Pali News | Rajasthan famous Sweet

पाली. कहते हैं कि अगर स्वाद में सच्चा दम हो, तो नाम और पहचान की मोहताजी नहीं होती. कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है पाली शहर के भीतरी मार्केट में स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ महादेव मंदिर के पास. यहां एक ऐसी दुकान है, जिस पर न तो कोई साइनबोर्ड लगा है और न ही इस दुकान का कोई आधिकारिक नाम है.
लेकिन इसके बावजूद स्वाद के शौकीन लोग इसे ढूंढते हुए दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं. हम बात कर रहे हैं करीब 70 साल पुरानी इस ऐतिहासिक दुकान की, जहां कमलेश वैष्णव के हाथों के बने मिर्चीबड़े और पकौड़ों का जादू आज भी सिर चढ़कर बोलता है. दशक बदल गए, जमाना बदल गया, लेकिन पीढ़ियों से चला आ रहा इस दुकान का पारंपरिक स्वाद आज भी रत्ती भर नहीं बदला. सुबह हो या शाम, यहां पकौड़ों की चुस्की और मिर्चीबड़े का चटकारा लेने वालों का मेला सा लगा रहता है.
तीन पीढ़ियों का अटूट भरोसा और 70 साल पुराना पारंपरिक स्वादकरीब 60 से 70 साल पुरानी इस ऐतिहासिक दुकान को फिलहाल कमलेश वैष्णव संभाल रहे हैं. पीढ़ियों से चला आ रहा यह स्वाद आज भी वैसा ही है, जैसा दशकों पहले हुआ करता था. जमाना बदल गया, खान-पान के तरीके बदल गए, लेकिन इस दुकान के मिर्चीबड़े और पकौड़ों की रेसिपी और उनका पारंपरिक जायका रत्ती भर भी नहीं बदला.
दूर-दूर गांवों से आते हैं लोग
यही वजह है कि शहर ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के गांवों से पाली आने वाले लोग भी इस दुकान पर हाजिरी लगाना नहीं भूलते. लोगों को अच्छी तरह मालूम है कि दुकान का कोई नाम नहीं है, फिर भी वे सीधे यहीं पहुंचते हैं. यही वजह है कि यहां पकौड़ों के साथ दी जाने वाली चटनी का भी एक अलग ही टेस्ट है, जो लोगों को खूब पसंद आता है.
बारिश के मौसम में जगह मिलना मुश्किल, हर वक्त लगता है मेलादुकान भले ही गुमनाम हो, लेकिन इसकी लोकप्रियता का अंदाजा यहां लगने वाली भीड़ से लगाया जा सकता है. आम दिनों में तो यहां हर समय ग्राहकों का तांता लगा ही रहता है, लेकिन मानसून या बारिश के मौसम में तो आलम यह होता है कि दुकान के बाहर खड़े रहने तक की जगह नहीं मिलती. कड़ाही से जैसे ही गरमा-गरम मिर्चीबड़े और चटपटे पकौड़े छनकर बाहर निकलते हैं, मिनटों में गायब हो जाते हैं.
‘स्वाद ऐसा जो दिल जीत ले’- क्या कहते हैं ग्राहक?दुकान पर सालों से आ रहे नियमित ग्राहक अजय सिंह बताते हैं, “इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत इसका वही पुराना और शुद्ध स्वाद है. पाली में मिर्चीबड़े की कई दुकानें होंगी, लेकिन जो स्वाद कमलेश वैष्णव के हाथों के बने पकौड़ों और मिर्चीबड़े में है, वो कहीं और नहीं मिलता. यहां दुकान का नाम मायने नहीं रखता, काम और स्वाद बोलता है.”
सोमनाथ मंदिर आने वाले लोग चखना नहीं भूलते जायकासोमनाथ महादेव मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु हों या भीतरी बाजार में खरीदारी करने आए लोग, हर कोई इस दुकान का जायका चखे बिना वापस नहीं लौटता. 70 सालों से लगातार लोगों के दिलों पर राज कर रही यह गुमनाम दुकान आज पाली के खान-पान की धरोहर बन चुकी है.



