Alwar News Inflation | अलवर में बढ़ी महंगाई, रसोई का बजट बिगड़ा

Last Updated:August 13, 2026, 08:05 IST
Alwar News: अलवर जिले में बढ़ती महंगाई से आम जनता और गृहिणियों का बजट बिगड़ गया है. आटा, चीनी, खाद्य तेल, दालें और मसालों के दामों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. पहले जिस परिवार का राशन 5-6 हजार रुपए में आता था, अब उसके लिए 8-9 हजार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं. थोक बाजार में सरसों के दाम 8000 रुपए प्रति क्विंटल पार करने से तेल महंगे हुए हैं. त्योहारों के मौसम से पहले लोग अतिरिक्त खर्चों में कटौती कर केवल जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं.
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Alwar News: अलवर जिले में लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आम नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया है. विशेषकर गृहिणियों की रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है. रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के बढ़ते दामों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है. बाजार में पिछले कुछ दिनों से घर में रोजाना सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाली चीजों पर कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीनी, आटा, खाद्य तेल, गुड़, लाल मिर्च और अन्य मसालों के दाम आसमान छू रहे हैं.
इस बढ़ती महंगाई के कारण सबसे अधिक परेशानी मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को झेलनी पड़ रही है. इन परिवारों का मासिक रसोई का खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है. अलवर की स्थानीय गृहिणी सरोज यादव और रौनक बानो ने बताया कि पहले एक छोटे परिवार की रसोई का महीने का सामान 5 से 6 हजार रुपए में आ जाता था. लेकिन अब वही सामान खरीदने के लिए 8 से 9 हजार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं. इसके कारण घर का पूरा महीने का बजट बिगड़ चुका है और मजबूरी में अन्य जरूरी घरेलू खर्चों में भारी कटौती करनी पड़ रही है.
किराना बाजार में खुदरा भाव की स्थितिअलवर के खुदरा बाजार में रोजमर्रा की जरूरी खाद्य वस्तुओं के भाव में काफी उछाल आया है. वर्तमान में चीनी 50 से 52 रुपए प्रति किलो बिक रही है. वहीं सरसों का तेल 180 रुपए प्रति लीटर और रिफाइंड तेल 165 से 170 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है. आटा 30 से 35 रुपए प्रति किलो और वनस्पति घी 150 रुपए प्रति किलो मिल रहा है. दालों के दामों में भी तेजी है, जहां चना दाल 85 से 90 रुपए और उड़द दाल 125 रुपए प्रति किलो बिक रही है. मसालों की बात करें तो हल्दी 260 से 270 रुपए, लाल मिर्च 300 से 320 रुपए और धनिया 200 रुपए प्रति किलो के स्तर पर है. ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले गुड़ के दाम भी 55 से 60 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं.
थोक भाव और परिवहन लागत बनी वजहखैरथल के किराना व्यापारियों के अनुसार थोक बाजार में तेजी के कारण खुदरा भाव बढ़ाना मजबूरी बन गया है. सरसों के दाम 8000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर चले गए हैं, जिससे खाद्य तेलों के सभी ब्रांड महंगे हो गए हैं. व्यापारियों का कहना है कि थोक भाव में बढ़ोतरी, बढ़ती परिवहन लागत और त्योहारों से पहले मांग में तेजी के कारण कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. उपभोक्ता अब केवल बेहद जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
August 13, 2026, 08:05 IST



