सफाई, पानी, सीवरेज और महिला सुरक्षा बने चुनावी मुद्दे…. भीलवाड़ा की पहली महिला मेयर के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या?

Bhilwara: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही कपड़ा नगरी भीलवाड़ा में चुनावी सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं. वर्ष 1970 में गठित भीलवाड़ा नगर परिषद को 70 वार्डों के साथ अब नगर निगम का दर्जा मिल चुका है. 54 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है जब भीलवाड़ा शहर की कमान किसी महिला मेयर के हाथों में होगी. भीलवाड़ा नगर निगम का मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होने के बाद शहरवासियों में नए नेतृत्व और विजन को लेकर जोरदार चर्चाएं छिड़ गई हैं. अब तक हुए 7 चुनावों में 3 बार कांग्रेस और 4 बार भाजपा का बोर्ड बना है, लेकिन निगम बनने के बाद पहले महिला मेयर चुनाव को लेकर जनता ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं.
स्थानीय निवासी माया देवी, अनुराधा झा, रेखा मीणा और आशा सेन ने बताया कि भीलवाड़ा की पहली महिला मेयर ऐसी होनी चाहिए जो हर वार्ड और मोहल्ले की जमीनी समस्याओं को समझे. महिलाओं ने शहर में अतिक्रमण, सड़कों की बदहाली, सीवरेज, पेयजल और जल निकासी को गंभीर समस्या माना है. इसके अलावा, महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त महिला शौचालयों का निर्माण करवाने, कचरा प्रबंधन दुरुस्त करने, आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने और पार्कों के उचित रखरखाव की मांग की गई है. महिलाओं की मुख्य उम्मीद है कि मेयर आम जनता की पहुंच में रहे और समस्याओं का तुरंत समाधान कराए.
नागरिकों ने उठाई सीवरेज, ट्रैफिक और पुलिया की मांगदूसरी ओर, शहरवासी राज कुमार पायक, अजय खोईवाल, लोकेश, गौतम और गोपाल शर्मा ने कहा कि शहर को एक ईमानदार, समझदार और जनसुलभ मेयर की आवश्यकता है. निगम बनने के बाद भी कई इलाकों के हालात गांवों से बदतर हैं. नागरिकों ने मांग की है कि रेलवे लाइन के दूसरी तरफ (ओवरब्रिज क्षेत्र) रहने वाली बड़ी आबादी के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और पुलिया की व्यवस्था की जाए. इसके साथ ही ट्रैफिक जाम, पार्किंग व्यवस्था और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि भीलवाड़ा एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बन सके.
नगर निगम भीलवाड़ा: 70 वार्डों में 2.96 लाख मतदाता तय करेंगे भाग्यभीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में इस बार कुल 2,96,654 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें 1,51,012 पुरुष मतदाता, 1,45,632 महिला मतदाता और 10 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं. निगम के कुल 70 वार्डों में से 14 वार्ड ऐसे हैं जहां मतदाताओं की संख्या 5,000 से अधिक है, जबकि 56 वार्ड 5,000 से कम मतदाताओं वाले हैं. भीलवाड़ा की जनता इस बार ऐसे सरल और विजनरी नेतृत्व की तलाश में है जिससे हर आम नागरिक बिना किसी प्रोटोकॉल के आसानी से मिलकर अपनी समस्या बता सके.



