जन्मदिन पर विकेट का जश्न… शिवम दुबे बने इतिहास रचने वाले चौथे भारतीय गेंदबाज, युवराज-जडेजा के क्लब में शामिल

Last Updated:June 26, 2026, 22:19 IST
shivam dube creates history: भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे मौके आए हैं जब खिलाड़ियों ने अपने खास दिनों को मैदान पर शानदार प्रदर्शन के साथ और अधिक यादगार बना दिया. जन्मदिन पर विकेट लेना किसी भी गेंदबाज के लिए एक अनोखा और दुर्लभ पल होता है. शिवम दुबे ने इस विशिष्ट क्लब में एंट्री मारकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया है.
मुंबई के आक्रामक ऑलराउंडर शिवम दुबे (Shivam Dube) ने अपने 33वें जन्मदिन को बेहद खास बना दिया. बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ खेले गए पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारत को एक बड़ी सफलता दिलाई. इस विकेट के साथ ही वह भारत के उन चुनिंदा गेंदबाजों की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने जन्मदिन के दिन इंटरनेशनल क्रिकेट में विकेट चटकाने का गौरव हासिल किया है.
मैच के दौरान शिवम दुबे पूरी तरह से लय में नजर आ रहे थे. उन्होंने आयरलैंड के बल्लेबाज बेंजामिन कैलिट्ज़ को अपनी एक बेहतरीन शॉर्ट-पिच गेंद पर झांसे में लिया. कैलिट्ज़ ने दुबे की इस गेंद पर पुल शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में तैर गई. फाइन लेग पर मुस्तैद खड़े भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने बिना कोई गलती किए एक सुरक्षित कैच लपका और दुबे को जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफा मिल गया.
इस विकेट को लेते ही शिवम दुबे भारत के क्रिकेट इतिहास में अपने जन्मदिन पर विकेट लेने वाले चौथे भारतीय गेंदबाज बन गए. उनसे पहले यह अनोखा कारनामा केवल तीन भारतीय खिलाड़ी ही कर पाए थे. दुबे ने इस उपलब्धि के साथ भारत के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह, मौजूदा स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और जादुई स्पिनर कुलदीप यादव के विशिष्ट क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली.
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इस खास सिलसिले की शुरुआत करने वाले दिग्गजों में युवराज सिंह (Yuvraj Singh) का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. युवराज ने साल 2008 में अपने 27वें जन्मदिन पर श्रीलंका के खिलाफ मोहाली के मैदान पर एक अविस्मरणीय प्रदर्शन किया था. उन्होंने न केवल गेंद से विरोधी टीम को पस्त किया, बल्कि बल्ले से भी ऐसी तबाही मचाई कि श्रीलंकाई टीम के पास इसका कोई जवाब नहीं था. यह मैच युवराज के करियर के सबसे यादगार जन्मदिनों में से एक बन गया.
मोहाली के उस मुकाबले में युवराज सिंह ने अपनी स्पिन गेंदबाजी का जलवा बिखेरते हुए केवल तीन ओवरों में 23 रन देकर श्रीलंका के तीन महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया था। इसके बाद जब वह बल्लेबाजी करने उतरे, तो उन्होंने मैदान के चारों तरफ चौके-छक्कों की बरसात कर दी. युवी ने महज 25 गेंदों पर नाबाद 60 रनों की आतिशी पारी खेली और भारत को छह विकेट से एकतरफा जीत दिलाकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया.
भारतीय टीम के भरोसेमंद ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने भी अपने जन्मदिन को बेहद खास अंदाज में मनाया था. उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए तीन मैचों की सीरीज के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में यह कारनामा किया था. उस दिन जडेजा अपना 30वां जन्मदिन मना रहे थे और उन्होंने मैदान पर कदम रखते ही अपनी सटीक गेंदबाजी से विंडीज बल्लेबाजों को बांधकर रख दिया.
अपने 30वें जन्मदिन पर रवींद्र जडेजा ने अपने कोटे के पूरे चार ओवर फेंके और बेहद किफायती रहते हुए मात्र 30 रन खर्च किए. इस दौरान उन्होंने वेस्टइंडीज का एक बड़ा विकेट भी चटकाया, जिसने मैच का रुख भारत की तरफ मोड़ दिया. भारत ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को छह विकेट से शिकस्त दी और जडेजा के जन्मदिन के जश्न को जीत के साथ दोगुना कर दिया.
इस पूरे रिकॉर्ड में जो नाम सबसे ज्यादा चमकता है, वह है कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव का (Kuldeep Yadav). कुलदीप भारत के इकलौते ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग मौकों पर अपने जन्मदिन के दिन विकेट लेने का करिश्मा किया है. उनकी जादुई स्पिन के सामने विरोधी बल्लेबाज अक्सर बेबस नजर आए हैं, और जब मौका उनके जन्मदिन का हो, तो कुलदीप का हौसला और ज्यादा बुलंद हो जाता है.
कुलदीप यादव ने पहली बार यह कारनामा साल 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग में किया था. अपने 27वें जन्मदिन पर कुलदीप ने ऐसी कातिलाना गेंदबाजी की कि दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए. उन्होंने सिर्फ 2.5 ओवर गेंदबाजी की और महज 17 रन देकर 5 बल्लेबाजों को आउट किया। इस ‘फाइव-विकेट हॉल’ की बदौलत भारत ने उस मैच में धमाकेदार जीत दर्ज की थी.
ठीक एक साल बाद, दक्षिण अफ्रीका की टीम जब भारत दौरे पर थी, तब कुलदीप ने धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर अपना 31वां जन्मदिन मनाया. इस मैच में भी उन्होंने अपने जन्मदिन के इतिहास को दोहराया और दो ओवरों में केवल 12 रन देकर दक्षिण अफ्रीका के दो अहम विकेट चटकाए. भारत ने यह मैच सात विकेट से जीता. इस तरह कुलदीप ने लगातार दूसरे साल अपने जन्मदिन को विकेट और जीत के साथ यादगार बनाकर एक ऐसा रिकॉर्ड स्थापित कर दिया, जिसे तोड़ना किसी भी गेंदबाज के लिए एक बड़ी चुनौती होगी.



