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राजस्थान के डॉ. ईशान शिवानंद को मिला नॉटिलस गोल्ड अवार्ड, ‘द प्रैक्टिस ऑफ इम्मोर्टलिटी’ ने बनाई ग्लोबल पहचान

Last Updated:July 10, 2026, 18:42 IST

राजस्थान की माटी से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य शोधकर्ता और शिवयोग आचार्य डॉ. ईशान शिवानंद ने अपनी पुस्तक ‘द प्रैक्टिस ऑफ इम्मोर्टलिटी’ के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है. उनकी इस किताब को प्रतिष्ठित नॉटिलस गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया है. 15 देशों में बेस्टसेलर बनी यह पुस्तक पूर्वी अध्यात्म की श्रेणी में वैश्विक पहचान हासिल कर चुकी है.

राजस्थान के लोग अपनी कला और लेखन से दुनियाभर में अपनी पहचान बना रहे हैं, जिनमें कुछ ऐसे भी व्यक्तित्व के धनी हैं जिनके ज्ञान का डंका सिर्फ भारत में नहीं बल्कि विदेशों तक हैं. ऐसे भी राजस्थान की माटी से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य शोधकर्ता और शिवयोग आचार्य डॉ. ईशान शिवानंद जिनके द्वारा लिखी गई किताब ‘द प्रैक्टिस ऑफ इम्मोर्टलिटी’ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतिहास रच दिया है. डॉ. ईशान शिवानंद की इस किताब को अमेरिका का प्रतिष्ठित ‘नॉटिलस गोल्ड अवार्ड’ से सम्मानित किया हैं. साथ ही 15 देशों में बनी उनकी यह खास किताब बेस्टसेलर बन चुकी हैं. इसी उपलब्धि के साथ अब वह अंतराष्ट्रीय स्तर पर दलाई लामा और मलाला युसुफजई जैसी दिग्गज हस्तियों की लिस्ट में शामिल हो गए.

हाल ही में आचार्य डॉ. ईशान शिवानंद द्वारा लिखी गई ‘द प्रैक्टिस ऑफ इम्मोर्टलिटी’ बुक के लिए उन्हें ‘स्पिरिचुअलिटी ऑफ ईस्टर्न थॉट’ पूर्वी अध्यात्म कैटेगरी में मिला है. इस अवार्ड की महत्वता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इससे पहले यह सम्मान दलाई लामा, मलाला युसुफजई और एकहार्ट टोले जैसे विश्व-प्रसिद्ध लोगों को मिल चुका है. अब इस ग्लोबल लिस्ट में एक राजस्थानी नाम का जुड़ना राजस्थान के लिए गर्व की बात है.

आचार्य डॉ. ईशान शिवानंद द्वारा लिखी गई बुक ‘द प्रैक्टिस ऑफ इम्मोर्टलिटी’  मई 2025 में इस किताब के छपते ही यह ‘यूएसए टुडे’ की नेशनल बेस्टसेलर बन गई. साथ ही भारत में अमेज़न पर पहले ही हफ़्ते नंबर वन पर पहुंच गई. आज उनकी यह बुक 15 देशों में उपलब्ध है जिसका हिंदी, अंग्रेजी और मराठी समेत सात भाषाओं में अनुवादित है. उनकी इस किताब की लगातार लोगों में डिमांड बढ़ रही हैं, लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रूप में उनकी इस किताब को खरीद रहे हैं.

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राजस्थान के आचार्य डॉ. ईशान शिवानंद को ‘नॉटिलस गोल्ड अवार्ड’ ही नहीं बल्कि उनके लोगों से जुड़े समाज सेवा के कार्यों, वैश्विक शिष्टाचार प्रतीक और योगा के क्षेत्र में कई अवार्ड मिल चुके हैं. जिसमें डॉ. ईशान शिवानंद को डॉ. क्लाइड रिवर्स द्वारा वैश्विक शांति और समग्र स्वास्थ्य सेवा में योगदान के लिए वर्ष 2023 के वैश्विक शिष्टाचार प्रतीक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका हैं. इसके अलावा दुनियाभर के गोलमेज सम्मेलन और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मान से वह सम्मानित हो चुके हैं.

अगर बात करें डॉ. ईशान शिवानंद के जीवन की तो उनका जन्म राजस्थान के अलवर जिले में एक अत्यंत आध्यात्मिक परिवार में हुआ. अपने बचपन के दौरान, ईशान को उनके गुरु द्वारा कठोर शारीरिक प्रशिक्षण और कई वर्षों तक गहन परिवर्तनकारी ध्यान कराया गया, जिसके चलते आज वह एक अग्रणी प्रोफेसर भी हैं, जिन्हें गैर-औषधीय, गैर-आक्रामक ध्यान पद्धतियों में विशेषज्ञता प्राप्त है. डॉ. ईशान शिवानंद ने अपने प्रारंभिक वर्ष भारतीय मठों में बिताए, जहां उन्होंने अपने पिता और गुरु डॉ. अवधूत शिवानंद से गहन योग शिक्षा प्राप्त की. श्वास क्रिया से लेकर प्राचीन मार्शल आर्ट, हर्बल चिकित्सा से लेकर गहन ध्यान साधना तक, ईशान ने 20 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय ज्ञान प्रणालियों के लंबे समय से संरक्षित विज्ञानों में महारत हासिल की. आज सोशल मीडिया पर उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं.

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