सावधान! OTT पर मौजूद वो 7 बॉलीवुड फिल्में, बोल्डनेस के कारण कुछ पर लगा बैन, परिवार के साथ भूलकर भी न देखें

Last Updated:April 22, 2026, 10:59 IST
कहा जाता है कि सिनेमा समाज का आईना होता है, लेकिन कभी-कभी यह आईना इतना कठोर या बोल्ड हो जाता है कि सेंसर बोर्ड इसे पब्लिक के सामने लाने में हिचकिचाता है. कई बॉलीवुड फिल्मों ने बोल्डनेस, धार्मिक कट्टरता और सेक्सुअल रिलेशनशिप जैसे टॉपिक को खुले तौर पर दिखाया, जिसके कारण उन्हें थिएटर से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया. सालों तक धूल फांकने के बाद, ये फिल्में अब अपने ओरिजिनल, बिना कट के OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं. अगर आप इन फिल्मों को देखना चाहते हैं, तो इसे अकेले ही देखें, क्योंकि अगर आप इन्हें अपने परिवार के साथ देखेंगे तो इनका कंटेंट आपको असहज और शर्मिंदा कर सकता है.
नई दिल्ली. सेंसर बोर्ड ने हमेशा इंडियन फिल्म इतिहास में एक सख्त निगरानी रखने वाले के तौर पर काम किया है. खासकर 90 के दशक और 2000 के दशक की शुरुआत में, कई ऐसी फिल्में बनीं, जिनके कंटेंट बेहद बोल्ड थे. इस वजह से उन्हें थिएटर से बैन कर दिया गया था. लेकिन आज, OTT प्लेटफॉर्म ने इन बैन की हुई फिल्मों को नई जिंदगी दे दी है. यहां दिक्कत यह है कि ये फिल्में बिना किसी कट के OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे इन्हें परिवार के साथ देखना बहुत रिस्की हो जाता है.
1. अनफ्रीडम: राज अमित कुमार की यह फिल्म इंडियन सेंसरशिप के इतिहास की सबसे विवादित फिल्मों में से एक है. फिल्म में होमोसेक्शुअल रिश्तों और धार्मिक कट्टरता के बीच टकराव को दिखाया गया है. इसमें न सिर्फ बहुत बोल्ड और इंटिमेट सीन हैं, बल्कि इसमें बहुत ज्यादा हिंसा भी है. सेंसर बोर्ड ने इसे इंडिया में पूरी तरह से बैन कर दिया था. यह अब नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है, लेकिन इसे सिर्फ प्राइवेट में ही देखा जा सकता है.
2. लिपस्टिक अंडर माय बुर्का: अलंकृता श्रीवास्तव की इस फिल्म को शुरू में सेंसर बोर्ड ने इसके ‘फीमेल-सेंट्रिक’ नेचर और ‘फैंटेसी’ के नाम पर अश्लीलता के इस्तेमाल का हवाला देते हुए सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया था. हालांकि बाद में इसे कुछ कट्स के साथ रिलीज किया गया, लेकिन इसका अनकट वर्जन OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. यह फिल्म महिलाओं की दबी हुई इच्छाओं से जुड़ी है, जिसे परिवार के साथ देखना काफी अजीब हो सकता है.
Add as Preferred Source on Google
3. फायर: दीपा मेहता की यह टाइमलेस फिल्म 1996 में रिलीज होने पर देश भर में हंगामा मचा दिया था. उस समय शबाना आजमी और नंदिता दास के बीच लेस्बियन रिश्ते को इंडियन कल्चर के खिलाफ माना गया था. फिल्म के पोस्टर जलाए गए और थिएटर में तोड़फोड़ की गई. आज, यह फिल्म कई OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, लेकिन इसकी बोल्डनेस इसे अभी भी प्राइवेट वॉच फिल्म बनाती है.
4. वॉटर: दीपा मेहता की ‘एलिमेंट्स’ सीरीज की यह तीसरी फिल्म विधवाओं की दुर्दशा पर आधारित थी. फिल्म को शूटिंग के दौरान काफी विरोध का सामना करना पड़ा और इसे भारत में रिलीज होने में काफी समय लगा. हालांकि इसमें सेक्सुअल कंटेंट कम है, लेकिन इसकी डार्क थीम और विधवाओं के शोषण को दिखाने वाले सीन बच्चों या बड़ों के साथ देखने के लिए बहुत कठोर हो सकते हैं.
5. एंग्री इंडियन गॉडेसेस: इसे भारत की पहली ‘फीमेल बडी’ फिल्म माना जाता है. फिल्म में दोस्तों के बीच बातचीत, गालियां और बोल्ड थीम इतने ज्यादा थे कि सेंसर बोर्ड ने इसे सेंसर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. OTT प्लेटफॉर्म पर जो वर्जन अवेलेबल है, उसमें वे सभी टैबू शब्द और सीन हैं जो आपको आपके परिवार के सामने शर्मिंदा कर सकते हैं.
6. लोव: यह फिल्म दो आदमियों के बीच प्यार और स्ट्रगल की एक हल्की लेकिन बोल्ड कहानी है. मेनस्ट्रीम थिएटर्स ने इस फिल्म को इसलिए नहीं दिखाया क्योंकि इसकी कहानी ट्रेडिशनल ‘मसाला’ फिल्मों से बहुत अलग और बोल्ड थी. इसमें दिखाए गए इमोशनल और फिजिकल रिश्ते इसे सिर्फ बड़ों के लिए सही बनाते हैं.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
April 21, 2026, 16:46 IST



