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Button Mushroom Farming Tips | बटन मशरूम की खेती का समय | Button Mushroom Farming Time and Temperature

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क्या आप भी शुरू करना चाहते हैं मशरूम की खेती? गर्मियों में पड़ सकती है भारी

Last Updated:April 19, 2026, 10:40 IST

Button Mushroom Farming Tips: अजमेर के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बटन मशरूम की खेती के लिए अक्टूबर से फरवरी का समय सबसे अनुकूल है. गर्मियों में बिना तापमान नियंत्रण के इसकी खेती करना नुकसानदेह हो सकता है. कंपोस्टिंग की तैयारी 15 सितंबर से शुरू होनी चाहिए. फसल के विकास के लिए 15 से 22 डिग्री सेल्सियस का तापमान अनिवार्य है. सही समय और वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.

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Button Mushroom Farming Tips: अजमेर सहित राजस्थान के कई हिस्सों में किसान और नए उद्यमी अब मशरूम उत्पादन की ओर आकर्षित हो रहे हैं. लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना उचित जानकारी और तापमान नियंत्रण के बटन मशरूम की खेती करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है. बटन मशरूम एक ऐसी फसल है जो पूरी तरह से वातावरण की ठंडक और आर्द्रता पर निर्भर करती है. यदि तापमान अनुकूल नहीं होता है, तो न केवल मशरूम की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि पूरी फसल खराब होने का डर बना रहता है. अक्सर नए किसान जोश में आकर गर्मियों में इसकी शुरुआत कर देते हैं, जो तकनीकी रूप से एक बड़ी गलती साबित होती है.

कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. दिनेश कच्छावा ने बताया कि बटन मशरूम के लिए प्राकृतिक रूप से अक्टूबर से फरवरी तक का समय सर्वोत्तम माना जाता है. इस दौरान उत्तर भारत और राजस्थान के वातावरण में वह ठंडक मौजूद होती है जो मशरूम की कोशिकाओं के विकास के लिए अनिवार्य है. सही समय पर बीजाई करने से किसानों को कृत्रिम रूप से तापमान कम करने के लिए भारी बिजली खर्च नहीं करना पड़ता, जिससे उत्पादन लागत कम और मुनाफा अधिक होता है.

कंपोस्टिंग: सफल खेती की नींवमशरूम उगाने की प्रक्रिया सीधे बीज डालने से शुरू नहीं होती, बल्कि इसके लिए एक महीने पहले कंपोस्ट तैयार करनी पड़ती है. डॉ. कच्छावा के अनुसार, किसानों को 15 सितंबर के आसपास कंपोस्टिंग का कार्य शुरू कर देना चाहिए. गेहूं के भूसे, जिप्सम और विभिन्न उर्वरकों के मिश्रण से तैयार इस खाद को बनने में लगभग 28 से 30 दिन का समय लगता है. अच्छी गुणवत्ता वाली कंपोस्ट ही मशरूम के माइसेलियम को सही पोषण प्रदान करती है.

विकास के विभिन्न चरणों में तापमान की भूमिकाजब कंपोस्ट तैयार होकर बैग में भर दी जाती है और बीज (स्पॉन) डाला जाता है, तब शुरुआती अवस्था में तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए. यह तापमान फफूंद यानी माइसेलियम को तेजी से फैलने में मदद करता है. एक बार जब जाल पूरी तरह फैल जाता है और बटन (मशरूम) बनना शुरू होते हैं, तब तापमान को घटाकर 15 से 20 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर लाना जरूरी होता है. यदि इस चरण में तापमान बढ़ता है, तो मशरूम का आकार छोटा रह जाता है या वे सूखने लगते हैं. इसी तकनीकी बारीकी के कारण इसे ठंडे मौसम की फसल कहा जाता है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें

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Location :

Ajmer,Ajmer,Rajasthan

First Published :

April 19, 2026, 10:40 IST

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