मालिक से पहले जोधपुर पहुंच गया वफादार डॉग प्रकाश, राजसमंद से सैकड़ों KM चलकर रामदेवरा जा रहा, VIDEO वायरल

Last Updated:September 07, 2026, 11:10 IST
Jodhpur Hindi News: राजसमंद से रामदेवरा की पैदल यात्रा पर निकले मूलिया के साथ उनका वफादार डॉग ‘प्रकाश’ भी कदम से कदम मिलाकर चल रहा है. सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर यह बेजुबान यात्री अब जोधपुर पहुंच चुका है और जातरुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
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जोधपुर: कहते हैं वफादारी की कोई जुबान नहीं होती, बस दिल का रिश्ता होता है. इंसान और बेजुबान के इसी अनोखे रिश्ते की एक भावुक तस्वीर इन दिनों बाबा रामदेवजी की पदयात्रा में देखने को मिल रही है. राजसमंद के रेलमगरा से रामदेवरा के लिए पैदल निकले मूलिया के साथ उनका वफादार डॉग ‘प्रकाश’ भी कदम से कदम मिलाकर चल रहा है. सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर यह बेजुबान यात्री अब जोधपुर पहुंच चुका है और रास्ते भर जातरुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
धूप की तपिश हो या पैरों की थकान, लंबा रास्ता हो या रात का सफर. प्रकाश ने अपने मालिक का साथ नहीं छोड़ा. जहां मूलिया के कदम बढ़ते हैं, वहीं प्रकाश भी उनके साथ आगे बढ़ जाता है. रास्ते में उसे देखकर लोग रुक जाते हैं. कोई प्यार से उसे सहलाता है तो कोई उसके लिए पानी और भोजन लेकर पहुंच जाता है. बाबा के दरबार की ओर बढ़ते इस अनोखे यात्री की कहानी अब हर किसी के दिल को छू रही है.
मालिक घर से निकला भी नहीं था, प्रकाश पहले रास्ते पर पहुंच गयामूलिया बताते हैं कि प्रकाश बचपन से ही उनके साथ है. दोनों के बीच ऐसा लगाव है कि मालिक के मन की बात भी जैसे वह समझ लेता है. जब मूलिया ने बाबा रामदेवजी की पैदल यात्रा की तैयारी शुरू की तो प्रकाश भी उनके साथ जाने को तैयार हो गया. मूलिया बताते हैं कि वह घर से निकलने ही वाले थे, लेकिन उससे पहले ही प्रकाश करीब दो-तीन किलोमीटर आगे जाकर यात्रा के रास्ते में बैठ गया.जब मूलिया वहां पहुंचे तो प्रकाश उनका इंतजार करता मिला. जैसे उसे पहले से मालूम हो कि मालिक किस मंजिल की ओर जाने वाला है. मूलिया ने भी उसे वापस नहीं भेजा और फिर शुरू हुई दोनों की यह अनोखी यात्रा.
अब जातरुओं के बीच प्रकाश भी खासरास्ते में बाबा के जातरुओं की सेवा कर रहे सेवादारों के लिए भी प्रकाश आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. पदयात्रियों के लिए लगने वाले सेवा शिविरों में अब इस बेजुबान यात्री के लिए भी पानी और भोजन की व्यवस्था होने लगी है. कोई उसके लिए रोटी लेकर आता है तो कोई पानी पिलाता है. कई सेवादार उसे आराम करने की जगह भी देते हैं. प्रकाश भी कुछ देर आराम करने के बाद फिर अपने मालिक के साथ आगे बढ़ जाता है. जैसे उसे पता हो कि अभी मंजिल बाकी है और बाबा का दरबार दूर नहीं.
भक्ति के साथ वफादारी की भी यात्राबाबा रामदेवजी के मेले में हर साल हजारों-लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था और मनोकामना लेकर पहुंचते हैं. कोई नंगे पांव चलता है, कोई ध्वज लेकर निकलता है तो कोई मन्नत पूरी होने पर पैदल यात्रा करता है. लेकिन इस बार आस्था की इस यात्रा में एक बेजुबान की वफादारी भी लोगों के दिलों को छू रही है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
September 07, 2026, 11:10 IST



