आंखों से भी नजर नहीं आती ये राखी, सोने और डायमंड से बनी ‘करिश्मा-ए-तिरंगी’ ने चौंकाया

Last Updated:August 26, 2026, 15:07 IST
Raksha Bandhan Special: इस राखी को बनाने में डॉ. सक्का को करीब सात घंटे का समय लगा.उन्होंने बेहद बारीक स्तर पर काम करते हुए सोने और डायमंड को तिरंगे रेशमी धागे के साथ जोड़ा.उनका कहना है कि इस तरह की कलाकृति तैयार करने के लिए धैर्य के साथ-साथ काफी बारीकी से काम करना पड़ता है.
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उदयपुर: रक्षाबंधन के मौके पर उदयपुर के जाने-माने शिल्पी डॉ. इकबाल सक्का ने एक बार फिर अपनी बारीक कारीगरी से लोगों को हैरान कर दिया है. उन्होंने सोने और अमेरिकन डायमंड से बेहद सूक्ष्म आकार की ‘करिश्मा-ए-तिरंगी राखी’ तैयार की है. दावा है कि यह दुनिया की पहली ऐसी राखी है, जिसे सामान्य आंखों से देख पाना लगभग नामुमकिन है.इसे देखने के लिए लेंस की जरूरत पड़ती है.
डॉ. सक्का के मुताबिक इस राखी की खासियत इसका बेहद छोटा आकार और बेहद कम वजन है.राखी को तिरंगे रंग के रेशमी धागे पर तैयार किया गया है. इसमें सोने के साथ अमेरिकन डायमंड का इस्तेमाल किया गया है.खास बात यह है कि जब इसे बिना लेंस के देखा जाता है तो यह सोने के बुरादे जैसी दिखाई देती है.वहीं लेंस की मदद से देखने पर तिरंगे धागे में सजी सोने की राखी और उसमें जड़ा अमेरिकन डायमंड साफ नजर आता है. डॉ. सक्का का कहना है कि यह राखी इतनी हल्की है कि फूंक मारने पर भी उड़ जाती है. उन्होंने बताया कि इसका वजन इतना कम है कि धर्म कांटे पर भी इसका वजन 00.0 मिलीग्राम दर्ज होता है.इसी वजह से इसे तैयार करना और संभालना भी काफी चुनौतीपूर्ण रहा.
डॉ. सक्का को करीब सात घंटे का समय लगाइस राखी को बनाने में डॉ. सक्का को करीब सात घंटे का समय लगा. उन्होंने बेहद बारीक स्तर पर काम करते हुए सोने और डायमंड को तिरंगे रेशमी धागे के साथ जोड़ा.उनका कहना है कि इस तरह की कलाकृति तैयार करने के लिए धैर्य के साथ-साथ काफी बारीकी से काम करना पड़ता है. डॉ. इकबाल सक्का अपनी सूक्ष्म कलाकृतियों के लिए पहले भी चर्चा में रह चुके हैं. सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं से बेहद छोटी कलाकृतियां बनाने के कारण उनकी कारीगरी को देश-विदेश में पहचान मिली है. रक्षाबंधन पर तैयार की गई यह नई राखी भी उनकी इसी अनोखी कला का उदाहरण है.
सोने और अमेरिकन डायमंड का मेल इसे खास बनाता‘करिश्मा-ए-तिरंगी राखी’ में तिरंगे के रंगों के साथ सोने और अमेरिकन डायमंड का मेल इसे खास बनाता है. डॉ. सक्का का कहना है कि इस राखी के जरिए उन्होंने भारतीय कला, तिरंगे के सम्मान और रक्षाबंधन की भावना को एक साथ जोड़ने की कोशिश की है. इतनी सूक्ष्म राखी को देखने के लिए लेंस का इस्तेमाल करना ही अपने आप में लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन रहा है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Udaipur,Rajasthan
First Published :
August 26, 2026, 15:07 IST



