Animal Jewellery Market: महिलाओं की तरह गाय-भैंस भी पहनती हैं गहने, दिवाली पर करौली में लगता है अनोखा बाजार

Last Updated:November 03, 2026, 18:25 IST
Animal Jewellery Market: राजस्थान के करौली में दिवाली पर सात दिनों के लिए पशुओं के गहनों का अनोखा बाजार सजता है. यहां गाय, भैंस और बैलों के लिए मालाएं, घंटियां और घुंघरू समेत कई तरह के आभूषण मिलते हैं. इनकी कीमत 10 रुपए से लेकर हजार रुपए तक होती है.
करौली. दीपावली का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, कहीं सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी होती है तो कहीं घरों को सजाने के लिए रंग-बिरंगे सामान बिकते हैं. लेकिन राजस्थान के करौली में दीपावली के अवसर पर एक ऐसा खास बाजार भी सजता है, जो आम बाजारों से बिल्कुल अलग है. यह बाजार महिलाओं या पुरुषों के लिए नहीं, बल्कि पशुओं के श्रृंगार के लिए लगता है. यहां गाय, भैंस और बैलों को सजाने के लिए एक से बढ़कर एक पारंपरिक गहने मिलते हैं.
करौली के सर्राफा बाजार में दीपावली के आसपास पशुओं के आभूषणों की दुकानें सज जाती हैं. खास बात यह है कि यह बाजार पूरे साल नहीं लगता, बल्कि दीपावली के मौके पर महज सात दिनों के लिए ही इसकी रौनक देखने को मिलती है. ग्रामीण क्षेत्रों से किसान और पशुपालक यहां अपने पशुओं के लिए गहने खरीदने पहुंचते हैं. ग्रामीण अंचल में पशुओं का महत्व केवल दूध या खेती तक सीमित नहीं है. किसान गाय, भैंस और बैलों को अपनी आजीविका का अहम हिस्सा मानते हैं. खेती-किसानी में पशुधन की भूमिका को देखते हुए किसान दीपावली के अवसर पर उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं. इसी परंपरा के तहत लक्ष्मी पूजन के बाद पशुओं को नहलाकर उनका श्रृंगार किया जाता है और विधि-विधान से पूजन किया जाता है. किसानों का मानना है कि पशुधन की खुशहाली से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
महिलाओं के गहनों की तरह पशुओं के भी कई डिजाइन
इस बाजार की सबसे खास बात यहां मिलने वाले पशुओं के आभूषणों की वैरायटी है. जिस तरह महिलाओं के लिए सोने-चांदी के हार, कंगन, पायल और अन्य गहने होते हैं, उसी तरह पशुओं के लिए भी अलग-अलग तरह के श्रृंगार के सामान उपलब्ध रहते हैं. इनमें गले में पहनाने वाली मालाएं, घंटियां, घुंघरू और अन्य पारंपरिक सजावटी आभूषण शामिल हैं. किसान अपनी पसंद और बजट के अनुसार इनकी खरीदारी करते हैं.
हजारों रुपये तक पहुंचती है गहनों की कीमतपशुओं के इन आभूषणों की कीमत उनकी बनावट, डिजाइन और गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग होती है. कुछ सामान कम कीमत में मिल जाते हैं, जबकि विशेष डिजाइन और आकर्षक सजावट वाले आभूषणों की कीमत हजारों रुपये तक पहुंच जाती है. व्यापारी पंकज गुप्ता ने बताया कि दिवाली के अवसर ₹10 से लेकर हजार रुपए तक की पशुओं की गहने करौली के सर्राफा बाजार में बिकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान अपने पशुओं के लिए एक से अधिक गहने भी खरीदते हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Karauli,Rajasthan
First Published :
November 03, 2026, 18:25 IST



