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376 करोड़ बैंक फ्रॉड केस में बड़ी कार्रवाई, भारत से USA तक 112.90 करोड़ की 22 संपत्तियां अटैच

Last Updated:July 08, 2026, 08:56 IST

ED Jaipur Action: ईडी ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देशभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 112.90 करोड़ रुपये की 22 संपत्तियां अटैच की हैं. इनमें भारत के कई राज्यों के साथ अमेरिका के टेक्सस स्थित ह्यूस्टन की एक संपत्ति भी शामिल है. एजेंसी के मुताबिक मै. लील इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के प्रमोटर भरत राज पुंज और अन्य के खिलाफ जांच जारी है. आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एसबीआई और आईडीबीआई बैंक से ऋण लेकर करीब 376 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई. ईडी मामले में धन के प्रवाह और अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रही है.

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376 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में बड़ी कार्रवाई, अमेरिका तक पहुंची ED की जांचZoomईडी ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देशभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 112.90 करोड़ रुपये की 22 संपत्तियां अटैच की

जयपुर. प्रवर्तन निदेशालय के जयपुर जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में देशभर में व्यापक कार्रवाई करते हुए मै. लील इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (पूर्व नाम मै. लॉयड इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड) की 112.90 करोड़ रुपये मूल्य की 22 चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है. ईडी की कार्रवाई एक साथ कई राज्यों में की गई. इसमें दिल्ली, उत्तराखंड, गुजरात, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में स्थित संपत्तियां शामिल हैं.

ईडी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में जमीन, औद्योगिक प्लॉट, आवासीय प्रॉपर्टी और अन्य अचल परिसंपत्तियां शामिल हैं. खास बात यह है कि जब्त की गई संपत्तियों में अमेरिका के टेक्सस राज्य के ह्यूस्टन शहर में स्थित एक संपत्ति भी शामिल है, जिससे इस मामले के अंतरराष्ट्रीय पहलू भी सामने आए हैं. ईडी के मुताबिक यह कार्रवाई कंपनी के प्रमोटर भरत राज पुंज और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है.

112.90 करोड़ के कुल 22 संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच

जांच में आरोप है कि कंपनी के पदाधिकारियों ने फर्जी दस्तावेजों और कथित रूप से गलत वित्तीय जानकारी का इस्तेमाल कर विभिन्न बैंकों से ऋण हासिल किया और बाद में उसका दुरुपयोग किया. ईडी के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी से भारतीय स्टेट बैंक और आईडीबीआई बैंक को लगभग 376 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा. मामला बैंक ऋण में कथित अनियमितताओं, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है. इसी आधार पर संबंधित एजेंसियों की शिकायत के बाद ईडी ने धन शोधन का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.ईडी की जांच में सामने आए सबूतों के आधार पर देश के विभिन्न राज्यों में स्थित कंपनी और उससे जुड़े लोगों की संपत्तियों की पहचान की गई. इसके बाद 112.90 करोड़ रुपये मूल्य की कुल 22 संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया.

ईडी की जांच अभी जारी है

ईडी अब इस मामले में धन के प्रवाह, संपत्तियों के अधिग्रहण और कथित वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है. ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और मामले में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है. यदि जांच में अन्य संपत्तियों या व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह कार्रवाई बैंकिंग धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में ईडी की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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