राजस्थान में आज फिर बदला मौसम, अजमेर-कोटा में बरसेंगे बादल, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

जयपुर. राजस्थान में मानसून की गतिविधियों में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है. पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मानसून के बीच 27 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना जताई गई है. हालांकि इसके बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है. आईएमडी के अनुसार 27 अगस्त से 2 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर कमजोर पड़ सकता है, जबकि 27 और 28 अगस्त को कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी.
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक कमजोर मानसूनी परिस्थितियां रहने का अनुमान है. 26 अगस्त को राज्य में सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे साफ है कि बारिश में कमी के बीच पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर फिर बढ़ने लगा है. हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में बादल, बारिश, तेज हवा और वज्रपात की गतिविधियां लोगों को राहत दे सकती हैं. आईएमडी ने किसानों और आम लोगों को गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है.
27 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश की संभावना जताई गई है.
27 अगस्त को इन संभागों में बारिश
कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में 27 और 28 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
राजस्थान के इन जिलों में येलो अलर्ट
27 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, दौसा, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा, अजमेर, कोटा और झालावाड़ में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. इन परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.
अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और जयपुर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी है.
पश्चिमी राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून
आईएमडी के मुताबिक 27 अगस्त से 2 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है. वहीं जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में आगामी एक सप्ताह तक कमजोर मानसूनी परिस्थितियां बनी रहने का अनुमान है. पश्चिमी राजस्थान में व्यापक बारिश की संभावना कम है. श्रीगंगानगर में 26 अगस्त को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा. ऐसे में पश्चिमी जिलों में उमस और गर्मी का असर बढ़ सकता है.
पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30-40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
मौसम सिस्टम में भी हुआ बदलाव
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अपडेट के अनुसार दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, रांची और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. एक अन्य ट्रफ पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से होकर गुजर रही है. उत्तर हरियाणा और आसपास पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है.
27 अगस्त से 2 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है.
• 27 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश की संभावना जताई गई है.
• कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में 27 और 28 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
• अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और जयपुर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी है.
• पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30-40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
• 27 अगस्त से 2 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है.
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में आगामी एक सप्ताह कमजोर मानसूनी परिस्थितियां रहने का अनुमान है.
• पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में आगामी एक सप्ताह कमजोर मानसूनी परिस्थितियां रहने का अनुमान है.
• 26 अगस्त को श्रीगंगानगर में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा.
• दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है और इसका प्रभाव मौसम पर पड़ रहा है.
• मानसून ट्रफ जम्मू, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है.
• बारिश कमजोर पड़ने के बावजूद गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह है.
किसानों और लोगों के लिए सलाह
बारिश की गतिविधियां कमजोर होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है. किसानों को फसल के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने और बारिश की संभावना वाले दिनों में अनावश्यक छिड़काव से बचने की सलाह है. गरज-चमक या तेज हवा के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए. फिलहाल राजस्थान में व्यापक बारिश के बजाय पूर्वी हिस्सों में छिटपुट बारिश और पश्चिमी हिस्सों में कमजोर मानसून की स्थिति रहने के आसार हैं.
दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है और इसका प्रभाव मौसम पर पड़ रहा है.
27 अगस्त को राजस्थान के किन हिस्सों में बारिश हो सकती है?
27 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में बारिश की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. हालांकि पूरे राजस्थान में एक समान बारिश होने की संभावना नहीं है. पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. बारिश की गतिविधियां स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं.
राजस्थान में किन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है?
27 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, दौसा, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा, अजमेर, कोटा और झालावाड़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है.
राजस्थान में बारिश का दौर कब कमजोर पड़ने की संभावना है?
आईएमडी के अनुसार 27 अगस्त से 2 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है. हालांकि 27 और 28 अगस्त को कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 28 से 31 अगस्त के बीच भी कुछ पूर्वी संभागों में छिटपुट बारिश का दौर बना रह सकता है. पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां पहले से ही कमजोर हैं. जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक कमजोर मानसूनी परिस्थितियां रहने का अनुमान है.
26 अगस्त को राजस्थान में सबसे अधिक तापमान कहां दर्ज हुआ?
26 अगस्त को राजस्थान में सबसे अधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया. यहां तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा. बारिश की गतिविधियों में कमी आने के कारण पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बढ़ सकता है. जोधपुर और बीकानेर संभाग में अगले एक सप्ताह मानसून कमजोर रहने का अनुमान है. ऐसे में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. पूर्वी राजस्थान में बादल और बारिश की स्थानीय गतिविधियों के कारण कुछ इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत कम रह सकता है.
राजस्थान के मौसम को प्रभावित करने वाला कौन सा मौसमी सिस्टम सक्रिय है?
आईएमडी अपडेट के अनुसार दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है. मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, रांची और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी है. इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से होकर एक ट्रफ सक्रिय है. उत्तर हरियाणा के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है.



