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Data Engineer Salary India: कभी 41 हजार थी सैलरी, आज 1 करोड़ से ज्यादा कमा रहे हैं शशांक मिश्रा

नई दिल्ली (Data Engineer Salary India). तकनीक की दुनिया में करियर के ढेरों अवसर मौजूद हैं. डेटा इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे सेक्टर्स में बहुत तेजी से बूम आया है. कॉलेज पास करने के बाद हर स्टूडेंट के मन में शुरुआती पैकेज को लेकर सवाल होता है. टेक मार्केट में कंपनियों के अपने अलग पैमानें हैं. यहां सर्विस-बेस्ड कंपनियों से लेकर प्रोडक्ट-बेस्ड और MNCs तक में सैलरी का स्ट्रक्चर बिल्कुल अलग होता है.

जॉब मार्केट में जगह बनाने के लिए सिर्फ डिग्री या कोडिंग आना ही काफी नहीं है. सही समय पर सही स्किल्स अपनाना, खुद को लगातार अपडेट रखना और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर काम करना ही असली गेमचेंजर साबित होता है. टेक प्रोफेशनल्स के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि मार्केट में किस रोल के लिए क्या पैकेज चल रहा है और टॉप कंपनियों तक पहुंचने का रास्ता क्या है. एनआईटी से पासआउट शशांक मिश्रा ने करियर के लिए ऐसी स्ट्रैटेजी बनाई कि उन्हें 1 करोड़ का पैकेज मिल गया.

शशांक मिश्रा ने ऑर्डिनरी से एक्सट्रा ऑर्डिनरी तक का रास्ता कैसे तय किया?

सफलता की बात करें तो किताबों में लिखी थ्योरी से ज्यादा किसी असली इंसान का सफर प्रेरित करता है. शशांक मिश्रा जैसे प्रोफेशनल्स का करियर इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि अगर लगन सच्ची हो और सही दिशा में मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित है. शशांक मिश्रा ने अपने करियर की शुरुआत साधारण पदों से की. उन्होंने लगातार अपस्किलिंग और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स के दम पर टेक इंडस्ट्री में बड़ा मुकाम हासिल किया है.

साधारण शुरुआत से 1 करोड़ के पैकेज तक का सफर
टेक वर्ल्ड में खुद को साबित करना और बुलंदी पर पहुंचना हर इंजीनियर का सपना होता है. शशांक मिश्रा ने 2014 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीएससी किया था. इसके बाद 2017 में देश के प्रतिष्ठित संस्थान मोती लाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), इलाहाबाद से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में MCA की डिग्री हासिल की. ओपेरा सॉल्यूशंस जैसी सर्विस-बेस्ड कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर उनकी शुरुआती सैलरी 5 लाख रुपये सालाना (यानी करीब 41,000 रुपये महीने) थी.

छोटे से फैसले ने बदली शशांक की किस्मत

करियर के शुरुआती पड़ाव पर हर कोई एक ही लीक पर चलना पसंद करता है. लेकिन शशांक मिश्रा की सोच थोड़ी अलग थी. उन्होंने मार्केट की नब्ज को पहचाना और भांप लिया कि आने वाला दौर डेटा का है. बस, यहीं उन्होंने ऐसा फैसला लिया जिसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी. सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से रुख मोड़कर उन्होंने डेटा इंजीनियरिंग का रास्ता चुना. इस स्मार्ट मूव ने उनके लिए PayTM, अमेजन, एक्सपीडिया, मैकेंजी एंड कंपनी और प्रोफेसी जैसी दिग्गज कंपनियों के दरवाजे खोल दिए.

79 अलग-अलग स्किल्स और लगातार सीखने की जिद

सफलता रातों-रात नहीं मिलती. इसके पीछे कड़ी मेहनत और खुद को अपडेट रखने का जज्बा होता है. शशांक ने कभी भी सीखना बंद नहीं किया. डेटा प्रोसेसिंग, डेटा लेक्स, डेटाबेस, क्लाउड ऑर्केस्ट्रेशन से लेकर मॉडर्न एआई स्किल्स तक, उन्होंने 79 से ज्यादा स्किल्स पर महारत हासिल की. उन्होंने फिनटेक सेक्टर के लिए बड़े पैमाने पर डेटा पाइपलाइंस और रियल-टाइम डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम तैयार किए. उन्होंने साबित कर दिया कि सिर्फ एक डिग्री के सहारे बैठने के बजाय खुद को अपस्किल करना ही सफलता की चाबी है.

आज 1 करोड़ से ज्यादा है सैलरी, लाखों युवाओं के लिए बने मिसाल

कभी महीने के 41000 कमाने वाले शशांक मिश्रा आज टेक इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन चुके हैं. वर्तमान में वह ‘वनहाउस’ में बतौर सीनियर डेटा इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उनका सालाना पैकेज 1 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. उनका सफर उन सभी टेक प्रोफेशनल्स के लिए मिसाल है जो अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं हैं और करियर को आसमान की ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं. यह कहानी सिखाती है कि सही समय पर सही तकनीक अपनाई जाए और मेहनत में कोई कमी न छोड़ी जाए तो सफलता कदम जरूर चूमेगी.

विभिन्न टेक कंपनियों में सैलरी का गणित क्या है?

टेक मार्केट में कंपनियों के प्रकार के हिसाब से पैकेज में काफी अंतर देखने को मिलता है. अगर आप शुरुआती दौर में हैं या कुछ वर्षों का अनुभव है तो सैलरी का स्ट्रक्चर कुछ इस तरह रहता है:

सर्विस-बेस्ड कंपनियां: इन कंपनियों में फ्रेशर्स के लिए आमतौर पर पैकेज 6 से 8 लाख रुपये प्रति वर्ष (LPA) के आस-पास होता है. हालांकि, जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है, सही स्किल्स के दम पर इसमें अच्छी छलांग लगा सकते हैं.
स्टार्टअप्स और मिड-लेवल कंपनियां: आज के डायनामिक स्टार्टअप्स टैलेंटेड प्रोफेशनल्स को शुरुआत में ही 10 से 14 LPA तक का बेहतरीन पैकेज ऑफर कर रहे हैं. यहां सीखने और ग्रो करने के मौके बहुत ज्यादा होते हैं.
बड़ी टेक कंपनियां और प्रोडक्ट एमएनसी: अगर आप टॉप टियर की बड़ी टेक कंपनियों में डेटा इंजीनियर (जैसे L4 लेवल या डेटा इंजीनियर 1) के रूप में चुन लिए जाते हैं तो पैकेज सीधे 40 LPA या उससे भी ऊपर जा सकता है.

अनुभव और अपस्किलिंग का जादू: कैसे बढ़ती है सैलरी?

इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि टेक सेक्टर में सिर्फ डिग्री के भरोसे नहीं बैठा जा सकता. शुरुआती कुछ सालों का अनुभव आपकी किस्मत बदल सकता है. अगर आपके पास केवल 2 साल का ठोस अनुभव और मॉडर्न टूल्स (जैसे डेटा बिल्ड टूल, एडब्ल्यूएस और एआई फ्रेमवर्क्स) की डीप नॉलेज है तो आप सही इंटरव्यू क्रैक करके 25 से 28 LPA तक की सैलरी हासिल कर सकते हैं. यह इस बात का सबूत है कि मार्केट में पैसों की कोई कमी नहीं है, कमी है तो बस काबिलियत और सही समय पर खुद को अपग्रेड करने की.

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