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बाड़मेर के गडरारोड में हटा अतिक्रमण, भड़के सरहदी ग्रामीण बोले- जानबूझकर गिराई मस्जिद

Last Updated:June 19, 2026, 06:56 IST

Barmer Border Encroachment: बाड़मेर के सीमावर्ती गडरारोड क्षेत्र के कारकोरी और मालाणा गांवों में प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाते हुए पिछले कुछ सालों में बने भवनों को जमींदोज कर दिया. इस कार्रवाई पर स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि प्रशासन ने जानबूझकर उनकी मस्जिद को गिराया है. हालांकि, विवाद के बीच ग्रामीणों ने अपनी अटूट देशभक्ति जताते हुए कहा कि वे सच्चे राष्ट्रभक्त हैं और देश के लिए सबसे पहले बलिदान देंगे. प्रशासन ने इसे केवल अवैध कब्जे के खिलाफ नियमसंगत कार्रवाई बताया है.

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Barmer Encroachment: बाड़मेर सरहद पर हटा अतिक्रमण, मस्जिद गिराने का आरोपZoomबाड़मेर के गडरारोड में हटा अतिक्रमण, भड़के सरहदी ग्रामीण बोले- जानबूझकर गिराई मस्जिद ( AI Image )

Barmer News: राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर के गडरारोड उपखंड क्षेत्र से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (इंटरनेशनल बॉर्डर) के नजदीक प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है. जिला प्रशासन और स्थानीय राजस्व विभाग की टीम ने सीमावर्ती दो गांवों में भारी पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचकर अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण को पूरी तरह से हटा दिया है. हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बाद सीमांत क्षेत्र के स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया है और उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई के समय और तरीके पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

गडरारोड उपखंड प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सीमावर्ती कारकोरी और मालाणा गांव में की गई है. लंबे समय से प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि इन दोनों गांवों में सरकारी जमीनों (गोचर व अन्य राजकीय भूमि) पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं. इसी के तहत भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू की गई. कार्रवाई के दौरान पिछले कुछ सालों में सरकारी जमीनों पर बिना अनुमति के बनाए गए पक्के व कच्चे भवनों और अन्य निर्माणों को जेसीबी (पीला पंजा) की मदद से पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया.

“जानबूझकर हमारी मस्जिद को गिराया” – स्थानीय लोगों का आरोपइस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सरहद पर तनावपूर्ण शांति का माहौल बना हुआ है. सीमांत क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन के इस एक्शन पर तीखे सवाल उठाए हैं. अल्पसंख्यक समुदाय के स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने द्वेषतापूर्ण रवैया अपनाते हुए कार्रवाई की है. ग्रामीणों ने बेहद भावुक और आक्रोशित लहजे में कहा कि:

“प्रशासन ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर जानबूझकर हमारी पवित्र मस्जिद को निशाना बनाया और उसे गिरा दिया. यह कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफा है.”ग्रामीणों का कहना है कि वे कई दशकों से इस सरजमीं पर शांतिपूर्वक रह रहे हैं, लेकिन बिना किसी उचित समय और पूर्व सूचना के उनके आशियानों और धार्मिक स्थल पर यह कार्रवाई की गई.

“हम राष्ट्रभक्त हैं, देश के लिए सबसे पहले देंगे बलिदान”मस्जिद गिराए जाने के बाद उपजे विवाद के बीच स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के प्रबुद्ध लोगों और युवाओं ने अपनी देशभक्ति को पुरजोर तरीके से देश के सामने रखा है. ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि सरहद पर रहने वाला हर एक नागरिक पक्का राष्ट्रभक्त है.

अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं ने कहा:“हम इस देश की मिट्टी से जुड़े हैं. सरहद पर रहते हुए हम हमेशा देश की सुरक्षा के लिए चौकस रहते हैं. इतिहास गवाह है कि जब भी हमारे मुल्क (भारत) को जरूरत होगी, सरहद का यह अल्पसंख्यक समाज देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने में सबसे आगे खड़ा रहेगा. हमारी देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत है, लेकिन प्रशासन को भी हमारी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था.”प्रशासन का पक्ष: केवल सरकारी जमीनों से साफ हुआ अवैध कब्जाइधर, इस पूरे मामले पर बवाल बढ़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को स्पष्ट किया है. अधिकारियों का कहना है कि यह कोई सांप्रदायिक या किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाकर की गई कार्रवाई नहीं है. यह विशुद्ध रूप से कानून के तहत की गई एंटी-एनक्रोचमेंट (अतिक्रमण विरोधी) मुहिम थी. सीमाई क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त रखना बेहद अनिवार्य है, इसी के तहत कारकोरी और मालाणा में सरकारी चारागाह और राजकीय भूमियों से अवैध निर्माणों को पूरी विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए हटाया गया है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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