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‘कल जो हुआ उससे सब दुखी’: दिल्ली में CJP की घटना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, किसी भी मनमानी की अनदेखी नहीं करेंगे

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‘कल जो हुआ उससे सब दुखी हैं’: दिल्ली में CJP की घटना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

Last Updated:October 11, 2026, 13:32 IST

Supreme Court CJP Protest: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों के नाम पर दिल्ली को ठप करने का मामला अब प्रशासनिक शीर्ष अधिकारियों की गले की फांस बन गया है. 9 अक्टूबर के अदालती निर्देशों की कथित खुली अवहेलना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 11 अक्टूबर को विशेष सुनवाई की, जहां मेट्रो बंद करने और नेताओं की एहतियाती गिरफ्तारी के खिलाफ जोरदार कानूनी जंग छिड़ी.Amazon Prime DayTop Deals Inside'कल जो हुआ उससे सब दुखी हैं': दिल्ली में CJP की घटना पर सुप्रीम कोर्ट सख्तZoomसुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों और वकीलों को निष्पक्ष सुनवाई का भरोसा दिया. (फाइल फोटो)

Supreme Court CJP Protest: सुप्रीम कोर्ट ने 11 अक्टूबर को विशेष सुनवाई के दौरान कहा कि वह सभी वकीलों को अपनी दलीलें रखने का मौका देगी. सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने के उसके निर्देश के कथित खुले उल्लंघन को लेकर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा है.

जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुनेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि किसी को असुविधा न हो. पीठ ने कहा कि जस्टिस हमेशा देश की सेवा के लिए तत्पर है. पीठ ने कहा, “हमें पता है कि कल जो कुछ हुआ, उससे आप सभी आहत हैं. जो हुआ हम उसे हल्के में लेने के लिए यहां नहीं बैठे हैं.”

सुप्रीम कोर्ट नेताओं की हिरासत को चुनौती देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर भी सुनवाई कर रहा है. अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से दायर अवमानना याचिका में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की अध्यक्ष डी. थारा को प्रतिवादी बनाया गया है.

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के नौ अक्टूबर के आदेश का उल्लेख किया गया है. यह आदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशन को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था. निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉजपा और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का आह्वान किया था.

सरकार ने 10 अक्टूबर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करके और 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोक दिया. हिरासत में लिए गए लोगों में कॉजपा नेता अभिजीत दीपके, विपक्ष के कई नेता और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल थे.

About the Authorराकेश रंजन कुमार

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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New Delhi,Delhi

First Published :

October 11, 2026, 13:30 IST

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