Exclusive: राहुल द्रविड़ या गौतम गंभीर? टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच टी दिलीप ने बताया किसका कोचिंग अंदाज है बेस्ट

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले पांच सालों में जो ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं, उनमें फील्डिंग कोच टी. दिलीप का योगदान बेहद अहम रहा है. हाल ही में समाप्त हुए इंग्लैंड दौरे के साथ ही उनका पांच साल का यह सफल कार्यकाल समाप्त हो गया है. न्यूज 18 हिंदी से खास बातचीत में टी. दिलीप ने टीम इंडिया के साथ अपने इस सफर, खिलाड़ियों के साथ रिश्तों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की.
5 साल के सफर और विदाई का अहसास
टीम इंडिया के साथ इतने लंबे समय तक जुड़े रहने के बाद अलग होने के सवाल पर टी. दिलीप ने माना कि यह उनके लिए काफी भावुक पल था. उन्होंने कहा कि श्रीलंका दौरे पर जब वह टीम के साथ नहीं थे, तो उन्हें थोड़ा अजीब और खालीपन महसूस हुआ. पांच साल तक परिवार की तरह रहने के बाद यह बदलाव आसान नहीं होता. हालांकि, वह इस बात से बेहद संतुष्ट और आभारी हैं कि वह इस महान टीम की सफलता की यात्रा का एक अहम हिस्सा बन सके.
2024 का टी20 वर्ल्ड कप और बेस्ट मेमोरीज
अपने कार्यकाल की सबसे खूबसूरत यादों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीतना उनके लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था, क्योंकि यहीं से लगातार जीत का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह चैंपियंस ट्रॉफी और आगे तक जारी रहा. ट्रॉफी के अलावा खिलाड़ियों के साथ बने आपसी रिश्ते और ड्रेसिंग रूम का माहौल उनके लिए सबसे अनमोल धरोहर है. उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों के बीच फीडिंग मेडल की शुरुआत करने के उस दौर को भी याद किया, जिसने ड्रेसिंग रूम में पॉजिटिव एनर्जी और मस्ती भरा माहौल बनाए रखा.
हेड कोच और कप्तानों का साथ
राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर जैसे हेड कोच के साथ काम करने के अनुभव पर उन्होंने कहा कि टीम को आगे ले जाने में हेड कोच और कप्तान की फिलॉसफी को समझना सबसे जरूरी होता है. उन्होंने विराट कोहली और रोहित शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि इन दिग्गजों ने उन्हें हमेशा खुलकर अपनी बात रखने और कोचिंग देने की पूरी आजादी दी. राहुल द्रविड़ ने जब विदाई ली थी, तब उन्होंने व्यक्तिगत रूप से टी. दिलीप के काम और टीम के माहौल में उनके योगदान की जो तारीफ की थी, वह उनके लिए सबसे बड़ा कॉम्प्लिमेंट था.
शुभमन गिल की कड़ी मेहनत और अनुशासन
शुभमन गिल के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए टी. दिलीप ने बताया कि उन्होंने 2015 में नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) कैंप में ही गिल के अंदर वह स्पार्क देख लिया था. उन्होंने कहा कि टैलेंट होना एक बात है, लेकिन उसे लगातार मैदान पर उतारना और टेस्ट कप्तान बनने तक का सफर तय करना गिल की कड़ी मेहनत और अनुशासन का नतीजा है. बैटिंग प्रैक्टिस के बाद भी एक्स्ट्रा कैच लेना और रनिंग करना गिल की सफलता का मुख्य राज है.
गेंदबाजों की फिटनेस और आईपीएल में भविष्य
जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव जैसे तेज गेंदबाजों से काम लेने के बारे में उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के साथ बेहतर कम्यूनिकेशन और वर्कलोड मैनेजमेंट सबसे अहम होता है. सिराज की तारीफ करते हुए उन्होंने एक किस्सा साझा किया कि कैसे श्रीलंका में पांच ओवर फेंकने के बाद भी सिराज ने बाउंड्री पर दौड़कर एक रन बचाया था, जो टीम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है.
इंटरव्यू के अंत में जब उनसे आईपीएल में उनकी अगली पारी और पसंदीदा टीम (मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स या आरसीबी) के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने दो-तीन हफ्ते का ब्रेक लिया है. उन्होंने साफ किया कि वह कोचिंग से जुड़े रहेंगे, लेकिन अभी यह तय नहीं किया है कि वह किस टीम के साथ जुड़ेंगे.



