सेवा और अध्यात्म का संगम! भरतपुर आश्रम में बना हेल्थ-फ्रेंडली परिक्रमा मार्ग, नवग्रह वाटिका ने खींचा ध्यान

Last Updated:June 16, 2026, 11:08 IST
Apna Ghar Ashram Bharatpur: अपना घर आश्रम भरतपुर ने सेवा और अध्यात्म के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है. आश्रम में प्रभु प्रकल्प परिक्रमा मार्ग और नवग्रह वाटिका परिक्रमा का निर्माण किया गया है, जो आध्यात्मिक शांति और स्वास्थ्य लाभ का केंद्र बन गया है. लगभग 1.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर एक्यूप्रेशर टाइल्स लगाई गई हैं, जिन पर चलने से शरीर को प्राकृतिक उपचार मिलता है और मानसिक तनाव कम होता है. वहीं नवग्रह वाटिका में औषधीय पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संतुलन और धार्मिक महत्व दोनों को दर्शाता है. यह पहल न केवल आश्रम में रह रहे लोगों के लिए लाभकारी है, बल्कि समाज को भी स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक करती है. आश्रम प्रबंधन का उद्देश्य सेवा, साधना और प्रकृति को एक साथ जोड़कर एक सकारात्मक और स्वस्थ समाज का निर्माण करना है.
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भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर में मानव सेवा को ईश्वर सेवा का स्वरूप मानकर कार्य कर रहा अपना घर आश्रम एक बार फिर नवाचार के साथ सामने आया है.आश्रम परिसर में प्रभु प्रकल्प परिक्रमा मार्ग और नवग्रह वाटिका परिक्रमा का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जो सेवा आध्यात्मिकता और स्वास्थ्य का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है. यह पहल न केवल आश्रम में निवासरत प्रभुजियों के लिए उपयोगी है.बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश दे रही है.
करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस परिक्रमा मार्ग को विशेष रूप से इस तरह तैयार किया गया है कि यहां चलने वाले लोगों को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ भी मिल सके. मार्ग पर एक्यूप्रेशर टाइल्स लगाई गई है, जिन पर नंगे पांव चलने से शरीर के विभिन्न हिस्सों पर दबाव पड़ता है. यह प्राकृतिक चिकित्सा का कार्य करता है. इससे रक्त संचार बेहतर होता है और मानसिक तनाव में भी कमी आती है.
नवग्रह वाटिका में औषधीय पौधे भी लगाए गए हैं
आश्रम में नवग्रह वाटिका का निर्माण भी किया गया है. जहां वैदिक परंपरा के अनुसार, नौ ग्रहों से संबंधित पौधों का रोपण किया गया है. यह वाटिका न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. हर पौधा अपने विशेष औषधीय और पर्यावरणीय गुणों के लिए जाना जाता है. यही वजह है कि परिसर का वातावरण भी शुद्ध और संतुलित बना रहेगा. आश्रम प्रबंधन के अनुसार, इस पूरी परियोजना का उद्देश्य सेवा के साथ-साथ साधना और स्वास्थ्य को एक मंच पर लाना है. यहां रहने वाले प्रभुजियों को नियमित रूप से परिक्रमा के माध्यम से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और बेहतर स्वास्थ्य का लाभ मिलेगा.
मानव सेवा के क्षेत्र में अलग पहचान बना चुका है अपना घर आश्रम
यह पहल समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामूहिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगी. अपना घर आश्रम भरतपुर पहले से ही मानव सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है. अब प्रभु प्रकल्प परिक्रमा मार्ग और नवग्रह वाटिका के माध्यम से यह आश्रम एक सेवा-आधारित आध्यात्मिक केंद्र के रूप में देशभर में नई मिसाल पेश कर रहा है. यह पहल दर्शाती है कि सेवा, आध्यात्मिकता और प्रकृति के संतुलन से ही एक स्वस्थ और सकारात्मक समाज का निर्माण संभव है.About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Location :
Bharatpur,Rajasthan



