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तिरुपति जाना होगा आसान, बुलेट ट्रेन से कम समय में पहुंचेंगे आप
Last Updated:June 26, 2026, 19:51 IST
तिरुपति जाने वालों के लिए अच्छी खबर है. जल्द ही श्रद्धालु कम समय में और हवाई जहाज जैसी सुविधाओं के साथ तिरुपति पहुंच सकेंगे. भारतीय रेलवे लोगों की सुविधा के लिए यहां पर बुलेट ट्रेन चलाने जा रही है. चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद से बुलेट ट्रेन चलेगी. इसके रूट और स्टेशन तय हो गए हैं. आप भी जानें इनके नाम.
तिरुपति जाने वालों के लिए अच्छी खबर है. जल्द ही श्रद्धालु कम समय में और हवाई जहाज जैसी सुविधाओं के साथ तिरुपति पहुंच सकेंगे. भारतीय रेलवे लोगों की सुविधा के लिए यहां पर बुलेट ट्रेन चलाने जा रही है. चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद से बुलेट ट्रेन चलेगी. इसके रूट और स्टेशन तय हो गए हैं. सांकेतिक फोटो
हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई को कनेक्ट करने के वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाने की तैयारी है.नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है. प्रोजेक्ट पूरा होने पर दक्षिण भारत के प्रमुख शहर बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ जाएंगे, जिससे लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक और कम समय में पूरी हो सकेगी. सांकेतिक फोटो
<br />प्रस्तावित 760.09 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का सबसे बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश से होकर गुजरेगा. राज्य में करीब 518.54 किलोमीटर लंबा रूट बनाया जाएगा, जबकि तेलंगाना और तमिलनाडु में इसका शेष हिस्सा होगा. इस प्रोजेक्ट से आंध्र प्रदेश दक्षिण भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का खास केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
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<br />हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत कुल 18 स्टेशनों का प्रस्ताव है. इनमें आंध्र प्रदेश के अमरावती, गुंटूर, नेल्लोर और तिरुपति जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं. इन स्टेशनों के माध्यम से यात्रियों को तेज और मार्डन ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी. साथ ही, राज्य के विभिन्न शहरों के बीच कनेक्टीविटी मजबूत होने की संभावना है. सांकेतिक फोटो
राज्य सरकार के प्रस्ताव पर चित्तूर और तिरुपति के बीच लगभग 65 किलोमीटर लंबे विशेष हाई-स्पीड लिंक कॉरिडोर की बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. एनएचएसआरसीएल ने इसके लिए सर्वे और डीपीआर तैयार करने की अनुमति दे दी है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए रेल मंत्रालय के पास भेजा जाएगा. सांकेतिक फोटाे
यदि चित्तूर-तिरुपति हाई-स्पीड लिंक तैयार हो जाता है तो बेंगलुरु, चित्तूर, तिरुपति और अमरावती के बीच सीधी बुलेट ट्रेन सर्विस संभव हो सकेगी. इससे यात्रियों को कम समय में लंबी दूरी तय करने का विकल्प मिलेगा. साथ ही विभिन्न प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी.
प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. विशेष रूप से तिरुपति और तिरुमाला आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तेज यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा. बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में इकोनॉमिक एक्टीविटी बढ़ने की संभावना भी है.
प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों को सर्वे और डीपीआर जल्दी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार चाहती है कि जमीन अधिग्रहण और टेक्नीकल अप्रूवल से जुड़े काम समय पर पूरे हों. रिपोर्ट तैयार होने के बाद आगे की अप्रूवल और प्रोजेक्ट पर काम की प्रक्रिया शुरू होगी. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के जरिए आंध्र प्रदेश में मार्डन ट्रांसपोर्ट विकसित करने की तैयारी की जा रही है.
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