तालाब में नहीं, कलश में विसर्जन… जोधपुर की अनोखी पहल ने तालाबों की जिंदगी संवार दी!

तालाब में नहीं, कलश में विसर्जन… अनोखी पहल ने तालाबों की जिंदगी संवार दी!
Jodhpur News: जोधपुर के गुरों का तालाब से एक ऐसी पहल सामने आई है, जो आस्था और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की मिसाल बन रही है. यहां अब पूजन सामग्री को सीधे पानी में विसर्जित करने के बजाय विशेष कलशों में एकत्र किया जा रहा है, जिससे तालाब को प्रदूषण से बचाया जा सके. पिछले दो महीनों में 194 नारियल, 15 किलो से ज्यादा कपड़े और 200 से अधिक मूर्तियां व तस्वीरें एकत्र की गई हैं. इस पहल की खास बात यह है कि एकत्रित सामग्री को फेंका नहीं जा रहा, बल्कि उसका पुनः उपयोग किया जा रहा है. नारियल गौशालाओं में भेजे जा रहे हैं, कपड़ों से कैरी बैग और अन्य उपयोगी चीजें बनाई जा रही हैं, जबकि मूर्तियों और तस्वीरों को वैज्ञानिक तरीके से खाद में बदला जा रहा है. सीसीटीवी निगरानी और युवाओं की भागीदारी से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. यह अभियान न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि परंपरा निभाते हुए प्रकृति का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है.




