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क्या आप जानते हैं? धौलपुर की पहली राजधानी था यह छोटा सा गांव, जहां से लिए जाते थे बड़े फैसले!

Last Updated:April 22, 2026, 06:48 IST

Dholpur Hindi News: राजस्थान के धौलपुर जिले का छावनी गांव ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसे धौलपुर रियासत के महाराज राना कीरत सिंह ने अपनी पहली राजधानी के रूप में स्थापित किया था. इसी गांव से रियासत के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णय लिए जाते थे. समय के साथ राजधानी स्थानांतरित हो गई, लेकिन छावनी गांव आज भी अपने गौरवशाली अतीत की गवाही देता है. यहां के ऐतिहासिक अवशेष और लोककथाएं उस दौर की समृद्ध संस्कृति और शासन व्यवस्था को दर्शाती हैं. यह स्थान इतिहास प्रेमियों के लिए एक खास आकर्षण बना हुआ है.

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धौलपुर: धौलपुर जाट रियासत के संस्थापक महाराज राना कीरत सिंह ने अपनी राजधानी धौलपुर शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर 1811-12 में छावनी गांव(कीर्ति नगर )में बसाई थी. यहां उन्होंने लाल और सफेद बलुआ पत्थर से भव्य सुंदर महलों का निर्माण करवाया. छावनी गांव उस समय प्रशासन का प्रमुख केंद्र था, जहां से रियासत के अहम फैसले लिए जाते थे. छावनी गांव ऐतिहासिक रूप से धौलपुर रियासत की शुरुआती गतिविधियों और शासन व्यवस्था का मुख्य गढ़ रहा है, जो आज भी उस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है इस छोटे से गांव की रियासत के समय राजधानी बनने की कहानी बहुत ही रोमांचित कर देने वाली है.

इतिहासकार अरविंद शर्मा बताते हैं जब गोहद के महाराज राना कीरत सिंह युद्ध में ग्वालियर के सिंधियों से गोहद को हार गए थे तब 1805 में ईस्ट इंडिया कंपनी और तत्कालीन गवर्नर जनरल सर जॉर्ज बार्लो के साथ हुए समझौते के तहत उन्हें धौलपुर. बाड़ी और राजाखेड़ा जैसे परगने मिले. जिसके बाद धौलपुर जाट रियासत की सुदृढ़ नींव रखी गई1805 से लेकर 1811 तक उन्होंने चंबल के घने बीहड़ों में स्थित इसी शेरगढ़ दुर्ग से शासन का संचालन किया इसी दौरान महाराज राणा कीरत सिंह के पुत्र पहोप सिंह का निधन हो गया था बेटे के निधन के बाद महाराज राणा कीरत सिंह ने निर्णय लिया कि अब वह शेरगढ़ दुर्ग को त्याग कर किसी दूसरी जगह धौलपुर रियासत की राजधानी स्थापित करेंगे.

लाल महल जो स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूनाइतिहासकार अरविंद शर्मा बताते है महाराज राणा कीरत सिंह ने धौलपुर से 4 किलोमीटर दूर 1811-12 में कीर्ति नगर(पुरानी छावनी ) की स्थापना की वर्तमान समय में कीर्ति नगर को पुरानी छावनी कहा जाता है और 1811-12 से लेकर 1836 तक महाराज राणा कीरत सिंह के समय तक कीर्ति नगर धौलपुर रियासत की राजधानी रही और इसी कीर्ति नगर(पुरानी छावनी ) गांव से धौलपुर रियासत के सभी अहम फैसले लिए जाते थे महाराज राणा कीरत सिंह ने कीर्ति नगर यानी की पुरानी छावनी में अपने रहने के लिए धौलपुर के लाल सफेद बलुआ पत्थर से कई ऐतिहासिक महलों का निर्माण कराया जिनमें से एक खास महल है लाल महल जो स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है.

धौलपुर रियासत के अहम फैसले लिए जातेइतिहासकार अरविंद शर्मा कहते हैं लाल महल आज भी महाराज राणा कीरत सिंह के अस्तित्व को जिंदा रख रहा है महाराज राणा कीरत सिंह ने कीर्ति नगर यानी की पुरानी छावनी में कई ऐतिहासिक पानी की बावड़ी, कुओं का निर्माण कराया था इन बावड़ी और कुओं से राजधानी कीर्ति नगर (पुरानी छावनी )को पानी मिलता था यह ऐतिहासिक महल,बावड़ी, कुएँ आज भी धौलपुर रियासत की राजधानी रही कीर्ति नगर के अतीत की गवाही दे रहे हैं. महाराज राना कीरत सिंह ने कीर्ति नगर में भगवान श्री राम और हनुमान जी के ऐतिहासिक मंदिरों का निर्माण भी करवाया था महाराज राना कीरत सिंह के समय बने यह महल और मंदिर इस बात का प्रमाण है की महाराज राणा कीरत सिंह स्थापत्य कला में विद्वान थे जिनके शासनकाल में इतने भव्य महलों का निर्माण हो सका. महाराज राणा कीरत सिंह ने 24 से 25 वर्षों तक धौलपुर रियासत की कमान यानी कि धौलपुर रियासत की राजधानी कीर्ति नगर को ही बनाए रखा और यहीं से धौलपुर रियासत के अहम फैसले लिए जाते थे.

सैन्य शक्ति को काफी मजबूत कियाइतिहासकार अरविंद शर्मा कहते हैं महाराज राना कीरत सिंह यह सोचते थे कि समय आने पर वह धौलपुर से पुनः अपने पैतृक रियासत गोहद जाकर ही राज करेंगे इसलिए उन्होंने कीर्ति नगर में ज्यादा महलों का निर्माण नहीं कराया था इसलिए ही महाराज राना कीरत सिंह ने कीर्ति नगर यानी की पुरानी छावनी में अस्थाई महलों का ही निर्माण कराया था पर रियासत के समय महाराज राणा कीरत सिंह को वापस गोहद जाने का मौका नहीं मिल पाया और 1835 में महाराज राना कीरत सिंह का निधन कीर्ति नगर में ही हो गया था लेकिन कीर्ति नगर का स्थापत्य और उसके लाल पत्थर के महल आज भी भव्य और बेजोड़ हैं आज भी यह महल इस बात की गवाही देते हैं की कीर्ति नगर महाराज राणा कीरत सिंह के समय धौलपुर रियासत की राजधानी रही थी इसी कीर्ति नगर में महाराज राणा कीरत सिंह ने हनुहंकार तोप का निर्माण करवाया था और अपनी सैन्य शक्ति को काफी मजबूत किया था.

छोटा सा गांव राजधानी हुआ करती थीकीर्ति नगर यानी की पुरानी छावनी वर्तमान समय में धौलपुर जिले का एक गांव है जिसमें हजारों की आबादी निवास करती है और यह गांव आज भी एक हेरिटेज गांव के रूप में जाना जाता है क्योंकि इस गांव में बने महल और ऐतिहासिक मंदिर इस बात की गवाही देते हैं की रियासत के समय यह छोटा सा गांव राजधानी हुआ करती थी और इस छोटे से गांव से धौलपुर रियासत के बड़े-बड़े फैसले लिए जाते थे.

About the AuthorJagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें

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Location :

Dhaulpur,Rajasthan

First Published :

April 22, 2026, 06:48 IST

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