‘लखदातार की जय’ से गूंजा बस्सी, कल्याण मंदिर से रवाना हुई श्याम भक्तों की साइकिल यात्रा

Last Updated:August 08, 2026, 13:32 IST
Khatu Shyam Yatra: बस्सी के कल्याण मंदिर से हर साल की तरह इस बार भी 31वीं साइकिल यात्रा हर्षोल्लास के साथ निकाली गई. मंत्रोच्चर के बीच विधिवत पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ किया. इसके बाद बड़ी संख्या में श्याम भक्त गाजे-बाजे और भजनों की धुन पर खाटू श्याम के दर्शन के लिए साइकिलों से रवाना हुए. यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर भक्तों का स्वागत किया. ‘हारे के सहारे लखदातार की जय’ और ‘शीश के दानी की जय’ के जयकारों से पूरा बस्सी भक्तिमय नजर आया. यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखते ही बन रही थी.
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बस्सी से खाटू श्याम के लिए निकली 31वीं साइकिल यात्रा,
बस्सी (जयपुर ग्रामीण): बस्सी कस्बे के ऐतिहासिक कल्याण मंदिर से शनिवार को खाटू श्याम धाम के लिए 31वीं साइकिल यात्रा भक्तिभाव के साथ निकाली गई. यात्रा की शुरुआत से पूर्व कल्याण मंदिर परिसर में पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद ‘हारे के सहारे लखदातार की जय’ और ‘शीश के दानी की जय’ के गगनभेदी जयकारों और गाजे-बाजे के साथ श्याम भक्तों ने अपनी मंजिल की ओर कदम बढ़ाए.
साइकिल यात्रा जैसे ही कल्याण मंदिर से रवाना होकर बस्सी कस्बे के मेन बाजारों और रास्तों से निकली, वहां का नजारा अद्भुत हो गया. जगह-जगह पर स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और श्याम भक्तों ने यात्रियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया. यात्रियों के लिए कई स्थानों पर जलपान और फलाहार की व्यवस्था भी की गई. पूरे कस्बे का माहौल भक्तिमय हो गया और हर कोई बाबा श्याम की भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आया.
तीन दशकों से जारी है भक्ति की यह अनूठी परंपरायात्रा के अध्यक्ष भानु पोलिया ने बताया कि कल्याण मंदिर से खाटू धाम के लिए साइकिल यात्रा का यह लगातार 31वां वर्ष है. पिछले तीन दशकों से भी अधिक समय से यह परंपरा चली आ रही है. प्रतिवर्ष साइकिल यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जो श्रद्धालुओं की बाबा श्याम के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा को दर्शाती है.
श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साहस्थानीय निवासी एवं समाजसेवी गौरव खंडेलवाल ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हर साल की तरह इस बार भी यात्रा को लेकर कस्बेवासियों और युवा श्याम भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला. श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते और बाबा का ध्वज (निशान) लहराते हुए अत्यंत हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ खाटू श्याम धाम के लिए रवाना हुए हैं. यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और एकजुटता का संदेश भी देती है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 08, 2026, 13:32 IST



