फिरोजाबादः लेखपाल साहब! बिना मिट्टी के कैसे चलेगी फैक्ट्री? राजेश बोले उत्पादन का संकट

Last Updated:June 21, 2026, 09:43 IST
फिरोजाबाद के गांव जैदामई में रहने वाले राजेश प्रजापति ने लोकल 18 से बातचीत की और बताया कि वह एक बार पीलीभीत किसी से काम से गए थे. जहां उन्होंने मिट्टी से बर्तन बनाने वाली फैक्ट्री को देखा. इसके बाद सरकार की माटी कला योजना के बारे में भी पता चला. सुहाग नगर स्थित खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में जाकर सम्पर्क किया तो बर्तन बनाने की फैक्ट्री खोलने के लिए 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान की जानकारी हुई. जिसके बाद उन्होंने अपने गांव में इस बड़ी फैक्ट्री को खोला. इस फैक्ट्री में लगभग 12 लाख रुपए की लागत आई है.
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फिरोजाबाद: यूपी सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है.जिसका लाभ लेकर लोग अपने छोटे और बड़े उद्योग स्थापित कर रहे हैं. यूपी के फिरोजाबाद में भी माटी कला योजना के जरिए प्रदेश की दूसरे नंबर की एक बड़ी मिट्टी के बर्तन की फैक्ट्री खोली गई है. इस फैक्ट्री में आठ से ज्यादा मशीन हैं. वहीं यहां दस से ज्यादा मजदूर काम करते हैं. इस फैक्ट्री में ग्लास से लेकर दीपक तक तैयार किए जाते हैं. योजना का लाभ लेकर एक शख्स ने इस फैक्ट्री के जरिए लाखों की कमाई शुरू कर दी है. लेकिन वहीं मिट्टी न मिल पाने की वजह से काम की रफ्तार धीमी भी पड़ रही है. अब अधिकारी भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं.
माटी कला योजना से हो रही थी अच्छी कमाई
फिरोजाबाद के गांव जैदामई में रहने वाले राजेश प्रजापति ने लोकल 18 से बातचीत की और बताया कि वह एक बार पीलीभीत किसी से काम से गए थे. जहां उन्होंने मिट्टी से बर्तन बनाने वाली फैक्ट्री को देखा. इसके बाद सरकार की माटी कला योजना के बारे में भी पता चला. सुहाग नगर स्थित खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में जाकर सम्पर्क किया तो बर्तन बनाने की फैक्ट्री खोलने के लिए 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान की जानकारी हुई. जिसके बाद उन्होंने अपने गांव में इस बड़ी फैक्ट्री को खोला. इस फैक्ट्री में लगभग 12 लाख रुपए की लागत आई है. 8 नई मशीनें हैं जो मिट्टी से बर्तन बनाती हैं. वहीं उन्होंने कहा कि मिट्टी से गिलास,कटोरी,कुल्हड़ और चाय के कप के अलावा दीपक भी बनाते हैं. इन बर्तनों को ऑर्डर पर तैयार किया जाता है. फिरोजाबाद के अलावा आगरा,मथुरा समेत काफी दूर दूर से ऑर्डर मिलते हैं. इस बिजनेस से राजेश प्रजापति का लाखों का टर्नओवर है.
लेखपाल नहीं खरीदने देते मिट्टी, कैसे चलेगी फैक्ट्री
मिट्टी के बर्तन की फैक्ट्री चलाने वाले राजेश प्रजापति ने कहा कि फिरोजाबाद की यह फैक्ट्री यूपी की दूसरे नंबर की सबसे बड़ी फैक्ट्री है. इतनी मशीनें कही पर भी नहीं है. लेकिन इसे चलाने के लिए चिकनी मिट्टी की आवश्यकता होती है और वह गांव और क्षेत्र के आसपास से खरीदकर लानी पड़ती है. प्रजापति ने कहा कि अब इस फैक्ट्री को चलाने में दिक्कत होने लगी है. उनके इलाके के लेखपाल पवन शर्मा ने मिट्टी खरीदने पर रोक लगा दी है. फैक्ट्री में मिट्टी न मिलने पर काम बंद हो रहा है. उन्होंने इसके बारे में कई बार एसडीएम और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड को बताया है लेकिन कोई मदद नहीं मिली है. जिससे अब उनको नुकसान होने की संभावना है. लेखपाल द्वारा रोके जाने के बाद मिट्टी नहीं मिल पा रही है.
About the AuthorRajneesh Kumar Yadav
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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