स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के इलाज और निगरानी के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के साथ ही आईसीयू के 20 बेड तैयार रखने की व्यवस्था की है. लोकल 18 से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि जिले में स्वाइन फ्लू के कुल 15 मामले सामने आए हैं. फिलहाल स्थिति सामान्य है. मरीजों में अधिक गंभीर लक्षण नहीं हैं. लोगों से अपील है कि घबराने के बजाय बचाव के उपाय अपनाएं.
कैसे करें अपना बचाव
सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि बताते हैं कि अगर आपको भी कुछ इस तरह के लक्षण महसूस हों तो तुरंत अस्पताल जाकर जांच करवाएं. स्वाइन फ्लू से बचाव में हैंड हाइजीन और रेस्पिरेटरी हाइजीन बेहद जरूरी है. हाथों को नियमित रूप से साफ रखें और जिन सतहों को बार-बार छुआ जाता है, उन्हें छूने के बाद हाथ जरूर साफ करें. भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और जरूरत होने पर मास्क का इस्तेमाल करें.
फिलहाल एक ही रास्ता
डॉ. मदन मोहन मणि बताते हैं कि स्वाइन फ्लू के मरीजों में खांसी, जुकाम, नाक से पानी आना और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों से भी लगातार फीडबैक लिया जा रहा है और वहां की व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है. निजी अस्पतालों का पूर्व में निरीक्षण भी किया गया था और वहां इलाज की व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं. सीएमओ के मुताबिक, मौसम में बदलाव के साथ इस तरह के संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं. यह मौसमी संक्रमण है. सीजन के साथ इसके मामले भी कम हो जाएंगे. फिलहाल ज्यादा पैनिक करने की जरूरत नहीं है. बचाव ही सबसे बेहतर विकल्प है.
About the AuthorPriyanshu Gupta
प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
August 24, 2026, 17:32 IST



