Public Opinion | What Is Mirzapur Web Series Song Controversy | मिर्जापुर वेब सीरीज में महाराणा प्रताप-चेतक गीत पर बवाल

Mirzapur Film Song Dispute : फिल्म और वेब सीरीज में आए दिन किसी-न-किसी बात को लेकर अक्सर बहस होती रहती है, लेकिन इस बार विवाद महाराणा प्रताप और वीर चेतक के शौर्य से जुड़े एक गीत को लेकर है. मिर्जापुर वेब सीरीज में इस गीत का इस्तेमाल गैंगवार और नगेटिव किरदारों वाले दृश्यों की पृष्ठभूमि में किए जाने पर मेवाड़ में नाराजगी सामने आई है. राजपूत, क्षत्रिय, ब्राह्मण और जैन समाज से जुड़े संगठनों ने इसे लेकर आपत्ति जताई है.
विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि महाराणा प्रताप और चेतक केवल मेवाड़ ही नहीं, बल्कि देश के शौर्य, त्याग और स्वाभिमान के प्रतीक हैं. ऐसे गौरवशाली इतिहास से जुड़े गीत को गैंगस्टर या हिंसा वाले दृश्यों के साथ जोड़ना लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है. संगठनों ने सेंसर बोर्ड से भी फिल्म से इस गीत को हटाने और निर्माताओं से माफी मांगने की मांग की है.
महापुरुषों के गौरव को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला गोकुल दुलावत ने कहा कि मिर्जापुर के एक दृश्य में शूरवीर गीत का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. महाराणा प्रताप और चेतक मेवाड़ की आन-बान-शान, शौर्य, त्याग और स्वाभिमान के प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि मनोरंजन और रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर महापुरुषों के गौरव को ठेस पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जा सकता.
जैन समाज में भी भारी आक्रोशसकल जैन समाज उदयपुर के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने कहा कि रचनात्मक स्वतंत्रता अपनी जगह है, लेकिन ऐतिहासिक प्रतीकों के इस्तेमाल में संवेदनशीलता जरूरी है.महाराणा प्रताप और वीर चेतक देश के गौरवशाली प्रतीक हैं. ऐसे मामलों का समाधान आपसी संवाद और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए, ताकि ऐतिहासिक सम्मान के साथ सामाजिक सौहार्द भी बना रहे.
रचनात्मक स्वतंत्रता की आड़ में जनभावनाओं से खिलवाड़श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि रचनात्मक स्वतंत्रता की आड़ में ऐतिहासिक महापुरुषों के गौरव और जनभावनाओं से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि मेवाड़ के शौर्य और स्वाभिमान से जुड़े प्रतीकों का सम्मान सर्वोपरि है. अर्जुन सिंह राणावत ने कहा कि महाराणा प्रताप और चेतक की वीर गाथाओं को नकारात्मक किरदारों के साथ जोड़ना उचित नहीं है.ये केवल बैकग्राउंड म्यूजिक नहीं, बल्कि लोगों की गौरवशाली विरासत का हिस्सा हैं.
निर्माताओं पर जनता ने किया करारा प्रहार
बजरंग सेना के अध्यक्ष कमलेंद्र सिंह पंवार ने भी निर्माताओं से ऐतिहासिक मर्यादा का ध्यान रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप और चेतक से जुड़े प्रतीकों का सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुंबई में गैंगवार के दृश्यों में अगर छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ा गौरव गीत इस्तेमाल किया जाता तो वहां लोगों की क्या प्रतिक्रिया होती, इस पर निर्माताओं को भी सोचना चाहिए. संगठनों ने कहा कि विरोध लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा.



