Best Cities for UPSC Coaching: यूपीएससी कोचिंग के लिए मशहूर हैं ये 5 शहर, यूपी-बिहार से लेकर दिल्ली-राजस्थान में कर सकते हैं तैयारी

नई दिल्ली (Best Cities for UPSC Coaching). यूपीएससी की तैयारी का नाम सुनते ही दिमाग में दिल्ली के मुखर्जी नगर और ओल्ड राजेंद्र नगर की तंग गलियों की तस्वीर उभर आती है. दिल्ली जाए बिना सिविल सेवा परीक्षा पास करना असंभव सा माना जाता है. लेकिन समय बदलने के साथ देश के दूसरे शहरों ने भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है. आज यूपीएससी कोचिंग का लोड सिर्फ एक शहर पर नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कई शानदार एजुकेशन हब बन चुके हैं.
यूपी-बिहार से लेकर दिल्ली और राजस्थान तक, स्टूडेंट्स को उनकी जरूरत और बजट के हिसाब से बेस्ट कोचिंग और माहौल दिया जा रहा है. अभ्यर्थी हिंदी मीडियम का हो या अंग्रेजी मीडियम का, हर किसी के लिए ढेरों रास्ते खुले हुए हैं. सिविल सेवा की तैयारी कर रहे ज्यादातर अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा संकट भाषा और शहर के चुनाव का होता है. अंग्रेजी माध्यम वालों के लिए दुनियाभर का स्टडी मटीरियल है. वहीं हिंदी माध्यम वाले ऐसे किफायती माहौल की तलाश करते हैं, जहां उन्हें अनुभवी शिक्षकों का साथ मिल सके.
यूपीएससी कोचिंग के लिए मशहूर हैं ये 5 शहर
यूपीएससी कोचिंग के लिए शहर का चुनाव सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं होता. इसमें रहना-खाना, लाइब्रेरी का खर्च और सबसे बढ़कर पॉजिटिव पीयर ग्रुप (Peer Group) भी बहुत बड़ा रोल निभाता है. जानिए हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थी देश के किन चुनिंदा शहरों में यूपीएससी कोचिंग करने के लिए जाते हैं.
दिल्ली: अंग्रेजी माध्यम का गढ़ और हिंदी का पुराना केंद्र
दिल्ली को यूपीएससी की दुनिया का ‘मक्का’ कहा जाता है. यहां अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों को जिस लेवल का एक्सपोजर, बड़ी कोचिंग्स की भरमार और स्टैंडर्ड लाइब्रेरी कल्चर मिलता है, उसका मुकाबला शायद ही कोई दूसरा शहर कर सके. ओल्ड राजेंद्र नगर और करोल बाग जैसे इलाके इंग्लिश मीडियम एस्पिरेंट्स के हब बन चुके हैं. देश के सबसे बड़े फैकल्टी मेंबर्स यहां क्लास लेते हैं. वहीं, मुखर्जी नगर हिंदी माध्यम वालों का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. हिंदी बेल्ट के लाखों छात्र यहां अपनी किस्मत आजमाने आते हैं.
नोट- पिछले कुछ सालों में दिल्ली में रहने और खाने का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ गया है. इस वजह से अब यूपीएससी एस्पिरेंट दूसरे ऑप्शन की तरफ भी तेजी से रुख कर रहे हैं.
प्रयागराज और पटना: हिंदी माध्यम के सबसे भरोसेमंद और सस्ते ठिकाने
अगर आप हिंदी माध्यम से हैं और बजट की पाबंदी है तो उत्तर प्रदेश का प्रयागराज और बिहार की राजधानी पटना वरदान से कम नहीं हैं. प्रयागराज के कर्नलगंज और अल्लापुर इलाकों ने देश को अनगिनत आईएएस और आईपीएस दिए हैं. यहां कम खर्च में बेहतरीन किताबें और स्थानीय स्तर पर शानदार गाइडेंस मिल जाता है. इसी तरह, पटना के बोरिंग रोड और कदमकुआं जैसे इलाके यूपीएससी और बीपीएससी की तैयारी करने वाले हिंदी भाषी छात्रों से हमेशा गुलजार रहते हैं.
नोट- पटना की सबसे बड़ी खूबी है कि यहां रहना और खाना दिल्ली के मुकाबले बेहद सस्ता है. इससे मिडिल क्लास परिवार के बच्चे बिना आर्थिक दबाव के आराम से तैयारी कर पाते हैं.
जयपुर और लखनऊ: अंग्रेजी और हिंदी के लिए उभरते स्मार्ट ऑप्शन
पिछले कुछ सालों में राजस्थान की राजधानी जयपुर और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने यूपीएससी कोचिंग के नक्शे पर मजबूत जगह बनाई है. जयपुर के गोपालपुरा बाईपास में अंग्रेजी और हिंदी, दोनों माध्यमों के लिए एक जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने लगी हैं. यहां का शांत माहौल और किफायती PG कल्चर बिना किसी भटकाव के पढ़ाई पर फोकस करने की छूट देता है. लखनऊ में भी कई नामी संस्थान और बेहतरीन लाइब्रेरी खुल चुकी हैं. अवध क्षेत्र और आस-पास के जिलों के छात्र बड़ी संख्या में तैयारी करने आते हैं.
नोट- टियर-2 शहरों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां दिल्ली जैसी भागदौड़ और मानसिक तनाव नहीं होता. इससे अभ्यर्थी स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली के साथ यूपीएससी की तैयारी कर सकते हैं.



