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Agriculture News: अब खेत में ही सूखेंगी फल-सब्जियां, सोलर ड्रायर पर सरकार देगी 1.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी

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अब खेत में ही सूखेंगी फल-सब्जियां, सोलर ड्रायर पर सरकार देगी लाखों की सब्सिडी

Last Updated:July 07, 2026, 11:26 IST

Agriculture Solar Dryer: सरकार ने किसानों के लिए सोलर ड्रायर योजना शुरू की है. इससे फल-सब्जियों की बर्बादी रुकेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे. 40% तक सब्सिडी मिलेगी. सीकर और झुंझुनूं जैसे क्षेत्रों के किसानों के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभदायक मानी जा रही है. यहां बड़े पैमाने पर प्याज, खीरा, मिर्च, आंवला और अन्य बागवानी फसलों की खेती होती है.

Agriculture News: फल और सब्जियों की बर्बादी रोकने तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार किसानों का साथ देगी. सरकार ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के फलोत्तर कार्यक्रम के तहत पहली बार सोलर ड्रायर योजना शुरू की है. इस योजना के जरिए किसान अपनी उपज को खेत पर ही वैज्ञानिक और स्वच्छ तरीके से सुखा सकेंगे. इससे फसल लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी और बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी.

इस योजना के तहत किसानों को सोलर ड्रायर खरीदने पर लगभग 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी. शुरुआती चरण में पूरे राजस्थान में 500 सोलर ड्रायर वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें अभी फिलहाल प्रत्येक जिले को औसतन 10 सोलर ड्रायर मशीन दिए जाएंगे. किसानों का चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा, जिससे पात्र किसानों को बिना अनावश्यक देरी के योजना का लाभ मिल सके.

सीकर और झुंझुनूं जैसे क्षेत्रों के किसानों के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभदायक मानी जा रही है. यहां बड़े पैमाने पर प्याज, खीरा, मिर्च, आंवला और अन्य बागवानी फसलों की खेती होती है. भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं होने से किसानों को अक्सर अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ती है. सोलर ड्रायर मिलने से वे उपज को सुरक्षित रखकर उचित समय पर अच्छे दामों में बेच सकेंगे.

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राष्ट्रीय बागवानी मिशन, उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि योजना को किसानों की जरूरत के अनुसार दो श्रेणियों में लागू किया गया है. पहली श्रेणी 100 किलोग्राम क्षमता की है, जिसकी लागत 3.50 लाख रुपए निर्धारित की गई है. इस पर सरकार 1.50 लाख रुपए तक की सब्सिडी देगी, जबकि बाकी राशि किसान को वहन करनी होगी. यह यूनिट बड़े और व्यावसायिक स्तर पर खेती करने वाले किसानों के लिए उपयोगी होगी.

उन्होंने बताया कि दूसरी श्रेणी 70 किलोग्राम क्षमता की है, जिसे लघु एवं सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसकी कुल कीमत 2.50 लाख रुपए तय की गई है और इस पर सरकार 1 लाख रुपए तक की सब्सिडी देगी. इस सहायता से छोटे किसान भी आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी फसलों का मूल्य बढ़ा सकेंगे तथा आय में सामान्य से अधिक आय में वृद्धि कर पाएंगे.

प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने योजना को समय पर लागू करने के लिए सोलर ड्रायर बनाने वाली फर्मों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. चयनित किसान उद्यान विभाग द्वारा अधिकृत कंपनियों के माध्यम से अपने खेत या घर पर ड्रायर स्थापित करा सकेंगे. सीकर जिले को भी 10 से अधिक यूनिट मिलने मिलगी, जिससे जिले के बागवानी किसानों को सीधा लाभ मिलेगा.

उन्होंने बताया कि सोलर ड्रायर तकनीक पारंपरिक खुले में सुखाने की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी मानी जाती है. इस मशीन में प्याज, टमाटर, मिर्च, आंवला, हरा धनिया, पुदीना, कैर, सांगरी तथा अन्य फल-सब्जियों को लगभग चार घंटे में स्वच्छ तरीके से सुखाया जा सकता है. इससे उनके प्राकृतिक रंग, स्वाद, सुगंध और पोषक तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे बाजार में उनकी गुणवत्ता और कीमत दोनों बढ़ती हैं.

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