पानी से लबालब… यहां सड़क नहीं, सीवरेज नहीं और हर तरफ कीचड़ ही कीचड़! आखिर कब बदलेगी इस मोहल्ले की तस्वीर?

Last Updated:June 16, 2026, 13:53 IST
Road Infrastructure Crisis On Ground Report: शहर के एक मोहल्ले की स्थिति आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की कहानी बयां करती है. यहां न तो सीवरेज व्यवस्था है और न ही पक्की सड़कें. गलियां गहरे गड्ढों, कीचड़ और गंदे पानी से भरी हुई हैं, जिससे लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है. बारिश के दिनों में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं, जब जलभराव और बदबू से पूरा क्षेत्र प्रभावित रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी और दूषित वातावरण के कारण बच्चों और बुजुर्गों में बुखार, त्वचा रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं. स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार शिकायतों और मांगों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है.
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पाली. सोचिए, आसमान में धूप खिली हो, दूर-दूर तक बादलों का नामोनिशान न हो, लेकिन आपके पैर गंदे पानी में डूबे हों! आप सोच रहे होंगे कि भला बिना बारिश के बाढ़ कैसे आ सकती है? लेकिन पाली शहर के बजरंग बाड़ी क्षेत्र के लोग पिछले कई महीनों से इसी नरक जैसी जिंदगी को जीने के लिए मजबूर हैं. इस तरह की तस्वीर प्रशासन के उन दावो की पोल भी खोल देती है जो विकास और जनसुविधाओं के दावे करते है. जहां सीवरेज की बदहाली के कारण मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्ले की अंदरूनी गलियां तक गंदे पानी का तालाब बन चुकी हैं. पाली के बजरंग बाड़ी क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है. आलम यह है कि सड़कों पर हर वक्त सीवरेज का ओवरफ्लो पानी बहता रहता है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का पैदल चलना तक दूभर हो गया है.
पाली के बजरंग बाड़ी क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह ठप होने और सड़कों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है. स्थानीय निवासी अजय सिंह चौहान ने इस गंभीर समस्या पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा इलाका इस समय प्रशासनिक लापरवाही का दंश झेल रहा है. सड़कों पर जगह-जगह सीवरेज का गंदा और बदबूदार पानी जमा है, जिसकी निकासी का कोई उचित जरिया नहीं है.
गंदे पानी से अटी पूरी सडकें आलम यह है कि अभी मानसून की भारी बारिश शुरू भी नहीं हुई है, इसके बावजूद बिना बारिश के ही सड़कें और गलियां गंदे पानी से लबालब भरी हुई हैं. इस दूषित माहौल के कारण पूरे क्षेत्र में स्वच्छता का नामोनिशान मिट चुका है और चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो गया है.
बुजुर्ग और बच्चे हो रहे बीमार गंदे पानी के इस स्थायी ठहराव की वजह से इलाके में मच्छरों का भयंकर आतंक फैल गया है. जगह-जगह पनप रहे मच्छरों और लगातार बढ़ रही गंदगी के कारण घरों में रहने वाले मासूम बच्चे और बुजुर्ग तेजी से मौसमी व गंभीर बीमारियों की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं. स्थानीय लोगों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों के फैलने की आशंका से भारी दहशत का माहौल है.
गड्डो में गिरकर चोटिल हो रहे लोग अजय सिंह चौहान ने बताया कि सीवरेज का यह तेजाबी और गंदा पानी सड़कों को पूरी तरह से तोड़ चुका है, जिससे मुख्य और अंदरूनी रास्तों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. सड़कों की इस बदहाली और जलजमाव के कारण स्थानीय निवासियों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का पैदल चलना तक दूभर हो चुका है. आए दिन राहगीर और वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
शिकायतें की मगर कोई सुनवाई नहीं क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस नरकीय स्थिति को लेकर स्थानीय पार्षद, नगर निगम के अधिकारियों और संबंधित विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है. लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है कि बार-बार गुहार लगाने और शिकायतें दर्ज कराने के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नही दे रहे. स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मानसून की सक्रियता से पहले सीवरेज लाइनों को दुरुस्त नहीं किया गया और सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, तो वे इसका विरोध जताएंगे.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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