Rajasthan

Agriculture: जयपुर के खेतों में गोभी की खेती का अलग मॉडल, जानें किसान शैतान सिंह का प्रयोग कैसे बना खास

होमताजा खबरकृषि

जयपुर के किसान शैतान सिंह का गोभी की खेती में अनूठा प्रयोग, जानें खासियत

Last Updated:October 16, 2026, 10:14 IST

Farmer Shaitan Singh Organic Farming: जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के इसरावाला गांव में किसान शैतान सिंह जैविक तरीके से सब्जियों की खेती कर रहे हैं. वे कई वर्षों से पत्ता गोभी उगाने के साथ फूलगोभी, ब्रोकली, तोरी और अन्य मौसमी सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं. किसान का मानना है कि जैविक तरीकों को अपनाकर रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है. इसके लिए मिट्टी की गुणवत्ता, सिंचाई, फसल की जरूरत और समय पर देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है. इसरावाला और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान पत्ता गोभी की खेती करते हैं. शैतान सिंह का अनुभव दूसरे किसानों के लिए भी उपयोगी हो सकता है. उनका कहना है कि खेती में पारंपरिक अनुभव के साथ नई तकनीकों का इस्तेमाल और बाजार की मांग को समझना बेहतर परिणाम हासिल करने में मददगार हो सकता है.Amazon Prime DayTop Deals Inside

जयपुर. राजस्थान के जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के इसरावाला गांव में किसान अब जैविक खेती की ओर रुख कर रहे हैं. यहां के प्रगतिशील किसान शैतान सिंह पिछले कई वर्षों से जैविक तरीके से पत्ता गोभी की खेती कर रहे हैं. वे पत्ता गोभी के साथ फूलगोभी, ब्रोकली, तोरी और मौसम के अनुसार दूसरी सब्जियों की खेती भी करते हैं. किसान का कहना है कि जैविक तरीके से खेती करने पर रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिलती है. इससे खेती की लागत घटाने और बेहतर मुनाफा कमाने का अवसर मिलता है.

किसान शैतान सिंह ने बताया कि वे कई वर्षों से जैविक तरीके से सब्जियों की खेती कर रहे हैं. खेती में मौसम और मिट्टी के अनुसार फसलों का चयन करते हैं. पत्ता गोभी उनके खेत की प्रमुख फसलों में शामिल है. इसके अलावा फूलगोभी, ब्रोकली, तोरी और अन्य मौसमी सब्जियां भी उगाते हैं. इससे उन्हें अलग-अलग मौसम में सब्जियों की खेती करने का अवसर मिलता है. उन्हाेंने बताया कि जैविक खेती में फसलों की देखभाल, मिट्टी की गुणवत्ता और सिंचाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. सही समय पर खेती से जुड़े काम करने और फसल की जरूरत के अनुसार पोषण देने से बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलती है. किसान का मानना है कि खेती में नई तकनीकों के साथ पारंपरिक अनुभव का इस्तेमाल करके भी अच्छे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.

गांव में सैकड़ों एकड़ खेत में हो रही पत्ता गोभी की खेती

इसरावाला गांव और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान पत्ता गोभी की खेती करते हैं. यह फसल क्षेत्र के किसानों की आमदनी का एक महत्वपूर्ण साधन बन रही है. सब्जियों की खेती से किसानों को अपनी जमीन और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने का अवसर मिलता है. पत्ता गोभी की अच्छी पैदावार के लिए खेत की तैयारी, पौधों के बीच उचित दूरी, समय पर सिंचाई और फसल की नियमित निगरानी जरूरी है. फसल में रोग और कीट दिखाई देने पर समय रहते उचित उपाय करने चाहिए। इससे फसल को नुकसान से बचाने में मदद मिलती है.

जैविक खेती से लागत घटाने पर दिया जा रहा जोर

किसान शैतान सिंह का कहना है कि खेती में लागत कम करना और उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है. जैविक खेती में गोबर की खाद, कम्पोस्ट और अन्य स्वीकृत जैविक उपायों का उचित इस्तेमाल करके मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद मिल सकती है. जैविक खेती में भी फसल की जरूरत के अनुसार पोषण प्रबंधन और रोगों से बचाव करना जरूरी है. उन्होंने बताया कि किसान यदि अपने खेत की मिट्टी, मौसम और पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर खेती करें तो बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही, सब्जियों की खेती शुरू करने से पहले बाजार की मांग और बिक्री की संभावनाओं को समझना भी जरूरी है.

किसानों के लिए बन सकती है बेहतर राह

इसरावाला गांव में जैविक सब्जियों की खेती का अनुभव दूसरे किसानों के लिए भी उपयोगी हो सकता है. किसान अपनी परिस्थितियों के अनुसार जैविक तरीकों को अपनाकर खेती की लागत कम करने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में प्रयास कर सकते हैं. इसके लिए खेती की सही योजना, समय पर फसल प्रबंधन और बाजार की जानकारी जरूरी है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

और पढ़ेंLocation :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

October 16, 2026, 10:14 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj