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श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले के आरोपियों की ‘पुलिस परेड’ बताकर वायरल वीडियो निकला फर्जी, जानें पूरा सच

Last Updated:July 07, 2026, 23:49 IST

Fact Check: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो को श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले के आरोपियों की कथित ‘पुलिस परेड’ बताकर साझा किया जा रहा है. हालांकि, जांच में यह दावा भ्रामक और गलत पाया गया है. तथ्य जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो का श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले से कोई संबंध नहीं है और इसे गलत संदर्भ के साथ प्रसारित किया जा रहा है. इस तरह के भ्रामक पोस्ट लोगों में भ्रम फैलाने और गलत जानकारी फैलाने का कारण बन सकते हैं. विशेषज्ञों और प्रशासन की सलाह है कि किसी भी वायरल वीडियो या पोस्ट पर विश्वास करने से पहले उसके स्रोत और आधिकारिक जानकारी की पुष्टि अवश्य करें. फेक न्यूज और भ्रामक दावों से बचने के लिए केवल विश्वसनीय समाचार स्रोतों और आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें.

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श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले के आरोपियों की पुलिस परेड बताकर वीडियो निकला फर्जीZoomFact Check: श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले के आरोपियों की ‘पुलिस परेड’ बताकर वायरल वीडियो निकला फर्जी

राजस्थान: राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर देश भर में आक्रोश है. इस दुखद घटना के बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में पुलिस कुछ आरोपियों के हाथ रस्सी से बांधकर उनकी सार्वजनिक परेड कराती और उन्हें पीटती हुई नजर आ रही है. इंटरनेट पर कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि ये वही लोग हैं जिन्होंने श्रीगंगानगर में इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया था.

हालांकि, ‘फैक्ट चेक’ की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है. इस वायरल हो रहे वीडियो का राजस्थान की घटना से कोई भी दूर-दूर तक संबंध नहीं है.

सोशल मीडिया पर किया जा रहा है दावाइंटरनेट पर वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स बेहद भावुक और गुस्से से भरे संदेश लिख रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘यही हैं वो 13 साल की बिटिया के साथ दरिंदगी करने वाले दरिंदे… इन दरिंदों को ऐसी सजा दी जाए जो दुनिया में मिसाल बने.’ वायरल पोस्ट्स में यह माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है कि राजस्थान पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को सरेआम सबक सिखाया है.

जांच में सामने आई असली सच्चाईजब इस वीडियो के की-फ्रेम्स को इंटरनेट पर रिवर्स सर्च और कीवर्ड्स के जरिए खंगाला गया, तो सच्चाई कुछ और ही निकली. असल में यह वीडियो राजस्थान का नहीं, बल्कि गुजरात का है. यह घटना मार्च 2026 की है, जब गुजरात के पाटन जिले के झीलिया गांव में एक मंदिर के चंदे को लेकर पुराना विवाद गहरा गया था. इस विवाद के चलते कुछ लोगों ने एक फार्म हाउस और वहां खड़ी पुलिस गाड़ी पर हमला कर दिया था. उस समय गुजरात पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और अदालत में पेश करने के दौरान उनकी सार्वजनिक परेड कराई थी. इस घटना को मार्च 2026 में कई बड़े क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने प्रमुखता से कवर किया था.

श्रीगंगानगर मामले की वर्तमान स्थितिश्रीगंगानगर की घटना बहुत गंभीर है और पुलिस इस पर सख्ती कार्रवाई कर रही है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और अब तक इस केस के सिलसिले में कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. लेकिन जिस वीडियो को अपराधियों की दुर्दशा और पुलिस कार्रवाई के नाम पर फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह से असंबंधित और पुराना है.

फर्जी निकला वायरल हो रहा वीडियोभ्रामक दावों के साथ वायरल हो रहा वीडियो गुजरात में चंदे के विवाद से जुड़ी एक पुरानी घटना का है. इसका श्रीगंगानगर के सामूहिक दुष्कर्म मामले या उसके आरोपियों से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है. आमजन से अपील है कि बिना पुष्टि के ऐसे संवेदनशील मामलों से जुड़े वीडियो या असत्यापित दावों को आगे शेयर न करें.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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