Churu Digital Arrest Cyber Fraud

Last Updated:May 11, 2026, 13:05 IST
Churu Digital Arrest Cyber Fraud: चूरू पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ₹74 लाख की ठगी करने वाले आरोपी रवि कुमार पटेल को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने सिद्धमुख निवासी संतलाल को पुलिस अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी थी. ठगों ने सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई के फर्जी दस्तावेज भेजकर पीड़ित को डराया और आरटीजीएस के जरिए ₹74 लाख ट्रांसफर करवा लिए. पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है.
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चूरू साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ₹74 लाख की ठगी का आरोपी अहमदाबाद से गिरफ्तार.
Churu Digital Arrest Cyber Fraud: राजस्थान के चूरू जिले में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस गिरोह के एक अहम सदस्य रवि कुमार पटेल को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है. इस शातिर गिरोह ने एक साधारण व्यक्ति को कानून और गिरफ्तारी का डर दिखाकर करीब ₹74 लाख की बड़ी राशि ऐंठ ली.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिद्धमुख क्षेत्र के न्यांगल बड़ी निवासी संतलाल प्रजापत ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई थी. पीड़ित ने बताया कि उसे अज्ञात व्यक्तियों ने व्हाट्सएप कॉल किया और खुद को दिल्ली स्थित एक बैंक का अधिकारी और बड़ा पुलिस अफसर बताया. आरोपियों ने पीड़ित को डराया कि उसके नाम से आईसीआईसीआई बैंक में एक खाता खुला है, जिसके जरिए ₹68 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स की तस्करी की गई है.
फर्जी नोटिस और डिजिटल अरेस्ट का जालपीड़ित को पूरी तरह अपने जाल में फंसाने के लिए ठगों ने उसे सुप्रीम कोर्ट के फर्जी नोटिस, सीबीआई (CBI) की फर्जी एफआईआर और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के लेटरहेड पर तैयार दस्तावेज भेजे. उसे कैमरे के सामने रहने और कहीं भी न जाने की हिदायत दी गई, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है. इस कानूनी कार्रवाई के डर से संतलाल इतना घबरा गया कि उसने आरोपियों की हर बात मान ली.
आरटीजीएस (RTGS) के जरिए हड़पे लाखों रुपएजांच और केस रफा-दफा करने के नाम पर ठगों ने पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने को कहा. झांसे में आकर संतलाल ने 11 अप्रैल 2025 को बैंक ऑफ महाराष्ट्र में ₹24 लाख, 22 अप्रैल को इंडसइंड बैंक में ₹30 लाख और 24 अप्रैल को एक अन्य खाते में ₹20 लाख ट्रांसफर कर दिए. कुल मिलाकर ठगों ने ₹74,01,100 की चपत लगा दी. जब आरोपियों ने फोन उठाना बंद किया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ.
पुलिस की त्वरित कार्रवाईमामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी निश्चय प्रसाद के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने बैंक खातों के ट्रांजैक्शन और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया, जिससे आरोपी रवि कुमार पटेल का सुराग मिला. पुलिस टीम ने अहमदाबाद में दबिश देकर उसे दबोच लिया. इस पूरी कार्रवाई में कांस्टेबल राकेश कुमार, सुनील कुमार और कैलाश चन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Churu,Churu,Rajasthan



