राजस्थान में मसनसून पड़ा कमजोर, जयपुर-कोटा आज कैसा रहेगा मौसम, जानें IMD का लेटेस्ट अपडेट

जयपुर. राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है और 10 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य के ज्यादातर भागों में अभी शुष्क पश्चिमी हवाओं का प्रभाव है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि, मौसम का यह शांत दौर ज्यादा लंबा रहने की संभावना नहीं है. बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के आसपास 11 सितंबर को नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत हैं.
इसके प्रभाव से 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है. इसके बाद 12 से 15 सितंबर के बीच जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ और हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. 13-14 सितंबर को कोटा संभाग और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
10 सितंबर को राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहने और बड़ी बारिश की गतिविधि नहीं होने का अनुमान है
10 सितंबर को मौसम रहेगा शुष्क
11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान में बढ़ेगी बारिश
आईएमडी के अनुसार 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है. बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित कम दबाव का क्षेत्र इस बदलाव की अहम वजह माना जा रहा है. सिस्टम के आगे बढ़ने और नमी की स्थिति अनुकूल रहने पर बारिश का दायरा आगे बढ़ सकता है.
11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो सकती है.
12 से 15 सितंबर तक कई संभागों में बारिश
12 सितंबर से बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है. जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ और हिस्से इसके दायरे में आ सकते हैं. 13 और 14 सितंबर को कोटा संभाग तथा आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं. इस दौरान गरज-चमक के साथ स्थानीय स्तर पर तेज बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती है. पश्चिमी राजस्थान में बारिश का असर अपेक्षाकृत सीमित रहने का अनुमान है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में 13 से 15 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. यानी पश्चिमी राजस्थान में अभी व्यापक बारिश के बजाय छुटपुट गतिविधियों के आसार हैं.
12 से 15 सितंबर के बीच जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ और हिस्सों में बारिश की संभावना
आज ज्यादातर इलाकों में मौसम रहेगा शुष्क
• 10 सितंबर को राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहने और बड़ी बारिश की गतिविधि नहीं होने का अनुमान है.
• प्रदेश में फिलहाल अधिकांश भागों में शुष्क पश्चिमी हवाएं प्रभावी हैं, जिसके चलते मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं.
• श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य में बुधवार का सर्वाधिक तापमान रहा.
• बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के आसपास 11 सितंबर को नया कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है.
• संभावित कम दबाव क्षेत्र के असर से 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो सकती है.
• 12 से 15 सितंबर के बीच जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ और हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.
जोधपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में 13 से 15 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की और छुटपुट बारिश होने की संभावना है.
• 13 और 14 सितंबर को कोटा संभाग तथा आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने के आसार आईएमडी ने जताया है.
• जोधपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में 13 से 15 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की और छुटपुट बारिश होने की संभावना है.
• मानसून ट्रफ जम्मू से लेकर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है, जबकि उत्तर हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं.
• मौसम प्रणाली की दिशा और ताकत में बदलाव के साथ बारिश का दायरा भी बदल सकता है, इसलिए किसानों और आम लोगों को स्थानीय अपडेट देखते रहना जरूरी है.
मानसून ट्रफ और बंगाल की खाड़ी के सिस्टम मौसम करेगा प्रभावित
वर्तमान में मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, पंतनगर, बाराबंकी, डेहरी, पुरुलिया और दीघा से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. उत्तर हरियाणा और आसपास 1.5 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास 4.5 से 5.8 किमी की ऊंचाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है. आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी का संभावित कम दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ की स्थिति राजस्थान के मौसम को प्रभावित कर सकती है.
मौसम प्रणाली की दिशा और ताकत में बदलाव के साथ बारिश का दायरा भी बदल सकता है,
10 सितंबर को राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
10 सितंबर को राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहने की संभावना है. पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान दोनों क्षेत्रों में किसी बड़े बारिश के दौर के आसार नहीं हैं. जिला स्तर पर भी 10 सितंबर के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि कुछ जगह स्थानीय स्तर पर बादल बन सकते हैं, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम है.
राजस्थान में बारिश का नया दौर कब शुरू होगा?
आईएमडी के अनुसार 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है. भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसके बाद 12 सितंबर से बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं. बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित कम दबाव क्षेत्र इस बदलाव की प्रमुख वजह हो सकता है.
13-14 सितंबर को किन इलाकों में भारी बारिश हो सकती है?
13 और 14 सितंबर को कोटा संभाग और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा जयपुर, भरतपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. बारिश की तीव्रता स्थानीय मौसम परिस्थितियों और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम की दिशा व ताकत पर निर्भर करेगी.
क्या पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश होगी?
पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां पूर्वी राजस्थान की तुलना में सीमित रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार जोधपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में 13 से 15 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की और छुटपुट बारिश हो सकती है. व्यापक और लगातार बारिश के फिलहाल मजबूत संकेत नहीं हैं. हालांकि मौसम प्रणाली की दिशा बदलने पर कुछ अन्य पश्चिमी क्षेत्रों में भी स्थानीय बारिश हो सकती है.
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम राजस्थान के मौसम को कैसे प्रभावित करेगा?
बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के आसपास 11 सितंबर को नया कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और नमी उपलब्ध होने पर राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. मानसून ट्रफ की स्थिति भी महत्वपूर्ण रहेगी. इन दोनों मौसमी प्रणालियों की दिशा और ताकत राजस्थान में बारिश का दायरा तय करेंगी.



